स्‍कूल के लापरवाह टीचरों पर होगी सख्ती, वाट्सएप पर शिकायत मिलते ही तुरंत होगी कार्रवाई…

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रायपुर। स्कूली शिक्षा गुणवत्ता को बढ़ाने को लेकर राज्य सरकार ने गंभीरता दिखाई है। राष्ट्रीय उपलब्धि सर्वे रिपोर्ट 2021 के आने बाद सरकार की चिंता बढ़ गई है। ऐसे में अब प्रदेशभर में अफसरों को स्कूलों का औचक निरीक्षण करने की जिम्मेदारी दी गई है। भाजपा सरकार के दौरान वर्ष 2018 में प्रदेश में डा. एपीजे अब्दुल कलाम शिक्षा गुणवत्ता अभियान चलाया गया था, जिसमें जनप्रतिनिधि और अफसरों ने स्कूलों की जांच की थी। इस बार स्कूल शिक्षा विभाग ने 18 से 30 जुलाई तक राज्य, जिला और विकासखंड स्तर के अफसरों को 10-10 स्कूल जांचने की जिम्मेदारी सौंपी है। गौरतलब है कि राष्ट्रीय उपलब्धि सर्वे रिपोर्ट में छत्तीसगढ़ के विद्यार्थियों का परफार्मेंस बेहद कमजोर रहा है। इसके बाद अफसरों ने जांच करने का जिम्मा उठाया है। निरीक्षण के बाद मिली गड़बड़ी और जांच प्रतिवेदन 10 अगस्त तक विभाग में जमा करना जरूरी होगा।

वाट्सएप पर शिकायत मिलते ही त्वरित कार्रवाई
स्कूल शिक्षा विभाग के सचिव एस. भारतीदासन ने बताया कि विकाखंड शिक्षा अधिकारी, जिला शिक्षा अधिकारी, संभागीय संयुक्त संचालक, संचालक और अपर सचिव को उसी दिन अनिवार्य रूप से वाट्सएप पर ही कार्रवाई के लिए प्रस्तावित करने के निर्देश दिए हैं। आकस्मिक निरीक्षण के दौरान स्कूलों में उपस्थित, समय पर अनुपस्थित, विलंब से आने वाले, समय से पूर्व स्कूल छोड़ने वाले शिक्षकों की जानकारी ली जाएगी।
देरी से आने वाले शिक्षकों पर गिरेगी गाज
नए शिक्षा सत्र में विशेष तौर पर स्कूलों में शिक्षक और प्रधान पाठकों की अनुपस्थिति या विलंब से उपस्थिति होने पर कार्रवाई होगी। छात्र-छात्राओं की उपस्थिति, प्रार्थना का क्रियान्वयन, निर्धारित शैक्षणिक कैलेंडर के अनुसार शिक्षकों द्वारा कराए जा रहे अध्यापन कार्य, बैगलैस डे पालन, शाला निर्धारित समय-सारणी अनुसार संचालित, मध्यान्ह भोजन योजना सहित अन्य कार्याें के क्रियान्वयन का मूल्यांकन किया जाएगा।
पढ़ना-लिखना नहीं आया तो शिक्षक होंगे जिम्मेदार
स्कूलों में विद्यार्थियों की उपस्थिति और गुणवत्ता का स्तर देखा जाएगा। विद्यार्थियों के शैक्षणिक स्तर में उनके पढ़ने-लिखने, समझने, अभिव्यक्ति और विज्ञान एवं गणित में दक्षता को परखा जाएगा। निरीक्षण दल द्वारा विद्यार्थियों में गुणवत्ता सुधार और शतप्रतिशत उपस्थिति के लिए किए जा रहे उपचारात्मक प्रयास की जानकारी ली जाएगी।
इन अफसरों को मिली जानकारी
संभागीय संयुक्त संचालकों, अधीनस्थ उप संचालकों, सहायक संचालकों द्वारा कार्य क्षेत्र अंतर्गत जिलों में न्यूनतम 10-10 स्कूलों (हायर सेकेंडरी, हाई स्कूल, प्राइमरी) का आकस्मिक निरीक्षण करने के निर्देश दिए हैं। सभी जिला शिक्षा अधिकारियों, अधीनस्थ सहायक संचालकों, समग्र शिक्षा के जिला परियोजना समन्वयक, प्राचार्य डाईट द्वारा कम से कम 10-10 स्कूलों का आकस्मिक निरीक्षण करेंगे। इसी प्रकार सभी विकासखण्ड शिक्षा अधिकारी, विकासखण्ड स्त्रोत समन्वयक, सहायक विकासखण्ड शिक्षा अधिकारी द्वारा कार्यक्षेत्र अंतर्गत न्यूनतम 10-10 मिडिल और प्राइमरी स्कूलों का आकस्मिक निरीक्षण और सभी हाई सेकेंडरी स्कूल के प्राचार्य, संकुल समन्वयक द्वारा अपने-अपने संकुलों में न्यूनतम पांच-पांच मिडिल और प्राइमरी स्कूल का आकस्मिक निरीक्षण करेंगे।