सावधान : आकर्षक लड़के / लडकियों से शादी कराने के नाम पर ‘ फर्जी मेट्रोमोनियल साइट ‘ कंही आपको ठग तो नहीं रहा : छत्तीसगढ़ सहित 6 राज्यों में जाल फैलाकर रकम लूटने वाले 5 युवती और 3 युवक हुवे गिरफ्तार …

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सिटी न्यूज रायपुर  :  पुलिस ने शादी के नाम पर लोगों से ठगी करने वालों को पकड़ा है। इन लोगों ने एक कॉल सेंटर बनाया था। साथ ही फर्जी मेट्रोमोनियल साइट बना रखी थी। इस साइट पर आने वालों से बातचीत कर अच्छी लड़की या लड़कों से शादी कराने का झांसा देकर रुपए मांगते थे। यह सभी छत्तीसगढ़ के रहने वाले हैं।

गिरफ्तार आरोपी…

  • रितिक कुमार कुरई पुत्र राम प्रसाद ग्राम कटौंद, जिला जांजगीर चापा छत्तीसगढ़
  • देवेंद्र कुमार चेलक पुत्र भरत लाल चेलक, निवासी नगरदा, थाना बिलाईगढ़, छत्तीसगढ़
  • यानेंद्र कुमार भारतीय पुत्र मोती लाल भारती, निवासी बलौदा बाजार, छत्तीसगढ़

इनका नेटवर्क 6 स्टेट में फैला हुआ था। जो प्रयागराज से ऑपरेट हो रहा था। पुलिस ने गैंग ने 8 आरोपियों को अरेस्ट किया है। इनमें 3 पुरुष और 5 युवतियां शामिल हैं। पुलिस ने बताया कि ये लोग एक दिन में 40 से अधिक लोगों को शिकार बनाते थे।

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IG राकेश सिंह ने बताया कि ये गिरोह के सदस्य फर्जी मेट्रोमोनियल साइट बनाकर बैचलर युवकों को ठगते थे। जो युवक अपनी शादी के लिए रजिस्ट्रेशन कराते हैं। जिस महिला से युवक शादी करना चाहता था। ये लोग उस महिला का फर्जी आधार कार्ड सहित अन्य प्रोफाइल बनाकर युवक को प्रोवाइड करा देते थे।

इसके बाद उस महिला से बात कराने के नाम पर 4 से 6 हजार रुपए जमा करा लेते थे। फिर उस लड़की से 2-3 दिन बात कराने के बाद ये लोग मना कर देते थे कि लड़की आपसे शादी के लिए तैयार नहीं है या लड़की की शादी कहीं और तय हो गई है, यह कह कर शादी से इंकार कर देते थे। ये लोग एक दिन में 40 से अधिक लोग को शिकार बनाते थे।

पुलिस ने आरोपियों से पूछताछ की तो पता चला कि ये लोग जितनी भी शादी कराने वाली साइट हैं। सभी की फर्जी साइट बना रखी थी। सबसे ज्यादा लोग फर्जी मेट्रोमोनियल साइट से फंसाते थे। इसके अलावा रायल मेरी, पार्टनर प्रोफाइल, पवित्र रिश्ता जैसी साइट बना रखी थी। ठगी करने के लिए एक फर्जी काल सेंटर राजापुर टीवी टावर के पास चलाया जा रहा था।

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रजिस्ट्रेशन कराने वालों का लेते थे मोबाइल नंबर

पुलिस ने बताया कि साइटों से ऐसे इच्छुक व्यक्तियों के मोबाइल नंबर, प्रोफाइल लेते थे। जो शादी करना चाहते हैं। ऐसे व्यक्तियों को अपने कॉल सेंटर के माध्यम से हायर की हुई लड़कियों से कॉलिंग कराकर उन्हें फर्जी साइट पर जल्द शादी कराने के बहाने रजिस्ट्रेशन कराते थे। इसके एवज में मोटी रकम वसूलते थे।

इसके बाद उनके मैच का एक फर्जी प्रोफाइल तैयार कर अपने ही काल सेंटर की लड़कियों के मोबाइल नंबर देकर उनसे बात कराते थे, इसके लिए ग्राहकों के भरोसे के लिए प्रोफाइल के अनुसार फर्जी आधार कार्ड व पेन कार्ड भी साफ्टवेयर के माध्यम से तैयार कर भेजते थे। यहां ये लोग ग्राहकों के उपनाम के अनुसार ही फर्जी प्रोफाइल तैयार करते थे।

इसी तरह से कॉलिंग के लिए इन्होंने अपने कर्मचारियों को उपनाम के अनुसार ही समूह में बांट रखा था। जब ग्राहकों से शादी के नाम पर पर्याप्त धन वसूली कल लेते थे। तब हायर की हुई लड़कियों के माध्यम से उन्हें शादी के लिए मना करा देते थे। दिया हुआ पैसा हड़प लेते थे। जब लोग शादी के लिए मिलने का दबाव बनाते थे। तो उल्टे सीधे बहाने बनाकर गाली-गलौज कर उसके नंबर को ब्लाक कर दिया जाता था।

दो से तीन महीनों में  बदल देते हैं शहर

गैंग के सरगनाओं ने देश में विभिन्न शहरों में भी इसी तरह से काल सेंटर संचालित किए थे। यह लोग शहर में बहुत दिनों तक अपना सेंटर नहीं चलाते हैं। बल्कि, दो से तीन महीनों में शहर बदल देते हैं। साथ ही कॉलिंग के लिए जिन सिमों का इस्तेमाल किया जाता है। वह भी इस गैंग के सरगनाओं द्वारा इन लोगों को फर्जी नाम पते पर उपलब्ध कराई जाती है, जिससे कि पुलिस की ओर से इस गैंग को आसानी से न पकड़ा जा सके। दो साल पूर्व भी प्रयागराज में इस प्रकार का काल सेंटर संचालित किया जाता था। गौरतलब है कि इस गैंग का यूपी, बिहार, झारखंड, एमपी, छत्तीसगढ़, राजस्थान सहित देश के अन्य राज्यों में जाल बिछा हुआ है।