सेंट्रल जीएसटी ने रेलवे स्टेशन पर मारा छापा, पार्सल गोदाम से अभी तक लाखों के माल समेत कुछ वाहनों की हुई जब्ती

  • सिगरेट का फिल्टर बनाने वाली कंपनी समेत तीन पर कार्रवाई, बुधवार शाम तक जारी रहेगी
  • बिना लेबल, बिना ई-वे बिल और इनवॉयस बनाए कारोबार करने की बात सामने आई है

24 june 2020,

City News – CN      City news logo

भिलाई | भिलाई में सेंट्रल और स्टेट जीएसटी की संयुक्त टीम ने मंगलवार देर शाम रेलवे के पार्सल गोदाम पर छापा मारा। यहां से जाने वाले सामान समेत कुछ वाहनों को जब्त किया गया है। ये कार्रवाई सिगरेट का फिल्टर बनाने वाली कंपनी समेत तीन कंपनियों पर की गई है।

इसमें बिना लेबल, बिना ई-वे बिल और इनवॉयस बनाए कारोबार करने की बात सामने आई है। करोड़ों की जीएसटी चोरी किए जाने का अनुमान है। फिलहाल, कार्रवाई जारी है। असिस्टेंट कमिश्नर गोपाल वर्मा ने बताया कि दुर्ग रेलवे स्टेशन के पास एक बेनामी सिगरेट कंपनी चलने की शिकायत लगातार मिल रही थी।

कन्साइनमेंट जाने की सूचना मिलने पर कार्रवाई करने के लिए स्टेट जीएसटी की टीम मौके पर पहुंची। तभी सेंट्रल जीएसटी की टीम भी पहुंच गई। इसमें कुछ सदस्य दिल्ली ऑफिस के भी थे। इसके बाद दोनों मिलकर कार्रवाई कर रहे हैं।

यहां से करोड़ों रुपए की जीएसटी चोरी करने का अनुमान है। इसी आधार पर दफ्तर में सारे दस्तावेज खंगाले जा रहे हैं। अभी कार्रवाई चल रही है। जांच के दौरान टैक्स चोरी के पेपर्स मिले हैं। उसकी अभी बारीकी से जांच की जाएगी।

वैसे आगे की कार्रवाई सेंट्रल जीएसटी विभाग कर रही है। फिलहाल इस मामले में सेंट्रल जीएसटी के अफसरों का कहना है कि बुधवार शाम तक कार्रवाई पूरी हो सकती है। इसके बाद ही कुछ कहा जा सकेगा। 

फिल्टर और तंबाकू उत्पादन का होता है काम

अफसरों के मुताबिक कंपनी में सिगरेट का फिल्टर बनाया जाता है। तंबाकू के अन्य उत्पाद भी बनाए जाते हैं। निमेश अग्रवाल की कंपनी के साथ ही दो और कंपनियों में कार्रवाई की जा रही है। विभाग का अनुमान कि कारोबारी करीब सालभर से टैक्स की चोरी कर रहा था। इसमें न तो वह किसी कंपनी का लेबल लगाता था और न ही इसका इनवॉयस नंबर बनाता था। ई वे बिल कभी बनाया ही नहीं। इसी वजह से 4-5 गाड़ियों में अफसर पहुंचे। 

कौन-कौन मामले में हैं शामिल जांच की जा रही

विभागीय अधिकारी जांच कर रहे हैं कि इसमें कौन-कौन शामिल हैं। बिना ई वे बिल के कारोबार कैसे चल रहा था। अग्रवाल की रसमड़ा में भी कंपनी होने का अनुमान है। इसकी वजह से टीम में आए अधिकारियों के वहां भी जाकर कार्रवाई करने का अनुमान है।

कार्रवाई में दुर्ग के अफसरों के अलावा रायपुर के अधिकारी भी शामिल रहे। इसमें छत्तीसगढ़ जीएसटी के अस्सिटेंट कमिश्नर और इंस्पेक्टर का भी सहयोग रहा है। बुधवार शाम तक कार्रवाई चलने का अनुमान है।

Source link

Share on :