फिंगेश्वर रियासत के राजा व प्रदेश में सात बार विधायक, दो बार मंत्री रह चुके राजा महेंद्र बहादुर की मौत कोरोना से हो गई। उन्होंने अंतिम सांसें रायपुर के एक निजी अस्पताल में ली। शेर तक को पटखनी देकर हराने वाला व्यक्ति अंततः कोरोना से हार गया। वे 95 वर्ष के थे। इनके निधन पर मुख्यमंत्री भपेश बघेल ने भी दुःख जताया है।

राजा महेंद्र बहादुर काफी दिनों से अस्वस्थ थे इसी महीने के 21 तारीख को उनकी कोरोना जांच की गई थी जिसमें वे पॉजिटिव पाए गए थे।इसके बाद उन्हें राजधानी रायपुर के एक निजी अस्पताल में भर्ती कराया गया था। जहां सोमवार की रात 11.30 बजे अपनी अंतिम सांस ली। राजा महेंद्र बहादुर सात बार विधायक, दो बार मंत्री व राज्यसभा सदस्य भी राह चुके हैं यही नहीं छ्त्तीसगढ़ के वे पहले प्रोटेम स्पीकर भी थे।

राजा महेंद्र बहादुर का जन्म 31 दिसंबर 1925 को हुआ था। उन्होंने जब भी चुनाव लड़ा विजयी रहे। जनता के बीच उनका काफी सम्मान था। बताया जाता है कि उनका जुड़ाव हमेशा लोगों के साथ रहता था, लोगों की मदद करते रहते थे। उनके बारे में कहा जाता है कि उन्होंने एक बार शेर को भी हर दिया था। लोगों के बीच मिथक की तरह बनकर रहने वाले राजा का आज निधन हो गया।