बडी खबर : अंतरजातीय विवाह किया तो लडकी को समाज से निकाला ; आयोग ने कहा- फिर से शामिल करो वर्ना जाना होगा जेल

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रायपुर, एक परिवार का सामाजिक बहिष्कार करने वाले पंचों पर छत्तीसगढ़ महिला आयोग ने दो टूक शब्दों में कह दिया कि पंचों को पीड़ित परिवार को फिर से समाज में शामिल करना होगा। ऐसा नहीं किया तो उनके खिलाफ विभिन्न आपराधिक धाराओं में मामला दर्ज होगा।

मामला दुर्ग जिले के बोड़ेगांव का है। आयोग में शिकायत करने वाली महिला ने बताया था, उसने 2010 में अंतरजातीय विवाह किया था। इसकी वजह से समाज वालों ने उसके परिवार को बहिष्कृत कर दिया। उसके ससुर से सात हजार रुपए और 1100 रुपए समाज के सहयोग के नाम पर लिए गए।

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अब उन्हें समाज में मिलाने के लिए 50 हजार रुपए और एक लाख रुपए की मांग की जा रही है। सोमवार को गांव से पंचों को भी बुलाया गया। वहां उन्होंने बतासा, गांव व समाज के लोगों ने मिलकर शिकायत करने वाली महिला, उसके मायके और ससुराल वाले परिवार को समाज से बहिष्कृत किया है।

छत्तीसगढ़ राज्य महिला आयोग की अध्यक्ष डॉ. किरणमयी नायक ने पंचों को समझाया। कानून की बात बताई उसके बाद पंचों ने कहा, 14 जून को गांव में बैठक कर वे पीड़ित परिवार को समाज में शामिल कर लेंगे। इस दौरान वे पीड़ित परिवार से लिए गए 8100 रुपए भी वापस करेंगे।

आयोग ने कहा है, अगर पंच लोग आयोग के निर्णय का उल्लंघन करते है तो उनके खिलाफ आईपीसी और नागरिक संरक्षण अधिनियम के तहत तत्काल एफआईआर दर्ज किया जाएगा।

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पंचायत में आयोग भी भेजेगा प्रतिनिधि

बताया गया कि गांव की इस पंचायत महिला आयोग के प्रतिनिधि भी मौजूद रहेंगे। आयोग ने अधिवक्ता तुलसी साहू, रामकली यादव, रत्ना नारमदेव और नीलू ठाकुर को वहां मौजूद रहने को कहा है। वहीे नंदनी थाना प्रभारी को पंचायत में किसी पुलिस अधिकारी की ड्यूटी लगाने को भी कहा गया है।