राज्य में बारिश के बाद ग्रामीण सड़कों का किया जाएगा मरम्मत और निर्माण, 650 करोड़ रुपये से ज्यादा खर्च होंगे…

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बारिश के बाद प्रदेश के ग्रामीण इलाकों की सड़कें एक बार फिर चमकने लगेंगी। इन सड़काें की मरम्मत और निर्माण का काम शुरू हो जाएगा। बताया गया है कि राज्य के सभी जिलों में 400 से अधिक सड़कों के निर्माण और मरम्मत पर लगभग 664 करोड़ रुपए खर्च किए जाएंगे। इससे लगभग 12 सौ किमी की सड़कों का कायाकल्प होने की उम्मीद है। प्रधानमंत्री ग्राम सड़क योजना के तहत बनने वाली इन सड़कों के निर्माण और मरम्मत के लिए 664.17 करोड़ रुपए का प्रावधान किया गया है।

इसमें सड़क निर्माण के लिए 572.36 करोड़ रुपए रखा गया है जबकि ग्रामीण इलाकों की सड़कों की मरम्मत के लिए 91.80 करोड़ रुपए रखा गया है। अब तक प्रदेश में पीएमजीएसवाय योजना के तहत 55 हजार 410 किलोमीटर लंबी सड़कें बन चुकी हैं। वर्तमान में पीएमजीएसवाय-3 का काम चल रहा है। जिसमें पुल-पुलिया भी बनाए जाएंगे।

राज्य को गुणवत्ता में मिला पहला स्थान
प्रधानमंत्री ग्राम सड़क योजना में गुणवत्ता को लेकर छत्तीसगढ़ ने पहला स्थान हासिल किया था। वर्ष 2019 में राष्ट्रीय स्तर के गुणवत्ता समीक्षकों ने कुल 204 सड़कों के निरीक्षण में 95.59 फीसदी कार्य संतोषजनक पाया। इस आधार पर निरीक्षकों ने छत्तीसगढ़ को पहला स्थान दिया था जबकि कर्नाटक दूसरे स्थान पर था।

19 सालों में बनीं 34671 किमी सड़कें
पिछले 19 सालों में राज्य के ग्रामीण इलाकों में 34671 किमी सड़कें बनी हैं। इसमें सर्वाधिक सड़कें 2007-08 में 6245 किमी बनी थी। इस साल गांवों में 1166 सड़कों का निर्माण हुआ था। हालांकि, इन 19 सालों में 2003, 2009,2010, 2014, 2015, 2017 में इस योजना के तहत राज्य में सड़कें नहीं बनीं थीं।

2618 किमी सड़कें समय पर नहीं
पीएमजीएसवाय की 2618 किमी की 698 सड़कों का काम समय पर पूरा नहीं हो सका। पीएमजीएसवाय 1 के 1087 किमी की 316 सड़कें, पीएम 2 के तहत 0.20 किमी की 2 सड़कें और आरसीपीएलडब्लूई के तहत 1440 किमी की 225 सड़कें और पीएम 3 की 90 किमी की 155 सड़कों का निर्माण नहीं हो सका।