Big Breaking : जीत गई बीरगांव की जनता : पानी टंकी बुधवारी बाजार के बजाय अनयत्र बनाने नागपुर से बुलायेगें इंजीनियर ….आयुक्त

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रायपुर  : छत्तीसगढ़ महतारी अधिकार मंच के अध्यक्ष श्री बेदराम साहू ने बताया कि बीरगांव के बुधवारी बाजार में पानी टंकी के निर्माण को लेकर कांग्रेसी सत्ता के खिलाफ लोगों का जनसैलाब आज सड़क पर उमड गया, सैकड़ों महिला पुरूषों ने निगम कार्यालय का घेराव कर दिया, दरअसल बीरगांव की जनता नही चाहती की बुधवारी बाजार में पानी टंकी बने,  क्योंकि डेढ़ लाख की आबादी वाले नगर निगम बीरगांव में बुधवारी बाजार ही एकमात्र सार्वजनिक स्थल है ,  जिसमें पानी टंकी बनाकर इसकी उपयोगिता को समाप्त करने का षडयंत्र करार देते हुए बीरगांव के पार्षदगण श्री एवज देवांगन, श्री होरीलाल देवांगन,  श्री खेमलाल साहू, श्री अश्वनी चांद्रे, श्री ओमप्रकाश साहू, श्री डोमेश देवांगन, श्री रजत साहू,  श्री राजू साहू,  श्री दुर्गेश साहू, सोशल मीडिया प्रभारी श्री यशवंत पाटिल सहित सैकड़ों लोगों ने नगर निगम बीरगांव का घेराव कर कहा कि सार्वजनिक कार्यक्रमों हेतु बुधवारी बाजार को सुरक्षित रखा जाए  वहां प्रस्तावित पानी टंकी का निर्माण अनयत्र कंही भी कराया जाए  !!

युवा नेता और पार्षद श्री एवज देवांगन ने कहा कि बीरगांव के “बुधवारी बाजार” एकमात्र एैसा स्थान है जो डेढ़ लाख की आबादी वाले नगर निगम बीरगांव का हृदय स्थल है,, हफ्ते में दो दिन सोमवार और बुधवार को सब्जी बाजार के अलावा इसी “बुधवारी बाजार” में पचासो साल से हर प्रकार के सार्वजनिक कार्यक्रम जैसे- पारिवारिक दुःख, सुख के कार्यक्रम, सामाजिक, धार्मिक, सांस्कृतिक और राजनीतिक कार्यक्रम सभी यहीं इसी बुधवारी बाजार में संपन्न होता है, आपके निगम द्वारा जहां पानी टंकी का निर्माण प्रस्तावित है उसी जगह पर महापौर और विधायक द्वारा रावण दहन कर दशहरा उत्सव मनाया जाता है,, मां दुर्गा, भगवान श्री गणेश जी विराजते है, मां परमेश्वरी का मंदिर है, वार्षिक मंडई होता है, बारात ठहरते है, कबड्डी सहित विभिन्न खेलों का आयोजन होता है, रामकथा, रामायण और भगवतगीता कथा का प्रवचन होता है, विश्वकर्मा जयंती जैसे बडे बडे आयोजन सांस्कृतिक कार्यक्रम के साथ संपन्न होते हैं, उपरोक्त कार्यक्रमों के लिए आलरेडी यह जगह छोटा पडता है,, पार्किंग वगैरह के लिये भी परेशानी होती है, यहां स्थित पुरानी पानी टंकी से टैंकर पानी लेने दिनभर फेरे लगाते हैं जिससे आयोजन में दिक्कत होता है, दुर्घटना का डर भी बना रहता है, पानी टंकी के कारण दर्जनों टैंकर यहां खड़े रहते हैं, जिससे आयोजनकर्ता और आमजनता दोनो को परेशानी होती है और साथ ही पेयजल की आपूर्ति भी बाधित होती है,, फिर भी जैसे – तैसे सभी छोटे और बड़े आयोजन यहीं बुधवारी बाजार में ही संपन्न होता आ रहा है, बुधवारी बाजार के अलावा बीरगांव में और कोई सरकारी जगह है ही नहीं , जहां उपरोक्त सार्वजनिक कार्यक्रम संपन्न हो सके,, बुधवारी बाजार स्थित पुराने जर्जर पानी टंकी जिसके टुट टुट कर गिरने से कई बार हादसा हो चुका है उसे ध्वस्त कर नया पानी टंकी अन्यत्र कंही भी बनाना चाहिए,,

छत्तीसगढ़ महतारी अधिकार मंच के अध्यक्ष श्री बेदराम साहू ने कहा कि हम पानी टंकी बनने का विरोध नही कर रहे हैं, हम चाहते हैं कि पानी टंकी बने लेकिन बुधवारी बाजार में नहीं बल्कि कंही भी खाली पडे सरकारी जमीन पर पानी टंकी बना दिया जाए,,     पार्षद और भाजपा नेता श्री होरीलाल देवांगन ने कहा कि निगम को जनभावना का सम्मान करना चाहिए ,  बीरगांव क्षेत्र में व्याप्त पेयजल की समस्या को दूर करने पानी टंकी का निर्माण बुधवारी बाजार को छोड़कर, शहीद नगर में या नगर निगम कार्यालय के पीछे या चाहे तो कब्रिस्तान में भी पानी टंकी बनाया जा सकता है ,, जहां से पाइप लाइन के माध्यम से पेयजल की सुविधा आमजनों तक कंही भी घर घर पहुंचाई जा सके,, बुधवारी बाजार एकमात्र सार्वजनिक स्थान है जहां सामाजिक, धार्मिक और हर दल के राजनीतिक कार्यक्रम संपन्न होता है इसके अलावा बीरगांव में कोई भी जगह एैसा नही है जिसका सार्वजनिक उपयोग किया जा सके,, इसलिए बीरगांव के हृदय स्थल बुधवारी बाजार को सुरक्षित रखना अत्यंत जरूरी है !! चार घंटे चले उग्र घेराव के बाद निगम कमिश्नर श्री जयंत नाहटा ने आंदोलनकारियों को आश्वस्त किया कि नागपुर से इंजीनियर बुलाकर पानी टंकी को अन्यत्र बनाने के संबंध में चर्चा की जायेगी तब तक के लिए बुधवारी बाजार में बनने वाली पानी टंकी का निर्माण कार्य रोक दिया गया है,   और तब तक बाजार यथावत लगता रहेगा,,  आयुक्त के आश्वासन के बाद आंदोलन समाप्त किया गया  !! आज के आंदोलन में प्रमुख रूप से बेदराम साहू पार्षद , एवज देवांगन पार्षद, होरीलाल देवांगन पार्षद , खेमलाल साहू पार्षद, ओमप्रकाश साहू, राजकुमार साहू, रजत साहू, दुर्गेश साहू, ओमप्रकाश साहू, यशवंत पाटिल, डोमेश देवांगन, नानक चन्द साहू ,रवि ,जीवन साहू, जितेन्द्र,अश्वनी जंघेल, लोकनाथ साहू, विनोद जितेन्द्र यादव, मुन्नी बाई साहू, जितेन्द्र सेन, प्रमिला साहू,मोना मनिकपुरी , सुनीता मारकंडे , प्रतिभा वर्मा, बुधारा भाई, शत्रुघ्न देवांगन, संजू साहू ,कमलेश साहू, जितेंद्र पटेल, सुकरिया क्षेत्री,कैशल्या देवांगन ,रूखमणी कुर्रे , कमल देवांगन ,युवराज , हकीम ,अभिषेक, सतीश सिंह , मनहरण लाल वर्मा, ओम प्रकाश गुप्ता, बबल धनगर, गोलू निषाद, अवध राम सिन्हा, लीला राम साहू , वेद प्रकाश धीवर, गोल्डी निषाद, गोलू सहित लगभग सात सौ नगरवासी शामिल थे।