• City news Chhattisgarh 
  • Bollywood news

बालीवुड की दुनिया में ट्रेजेडी किंग के नाम से मशहूर दिलीप कुमार 98 साल की उम्र में दुनिया को अलविदा कह दिया। दिलीप साहब किसी जमाने में शिकार का शौक पूरा करने बस्तर आते थे, लेकिन इसकी जानकारी किसी को नहीं होती थी।

उनका रायपुर शहर के कलाकारों से गहरा नाता रहा। राजधानी के तात्यापारा वार्ड निवासी कवि, शायर और वरिष्ठ पत्रकार काविश हैदरी बताते है कि बात 1975 की है। जब वे 1975 में मुंबई में थे, उस समय बांद्रा इलाके की एक बिल्डिंग में दिलीप साहब और वे एक साथ रहते थे। ऐसे में एक कलाकार के रूप में उनके साथ उठते-बैठते थे।

यह भी पढ़े – रायपुर में सट्टा-बाजार; राजधानी के सटोरियों पर पुलिस की आज तक की सबसे बडा कार्यवाही : पकड़े गए 18 बडे सटोरिये…!!

काविश बताते है कि चर्चा के दौरान दिलीप साहब कहते थे मैं शिकार के लिए बस्तर समेत रायपुर जाते रहता था, लेकिन छत्तीसगढ़ (उस समय मध्य प्रदेश) जाना बेहद गोपनीय होता था। यही वजह है कि लोगों को पता ही नहीं चल पाता था कि वे छत्तीसगढ़ में है। काविश ने कहा कि मुझे खुद पाता नहीं होता था, लेकिन दिलीप साहब चर्चा में बताते थे हम छत्तीसगढ़ गए थे। काविश बताते है कि वे शेरों शायरी के शौकीन थे।

इस कारण हमारी बात ज्यादातर शायरी के माध्यम से होती थी। दिलीप जी कहते थे कि छत्तीसगढ़ में भी कलाकार ऐसे हैं, जो बालीवुड में जगह बना रहे हैं। बालीवुड में भी छत्तीसगढ़ के कलाकार नजर आने लगे हैं। बता दें कि काविश हैदरी मुंबई में पांच साल रहकर कई फिल्मों के गीत लिख चुकेे हैं।

यह भी पढ़े – Breaking : मोदी कैबिनेट का विस्तार; ज्योतिर्आदित्य सिंधिया सहित शपथ लेने वाले 43 मंत्रियों की लिस्ट जारी, पहले मोदी ने ली क्लास…

सादगी की मिसाल थे दिलीप सर

राजधानी के फिल्ममेकर और व्यवसायी दर्शन सांखला ने बताया कि वर्ष्ष 2009 में दिलीप कुमार सर से मुंबई में मुलाकात हुई। इस दौरान पद्मश्री रविंद्र जैन भी थे। दर्शन बताते है कि करीब एक से सवा घंटे की मुलाकात से पता चल गया कि वे सादगी के मिसाल थे। उस समय उनकी तबीयत खराब होने पर भी लोगों से मिलना-जुलना जारी रखा। इस मुलाकात के बीच फिल्मों के बारे चर्चा करते रहे। संगीत और लोगों की मांग के अनुसार फिल्म निर्माण पर जोर दिया है, ताकि बालीवुड इंडस्ट्री का इतिहास आगे भी बनी रहे।

एक्टिंग के स्कूल थे दिलीप साहब

छत्तीसगढ़ के फिल्म निर्माता सतीश जैन बताते हैं कि दिलीप कुमार साहब एक्टिंग के स्कूल थे। आज कई बड़े अभिनेता उनकी एक्टिंग को देखकर एक्टिंग सीख गए हैं। उनके बोलने का तरीका और डायलाग लोगों को प्रेरित करते हैं।