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गिर-सोमनाथ जिले के बरूला गांव में तेंदुए ने शनिवार सुबह एक बच्चे पर हमला कर दिया, लेकिन मां ने बचा लिया। बेटे की आवाज सुनकर मां दौड़ी आई और तेंदुए से भिड़ गई। मां ने हाथ में धूल भरकर तेंदुए के चेहरे पर मारना शुरू कर दिया, जिससे तेंदुआ घबरा गया और बच्चे को छोड़कर भाग खड़ा हुआ। बच्चा मामूली रूप से घायल हो गया था, जिसका प्राथमिक उपचार कर दिया गया है।

मामूली रूप से घायल हो गया था आर्यन।

खेत में काम कर रही थी मां

बरूला गांव से मिली जानकारी के अनुसार, मंजूबेन अपने खेत में काम कर रही थीं और पास में ही उनका 8 साल का बेटा आर्यन खेल रहा था। इसी बीच अचानक एक तेंदुए ने आर्यन पर हमला बोल दिया। उसकी चीख-पुकार सुनकर मां दौड़ी और दोनों हाथों में धूल-मिट्टी भर-भरकर तेंदुए की आंखों पर मारना शुरू कर दिया। इससे तेंदुआ घबरा गया और बच्चे को छोड़ दिया।

गांव वाले तुरंत अस्पताल लेकर पहुंचे

तेंदुए के हमले से आर्यन की पीठ में जख्म हो गया था। लोग तुरंत उसे अस्पताल लेकर भागे। डॉक्टर ने जांच में बताया कि पंजे का मामूली जख्म है, कुछ दिनों में ठीक हो जाएगा। इसके बाद बहादुर मां की हर तरफ खूब चर्चा हो रही है।

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