Big Breaking : “शराबबंदी” पर कांग्रेस विधायक सत्यनारायण शर्मा और बीरगांव नगर पालिका के पूर्व अध्यक्ष डा. ओमप्रकाश देवांगन आमने – सामने : कांग्रेस नेताओं के बार बार बदल रहे बयान से आमजनता और विशेषकर महिलाओं में आक्रोश …

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रायपुर,  ” दो दिन पहले बोले थे कि शराबबंदी करने घोषणापत्र में केवल लिखा गया है   “गंगाजल” की कसम नही खाई थी उनका छत्तीसगढ़ में पूर्ण शराबबंदी को लेकर आज  एक और  नया बयान सामने  आया है। कांग्रेस विधायक और शराबबंदी का सुझाव देने के लिए बनी राजनीतिक समिति के अध्यक्ष सत्यनारायण शर्मा ने कहा कि अगर प्रभावी शराबबंदी करनी है तो उसका एक ही तरीका है कि पूरे देश में इसे बंद कर दिया जाए। अगर एक राज्य में बंद हुआ तो पड़ोसी राज्यों से तस्करी होगी। फिर उसे कौन रोकेगा..?उनका जवाब देते हुए आज बीरगांव नगर पालिका के पूर्व अध्यक्ष डा. ओमप्रकाश देवांगन ने कहा कि अपराध और अवैध कारोबार को रोकना सत्ता में बैठे राज्य सरकार का काम है जो सरकार अपनी जिम्मेदारी से भाग रहे हो उन्हें सरकार में रहने का कोई हक नहीं है   !! राजधानी रायपुर के बांसटाल स्थित अपने निवास में पत्रकारों से बात करते हुए विधायक सत्यनारायण शर्मा ने कहा कि छत्तीसगढ़ के किसी पड़ोसी राज्य में शराबबंदी नहीं है। यहां एकाएक शराबबंदी कर भी दी जाए तो उन राज्यों से अवैध शराब का आना शुरू हो जाएगा। ऐसे में शराब में मिलावट और जहरीली शराब जैसी गंभीर समस्याएं भी खड़ी हो जाएंगी।  उन्होंने शराबबंदी के कुछ उदाहरण भी गिनाते हुए कहा कि हरियाणा में एक बार 21 महीने के लिए शराबबंदी हुई थी। इस दौरान शराब से संबंधित एक लाख से अधिक आपराधिक मामले दर्ज हुए। अवैध शराब की 13 लाख से अधिक बोतलें जब्त हुईं वहीं जहरीली शराब की घटना में 60 लोगों की मौत हुई। बिहार ने 2016 में शराबबंदी की। परिणाम यह हुआ कि उसी साल वहां के गोपालगंज जिले में अवैध शराब पीने की वजह से 15 लोगों की मौत हो गई। बिहार में इस साल 50 से अधिक लोगों की जान जा चुकी है। पिछले साल 39 लोगों की मौत जहरीली शराब पीने की वजह से हुई थी। अवैध शराब बेचने, लाने-ले जाने और पीने के मामले में बिहार में छह लाख 32 हजार लोगों पर केस हुआ है। वहां पूरे प्रदेश में ऊंची दर पर शराब बिक रही है। इसकी वजह से पुलिस में भ्रष्टाचार बढ़ा है। वहां की अदालतों में अवैध शराब के ही ढाई लाख से अधिक केस लंबित हैं जो न्यायपालिका की क्षमता को प्रभावित कर रहे हैं। उन्होंने कहा कि गुजरात जैसे पूर्ण शराबबंदी वाले राज्य में भी करीब 150 लोग जहरीली शराब की वजह से मर गए। शराबबंदी के मुद्दे पर राजनीति ठीक नहीं है। अगर सफल शराबबंदी करनी है तो पूरे देश में एक साथ बंद करना होगा। तभी तस्करी पर भी लगाम लगेगी। इसके जवाब में आज बीरगांव नगर पालिका के पूर्व अध्यक्ष डा. ओमप्रकाश देवांगन ने कहा कि कांग्रेस बरसों पुरानी पार्टी है  देश में और देश के अनेक राज्यों में कांग्रेस की सरकार रही है, आप सबसे वरिष्ठ नेता है,  अनुभवी है जो बातें आज कह रहे हो वो आपको पहले से ही पता था ,  तो  फिर घोषणापत्र में जनता से  वादा क्यूं किये,  शराबबंदी करने का वादा करके महिलाओं और जनता का वोट ले लिये,  सरकार बना लिये,  सरकार बनने से लेकर चार साल तक, आज करेगें,  कल करेगें,  जल्दी करेगें कहकर धोखा देते रहे लेकिन अब शराबबंदी से मुकर रहे हैं ,, चार साल पहले आपने खुद जब भाजपा सरकार थी तब शराबबंदी की मांग को लेकर साइकिल यात्रा निकालकर लोगों और महिलाओं को बेवकूफ क्यों बनाया था,, जब आपकी सरकार है तो वादा निभाने के बजाय आप बहानेबाजी कर रहे हैं, छल कर रहे हैं,  माताओं – बहनों के साथ धोखा कर रहे हैं,  छत्तीसगढ़ प्रदेश और विशेषकर आपके अपने विधानसभा,  रायपुर ग्रामीण विधानसभा की जनता आपको कभी माफ नही करेगी  !! 

भाजपा पर भी हमलावर हुए विधायक…

विधायक सत्यनारायण शर्मा शराबबंदी के मुद्दे को लेकर भाजपा पर भी हमलावर हुए। उन्होंने कहा कि जो भाजपा नेता शराबबंदी का नारा देते हैं वे अपने 15 साल के शासन में इस घोषणा को अमल में क्यों नहीं ला पाए। शर्मा ने कहा, अभी वे लोग गंगाजल यात्रा निकाल रहे हैं। इससे अच्छा होता वे लोग जनता के बीच शराब की बुराई बताने वाली जागरुकता यात्रा निकालते। इस मामले में सामाजिक जागरुकता ही सबसे महत्वपूर्ण है। लोग शराब से दूर होंगे तो इसको बंद करना आसान हो जाएगा। उन्होने कहा कि छत्तीसगढ़ में सरकार शराब को हतोत्साहित कर रही है। अब तक शराब की 50 दुकानें बंद कराई जा चुकी हैं। 49 बीयर बार-रेस्टोरेंट बार बंद हुआ है। राज्य सरकार शराबबंदी को लेकर गंभीर प्रयास कर रही है। विभिन्न राज्याें की शराबनीति का भी अध्ययन जारी है। उनकी अच्छाई-बुराई को परखा जा रहा है। शराबबंदी वाले विभिन्न राज्यों को लिखा गया है, उनकी अनुमति मिलते ही राजनीतिक समिति के लोग वहां जाकर जमीनी स्थिति भी देखेंगे।इसके जवाब में बीरगांव नगर पालिका के पूर्व अध्यक्ष डा. ओमप्रकाश देवांगन ने कहा कि पूर्ण शराबबंदी करने का लिखित  वादा आपने किया था,, वचन आपने दिया था,  घोषणा पत्र आपने जारी किया था,  भाजपा ने नही…,, घोषणापत्र को “गंगाजल” जैसे पवित्र समझने के बजाय “घोषणापत्र” को ऱददी समझने वाले कांग्रेस. नेताओं ने दो दिन पहले कहा था  कि कांग्रेस पार्टी द्वारा पूर्ण शराबबंदी करने घोषणा पत्र में केवल लिखा गया है , उसके लिए हमने   “गंगाजल” की कसम नही खाई थी, इसका मतलब यह हुवा कि कांग्रेस पार्टी और उनके नेता घोषणापत्र को खुद गंभीरता से नहीं लेते तो आगामी चुनाव में जनता और महिलायें कांग्रेस के घोषणा पत्र पर अब भरोसा नहीं करेगी,  उनके इस बयान की चौतरफा किरकिरी हुई तो आज सत्यनारायण शर्मा ने  फिर एक  नया बयान दे दिया  – कि पुरा देश में एक साथ शराब बंद हो,,, डा. देवांगन ने कहा कि रोज रोज झूठ और गुमराह करने वाले बयानों से जनता समझ चुकी है  छत्तीसगढ़ की जनता अब कांग्रेस के “घोषणापत्र” पर कभी भी भरोसा नहीं करेगी , रददी कागज समझेगें क्योकिं कांग्रेस विधायक और शराबबंदी समिति के अध्यक्ष श्री सत्यनारायण शर्मा ने  शराबबंदी करेगें कहकर चार साल गंवा दिये,  जनता को गुमराह किये ,  शराबबंदी की इच्छा शक्ति होती तो जगह जगह नशा मुक्ति केंद्र खोलते,  लोगों को जागरूक करने आप खुद पदयात्रा या साइकिल यात्रा या खुला जीप आटो में बैठकर यात्रा  निकालते  क्योकिं मुख्यमंत्री श्री भुपेश बघेल ने शराबबंदी समिति का आपको अध्यक्ष बनाया है, आपने चार साल कुछ नही किया अब जब चुनाव आ रहा है तो अपनी कमजोरी छिपाने  भाजपा  और दुसरे राज्यों का बहाना कर रहे हो,,  पुरे देश में एक साथ शराबबंदी करने चाहिए कहकर महिलाओं को गुमराह करने का प्रयास कर रहे हो,, आप अपने हर भाषण में ये क्यूं कहते हो कि ” प्राण जाये पर वचन ना जाई… ”  आपने छत्तीसगढ़ में पूर्ण शराबबंदी करने का वचन घोषणा पत्र में क्यूं लिखकर दिये थे,  पुरे प्रदेश में ना सही कम से कम वचन निभाने अपने विधानसभा में ही पूर्ण शराबबंदी कर दीजिए   !!महिलाओं के साथ कांग्रेस ने युवाओं को भी दिया धोखा…बेरोजगारी भत्ता देने  घोषणा पत्र के बिंदूओ में शामिल नहीं किया तो फिर घोषणा पत्र के  हैडिंग में क्यों लिखा – जवाब दें  …

डा. ओमप्रकाश देवांगन ने कहा कि ये लाखों शिक्षित बेरोजगार युवाओं के साथ चीटिंग है,  धोखा है,  “फ्रॉड है , कांग्रेस सरकार ने लाखों युवाओं को ठग दिया,  डा.  देवांगन ने कहा कि घोषणापत्र के  36 बिंदुओं में शामिल नहीं है तो फिर उसी घोषणा पत्र के हैडिंग में बड़े बडे अक्षरों में सभी शिक्षित बेरोजगार युवाओं को  2500 हर महीने बेरोजगारी भत्ता देने की बात क्यों लिखा गया,   ” है किसी कांग्रेसी में दम जो इसका मतलब बता सके”…!!