15 के बजाय प्रति एकड़, 20 क्विंटल धान की खरीदी करे सरकार…

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सिटी न्यूज़ ….किसान मुद्दे को लेकर भारतीय किसान संघ 31 अक्टूबर तक हस्ताक्षर अभियान चला रहा है। प्रमुख मुद्दों से सरकार को अवगत कराने हस्ताक्षर प्रपत्र सीधे मुख्यमंत्री को भेजेंगे। हस्ताक्षर अभियान में किसानों के बीच से 3 प्रमुख मांगों को रखा गया है। इसमें से एक समर्थन मूल्य पर 15 की बजाय 20 क्विंटल प्रति एकड़ धान खरीदी की है।
किसानों का तर्क है कि केंद्र सरकार ने छग में चावल का कोटा बढ़ा दिया है। छत्तीसगढ़ से अब 43.58 लाख मीट्रिक टन चावल केंद्र सरकार लेती थी। अब केंद्र सरकार केंद्रीय पूल में 60 लाख मीट्रिक टन चावल लेगी। किसानों का कहना है की कृषि में आए नवाचार के कारण अब प्रति एकड़ 20 से 25 क्विंटल धान का उत्पादन हो रहा है। ऐसे में सरकार को भी लिमिट बढ़ाकर समितियों के जरिए 20 क्विंटल प्रति एकड़ धान खरीदी करें। साथ ही धान खरीदी की शुरुआत 15 नवंबर से की जाए, ताकि जल्दी पकने वाली फसल की खरीदी में देरी न हों।
मक्के की खरीदी बंद, किसानों को नुकसान: पिछली सरकार में मक्के की सरकारी खरीदी की जाती थी। वर्तमान सरकार ने इसे बंद कर दिया। इस कारण हजारों किसानों को नुकसान उठाना पड़ा है।पंजाब की तर्ज पर छत्तीसगढ़ सरकार कृषि बिल ला रही है। किसान संघ कृषि बिल में संशोधनों को रखने सरकार से अपेक्षा कर रहा रहा है। क्योंकि यह पूर्ण रुप से किसान हित में है। भारतीय किसान संघ के जिलाध्यक्ष दानेश्वर सिंह परिहार का कहना है कि पहला तो प्रदेश में कही भी समर्थन मूल्य से कम पर खरीदी न हो, इसके लिए कानून बनना चाहिए। दूसरा व्यापारियों का पंजीयन हो ओर उनकी बैंक गारंटी जमा कराई जाए। तीसरा प्रत्येक जिलों में कृषि न्यायालय की व्यवस्था की जाए।