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रायपुर। छत्तीगसढ़ के निगम-मंडल और प्रदेश संगठन को लेकर मुख्यमंत्री निवास पर हुई कांग्रेस समन्वय समिति की बैठक बेनतीजा रही। जातीय और क्षेत्रीय समीरकण पर करीब साढ़े तीन घंटे तक मंथन चला। मुख्यमंत्री भूपेश बघेल, प्रदेश प्रभारी पीएल पुनिया और प्रदेश अध्यक्ष मोहन मरकाम की मौजूदगी में निगम-मंडल के दावेदारों पर सबसे पहले चर्चा हुई।

इसके बाद प्रदेश संगठन, जिला संगठन और ब्लाक संगठन के नामों पर चर्चा हुई। निगम-मंडल के लिए दस विधायकों के नाम पर विचार हुआ। हालांकि किसी का नाम तय नहीं हुआ है। बैठक के बाद प्रदेश प्रभारी पीएल पुनिया ने साफ किया कि तत्काल कोई सूची जारी नहीं हो रही है। यह एक लंबी प्रक्रिया है। बैठक में निगम-मंडल सहित कई और मुद्दों पर चर्चा हुई है। आगे और चर्चा करने के बाद निगम मंडलों की दूसरी लिस्ट जारी कर दी जाएगी।

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पुनिया ने कहा कि बैठक में कुछ नामों पर चर्चा हुई है। नाम तय करने के लिए नीति भी निर्धारित की गई है। यह निरंतर चलने वाली प्रक्रिया है। पुनिया ने इशारों में ही साफ कर दिया कि यह अंतिम सूची नहीं होगी। इस सूची के बाद भी कई सूची क्षेत्रीय और जातिगत समीकरण के आधार पर जारी होगी।

पुनिया ने कहा कि ऐसा नहीं है कि आज मंथन हुआ और तुरंत सूची जारी कर दी जाए। उन्होंने प्रक्रिया के बारे में बताया कि उम्मीदवारों का बायोडाटा तैयार कर एआइसीसी (अखिल भारतीय कांग्रेस कमेटी) को भेजा जाता है। राष्ट्रीय अध्यक्ष से अनुमोदन लिया जाता है, फिर मुख्यमंत्री संबंधित विभागों से आदेश जारी करवाते हैं। इसकी लंबी प्रक्रिया है। पुनिया से जब यह सवाल किया गया कि किन नामों पर चर्चा हुई, तो उन्होंने कहा कि सूची जारी होने के बाद नामों का पता लग जाएगा। इसमें पहले से अंदाजा नहीं लगाया जा सकता।

संगठन में होगी नियुक्तियां

बैठक में जिला और ब्लाक संगठन पर भी समन्वय समिति ने मंथन किया। पुनिया ने कहा कि विचार किया गया कि संगठन को किस प्रकार मजबूत किया जाए। जिला कमेटियों के गठन पर भी चर्चा हुई। ब्लॉक अध्यक्ष पहले से काम कर रहे हैं, लेकिन जहां परिवर्तन करना है, उसकी भी समीक्षा होनी है। फिर नीचे जोनल कमेटी, सेक्टर कमेटी, बूथ कमेटियां हैं।

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उसके बारे में भी विस्तार से चर्चा हुई है। समन्वय समिति की बैठक में केवल निगम मंडल तक चर्चा नहीं हुई है। जिला स्तर के ऊपर भी अलग-अलग विभागों की अनेक ऐसे कमेटियां हैं, जिसमें नियुक्तियां होनी है। गोठान कमेटियां बन रही है, उसमें भी लोगों का बड़ा आकर्षण हैं।

कुछ नामों पर चर्चा तुरंत जारी नहीं होती सूची: पुनिया

प्रदेश प्रभारी पुनिया ने मीडिया से कहा कि कुछ नामों पर चर्चा हुई है। यह निरंतर चलने वाली प्रक्रिया है। ऐसा नहीं है कि मंथन हुआ और तुरंत सूची जारी कर दी जाए। जितने भी दावेदार हैं उनका बायोडाटा तैयार कर एआईसीसी को भेजा जाता है। राष्ट्रीय अध्यक्ष से अनुमोदन के बाद सूची जारी की जाएगी। इसके बाद गुण-दोष के आधार पर सीएम संबंधित विभागों से उनके नाम जारी करवाते हैं।

संगठन के विस्तार को लेकर भी हुई चर्चा

बताया गया है कि बैठक में पार्टी संगठन के विस्तार को लेकर भी चर्चा हुई। जिसमें प्रदेश कमेटी के बचे पदों के अलावा जिला और ब्लाक स्तर पर होने वाली नियुक्तियों को लेकर भी बात की गई। इसके लिए पीसीसी चीफ को जल्द ही जिला और ब्लाक अध्यक्षों की मीटिंग बुलाकर नाम मांगने कहा गया है।

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महंत और नेताम ने भी की मुलाकात

बैठक के बाद देर शाम निजी होटल में स्पीकर डा.चरणदास महंत और वरिष्ठ नेता अरविंद नेताम ने पुनिया से अलग-अलग मुलाकात की। महंत करीब आधे घंटे तक पुनिया के साथ रहे। इस दौरान कई महत्वपूर्ण विषयों पर चर्चा हुई। वहीं नेताम ने भी मुलाकात कर अपनी बात रखी।

बृजमोहन का हमला- कांग्रेस में एक अनार सौ बीमार, असंतोष चरम पर

इधर, भाजपा ने कांग्रेस में चल रही राजनीति पर चुटकी ली है। पूर्व मंत्री बृजमोहन अग्रवाल ने कहा कि कांग्रेस में एक अनार सौ बीमार जैसी स्थिति है। पौने दो साल बाद भी मुख्यमंत्री नियुक्तियां नहीं कर पा रहे हैं। पहली सूची के बाद जो असंतोष शुरू हुआ था। वह अब चरम पर है। वैसे तो कोरोना काल में निगम- मंडलों में नियुक्तियां नहीं की जानी चाहिए थी लेकिन इतना तो स्पष्ट है कि जितना ज्यादा ये नियुक्तियां करेंगे उतना ज्यादा असंतोष फैलेगा।

प्रदेश प्रवक्ता सच्चिदानंद उपासने ने कहा कि पुनिया की अनेकों कवायद के बाद भी प्रदेश कांग्रेस की गुटीय राजनीति के चलते व नेताओं के कुछ नामों पर घोर विरोध के कारण सूची अब लंबे समय के लिए टल गई। उपासने ने कहा हमारी बात सही साबित हुई की अर्थतंत्र के चलते जमीनी कार्यकर्ताओं को अभी जमीन पर ही रहना पड़ेगा।

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उपासने ने दावे के साथ कहा कि आज की बैठक में स्थानीय नेताओं ने प्रदेश प्रभारी के सामने सूची में फाइनल किये जा रहे कुछ नामों पर घोर आपत्ति दर्ज कराई। यह भी पता चला है कि इन लोगों के द्वारा सीधे दिल्ली में अर्थ तंत्र के प्रभाव से सूची में अपने नामों को फ़ायनल करा लिया था वे पूर्णत: आश्वस्त थे की आज घोषित होने वाली सूची में शतप्रतिशत उनके नाम होंगे ही,परन्तु उनका सारा गणित आज प्रदेश के नेताओं के विरोध के चलते फेल हो गया।

उपासने ने कहा कि निगम आयोग को लेकर कांग्रेस में विस्फोटक स्थिति बनी हुई है। यही कारण है जिन दो हजार कार्यकर्ताओं ने राजीव भवन में आवेदन दिए आज वे बड़ी मात्रा में पुनिया को लेने एरोड्रम ,फिर राजीव भवन पहुँच गए अंतत: पुनिया को मुख्यमंत्री निवास में सुरक्षा घेरे में बैठक लेनी पड़ी। बैठक के बाद जमीनी कार्यकर्ता अपने आपको ठगा महसूस कर रहा है।

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