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उरला थाना क्षेत्र में गंजा सेवन सामग्री मिलने पर तीन पान दुकानें सील

दिनांक 19 जून, गुरुवार को थाना उरला क्षेत्र में अवैध गतिविधियों पर रोक लगाने हेतु विशेष अभियान चलाया गया। इस अभियान में थाना उरला पुलिस एवं नगर निगम बिरगांव की संयुक्त टीम ने क्षेत्र के संदिग्ध पान दुकानों, ढेलों व गुमटियों की जांच की। जांच के दौरान तीन दुकानों में गांजा पीने में उपयोग किए जाने वाले गोगो (अवांछित सामग्री) पाए गए। इस पर तत्काल कार्रवाई करते हुए संबंधित दुकानों को सील कर वैधानिक कार्यवाही की गई।

सील की गई दुकानों में शामिल हैं:

1. काका पान पैलेस, सरोरा

2. साहू पान सेंटर, सरोरा

3. गायत्री पान मसाला, उरला

पुलिस द्वारा यह अभियान आगे भी जारी रहेगा ताकि क्षेत्र में नशे के अवैध व्यापार को रोका जा सके।

छत्तीसगढ़ी फिल्म अभिनेत्री ज्योत्सना ताम्रकार के साथ ट्रेन में लूट की कोशिश, बदमाशों ने किया हमला

छत्तीसगढ़ी फिल्म जगत की मशहूर अभिनेत्री ज्योत्सना ताम्रकार के साथ ट्रेन यात्रा के दौरान लूटपाट की कोशिश की गई। यह घटना तब घटी जब वह रीवा से बिलासपुर की यात्रा कर रही थीं। अभिनेत्री ने इस घटना की जानकारी सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म इंस्टाग्राम पर एक वीडियो के माध्यम से साझा की। उन्होंने बताया कि कटनी स्टेशन के पास कुछ अज्ञात बदमाशों ने उनके सामान को छीनने की कोशिश की, और विरोध करने पर एक बदमाश ने उनके चेहरे पर मुक्का भी मारा।

इस पूरी घटना से आहत ज्योत्सना ने रेलवे और सुरक्षा एजेंसियों से यात्रियों की सुरक्षा सुनिश्चित करने की मांग की है। उन्होंने कहा कि ट्रेन में सफर कर रही महिलाओं की सुरक्षा को लेकर गंभीर कदम उठाने की आवश्यकता है। फिलहाल इस मामले की कोई आधिकारिक शिकायत दर्ज नहीं कराई गई है, लेकिन सोशल मीडिया पर लोगों ने उनके साहस की सराहना की है और रेलवे प्रशासन से इस मामले में सख्त कार्रवाई की मांग की है।

यह घटना एक बार फिर ट्रेन में महिला यात्रियों की सुरक्षा व्यवस्था पर सवाल खड़े करती है।

गांजा तस्करी में शामिल हुईं युवतियां, रायपुर में 4 आरोपी गिरफ्तार, 23 किलो गांजा जब्त

रायपुर: गांजा तस्करी के मामले में इस बार युवतियों की संलिप्तता सामने आई है। रायपुर पुलिस ने गांजा तस्करी के आरोप में दो युवतियों और दो युवकों को गिरफ्तार किया है। पकड़े गए सभी आरोपी भिलाई के रहने वाले हैं और उनके पास से कुल 23 किलो 110 ग्राम गांजा बरामद किया गया है, जिसकी अनुमानित बाजार कीमत करीब 2 लाख 30 हजार रुपए है।

मामले का खुलासा तब हुआ जब तेलघानीनाका चौक के पास मालधक्का रोड पर चार संदिग्ध लोगों की गतिविधि की सूचना पुलिस को मिली। मौके पर पहुंची पुलिस ने जब चारों को हिरासत में लिया और उनके बैग की तलाशी ली, तो उनमें भारी मात्रा में गांजा मिला। पूछताछ में आरोपियों की पहचान श्याम तांडी, शिव बघेल, निशा बग्गा और ईशा बग्गा के रूप में हुई। जानकारी के अनुसार, दोनों युवतियां सगी बहनें हैं, जिनमें से एक दिल्ली में कॉल सेंटर में कार्यरत है।

पुलिस के अनुसार, चारों आरोपी एसी कोच में सफर करते हुए ओडिशा से गांजा खरीदकर भिलाई लौट रहे थे। उन्होंने वहां से 2 हजार रुपये प्रति किलो के हिसाब से गांजा खरीदा था। रायपुर स्टेशन पर उतरने के बाद वे बस पकड़ने के लिए तेलघानीनाका पहुंचे थे, जहां पुलिस ने उन्हें धरदबोचा।

फिलहाल पुलिस ने चारों के खिलाफ नारकोटिक ड्रग्स एंड साइकोट्रॉपिक सब्स्टेंस एक्ट (NDPS Act) के तहत कार्रवाई करते हुए उन्हें जेल भेज दिया है।

जैतूसाव मठ घोटाला: तहसीलदार की मिलीभगत से 92 एकड़ जमीन पर फर्जी महंत का कब्जा, 400 करोड़ से अधिक की हेराफेरी उजागर

रायपुर के ऐतिहासिक जैतूसाव मठ से जुड़ा एक बड़ा जमीन घोटाला सामने आया है। मठ की लगभग 92 एकड़ जमीन एक कथित फर्जी महंत और रायपुर के तत्कालीन तहसीलदार अजय चंद्रवंशी की मिलीभगत से बेची गई। ये घोटाला फर्जी वसीयतनामे और आधार कार्ड के ज़रिए अंजाम दिया गया, जिसकी कुल कीमत करीब 400 करोड़ रुपए आंकी जा रही है।

तहसीलदार ने कलेक्टर का नाम हटाया, फर्जी महंत को बनाया उत्तराधिकारी

रायपुर में तहसीलदार रहते अजय चंद्रवंशी ने अपने अधिकारों का दुरुपयोग करते हुए दस्तावेज़ों में कलेक्टर का नाम हटाया और मठ ट्रस्टियों की भूमिका समाप्त कर राम आशीष दास नामक व्यक्ति को मठ की संपत्तियों का मालिक बना दिया। यही नहीं, उस व्यक्ति ने खुद को महंत बताने के लिए आधार कार्ड में नाम बदलवाया और जैतूसाव मठ का पता भी दर्ज कराया।

जमीन की रजिस्ट्री विवादित चेहरों के नाम

घोटाले के तहत धरमपुरा में 75 एकड़ और दतरेंगा में साढ़े 17 एकड़ जमीन बेची गई। ये संपत्तियां शराब घोटाले के आरोपी अनवर ढेबर, भारतमाला घोटाले में जेल में बंद हरमीत खनूजा और विकास शर्मा जैसे लोगों के नाम रजिस्टर्ड की गईं।

मठ ट्रस्ट की आपत्ति पर शुरू हुई जांच

मामले की गंभीरता को देखते हुए मठ ट्रस्ट ने आपत्ति दर्ज करवाई, जिसके बाद रायपुर कमिश्नर महादेव कावरे ने जांच कर धरमपुरा की 57 एकड़ जमीन वापस मठ के नाम करने का आदेश दिया। पहले भी 5 एकड़ जमीन वापस की जा चुकी है, जबकि 13 एकड़ भूमि अब भी विवादित है।

तहसीलदार का पुराना विवादित इतिहास

अजय चंद्रवंशी पर पहले भी कई आरोप लगे हैं। रायपुर में कार्यकाल के दौरान उन्होंने 100 से ज्यादा जमीनों की रजिस्ट्री यह कहकर रोकी कि वे फ्लैट के रूप में दर्ज हैं। आरोपों के चलते उनका तबादला गरियाबंद जिले में कर दिया गया, जहां उन्होंने फिर से राजिम तहसील में विवादित फैसले लिए।

फर्जी दस्तावेजों से बना महंत, शादीशुदा होने के बावजूद पाया अधिकार

मामले के मुख्य आरोपी आशीष तिवारी ने खुद को महंत राम आशीष दास बताया और दावा किया कि उसके मामा (पूर्व महंत रामभूषध दास) ने वसीयत के माध्यम से उसे उत्तराधिकारी बनाया था। लेकिन जांच में ये वसीयतनामा भी संदेहास्पद पाया गया। मठ नियमों के अनुसार, महंत का ब्रह्मचारी होना आवश्यक है, जबकि आशीष शादीशुदा है और उसके दो बच्चे हैं।

एफआईआर दर्ज की जाएगी

मठ के सचिव महेंद्र अग्रवाल और ट्रस्टी अजय तिवारी का कहना है कि जमीनें लगभग 150 साल पहले दान में दी गई थीं, जिनके बिक्री पर पूर्ण प्रतिबंध था। अब ट्रस्ट की ओर से आशीष तिवारी और तहसीलदार अजय चंद्रवंशी के खिलाफ माना थाना में एफआईआर दर्ज कराने की तैयारी की जा रही है।

इस पूरे घोटाले ने मठों की संपत्ति की रक्षा से जुड़े प्रशासनिक तंत्र पर सवाल खड़े कर दिए हैं।

नान कर्मचारियों को बड़ी राहत: डीए बढ़ा, पांच परिवारों को अनुकंपा नियुक्ति की सौगात

रायपुर, 21 जून 2025 – छत्तीसगढ़ स्टेट सिविल सप्लाइज कॉरपोरेशन लिमिटेड (नागरिक आपूर्ति निगम – NAN) के लिए शनिवार का दिन राहत भरी खबर लेकर आया। नवनियुक्त अध्यक्ष संजय श्रीवास्तव की अध्यक्षता में नवा रायपुर स्थित निगम मुख्यालय में हुई 95वीं संचालक मंडल बैठक में कर्मचारियों से जुड़े कई अहम फैसले लिए गए।

इस बैठक में सबसे बड़ा फैसला महंगाई भत्ते (DA) को बढ़ाने को लेकर हुआ। मार्च 2025 से लागू महंगाई भत्ते में हुई बढ़ोतरी को संचालक मंडल ने औपचारिक मंजूरी दे दी है, जिससे कर्मचारियों की आर्थिक स्थिति को मजबूत बनाने में मदद मिलेगी।

इसके साथ ही, वर्षों से लंबित अनुकंपा नियुक्तियों के विषय पर भी संवेदनशील निर्णय लिया गया। निगम के पांच दिवंगत कर्मचारियों के आश्रितों को नौकरी देने का फैसला किया गया है। यह निर्णय उनके परिवारों को स्थायित्व और आर्थिक सुरक्षा देने में महत्वपूर्ण साबित होगा।

बैठक में वित्तीय वर्ष 2022-23 के लेखों को अंतिम रूप देने और वित्तीय पत्रकों को मंजूरी दी गई। साथ ही, वित्तीय वर्ष 2025-26 का बजट भी पारित किया गया।

इन फैसलों से न केवल कर्मचारियों को राहत मिलेगी, बल्कि निगम के प्रशासनिक कार्यों में भी गति और पारदर्शिता आएगी।

ट्रिपल आईटी रायपुर में स्टेट और एनटीपीसी कोटे से एडमिशन प्रक्रिया शुरू, 3 जुलाई तक करें आवेदन

छत्तीसगढ़ की राजधानी रायपुर स्थित ट्रिपल आईटी (IIIT) में स्टेट कोटा और एनटीपीसी कोटे के तहत प्रवेश के लिए आवेदन प्रक्रिया शुरू हो गई है। इच्छुक छात्र 3 जुलाई 2025 तक आवेदन कर सकते हैं। कुल सीटों में से 50% सीटें छत्तीसगढ़ राज्य कोटे और 15% सीटें एनटीपीसी कोटे के लिए आरक्षित हैं।

इन शाखाओं में मिलेगा प्रवेश

ट्रिपल आईटी रायपुर में बीटेक की तीन शाखाओं – कंप्यूटर साइंस एंड इंजीनियरिंग, डाटा साइंस एंड आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस, और इलेक्ट्रॉनिक्स एंड कम्युनिकेशन इंजीनियरिंग – में कुल 180 सीटें उपलब्ध हैं।

ऐसे होगी काउंसलिंग प्रक्रिया

प्रवेश काउंसलिंग के तहत पहली अलॉटमेंट लिस्ट 8 जुलाई को जारी की जाएगी। इसमें चयनित छात्रों को 14 जुलाई तक फीस जमा कर दस्तावेजों का सत्यापन कराना होगा।

दूसरी सूची 16 जुलाई को प्रकाशित होगी, जिसके तहत 22 जुलाई तक प्रक्रिया पूरी करनी होगी।

तीसरी और अंतिम सूची 24 जुलाई को जारी होगी और इसमें चुने गए छात्रों को 6 अगस्त तक अपनी प्रवेश प्रक्रिया पूरी करनी होगी।

इच्छुक अभ्यर्थियों को सलाह दी गई है कि वे अंतिम तारीख से पहले आवेदन करें और सभी आवश्यक दस्तावेज तैयार रखें।

रायपुर में दुर्लभ ट्रेकियल स्टेनोसिस सर्जरी सफल, नाक की हड्डी से दोबारा बनी श्वास नली की दीवार

छत्तीसगढ़ की राजधानी रायपुर में स्थित पं. जवाहरलाल नेहरू स्मृति चिकित्सा महाविद्यालय एवं उससे संबद्ध डॉ. भीमराव आंबेडकर स्मृति अस्पताल के डॉक्टरों की टीम ने एक अत्यंत जटिल और दुर्लभ सर्जरी में सफलता हासिल की है। मरीज को सबग्लोटिक स्टेनोसिस (Subglottic Stenosis) की समस्या थी, जिसमें सांस नली में गंभीर संकुचन आ जाता है। डॉक्टरों ने ट्रेकियोप्लास्टी विद एंटीरियर ट्रेकियल वॉल रिकंस्ट्रक्शन नामक सर्जरी कर मरीज की जान बचाई। खास बात यह रही कि ट्रेकिया (windpipe) की दीवार को नाक के सेप्टल कार्टिलेज (नाक की हड्डी) से फिर से बनाया गया।

इस जटिल ऑपरेशन को ईएनटी, प्लास्टिक सर्जरी और रेडियोडायग्नोसिस विभागों की विशेषज्ञ टीम ने मिलकर दो चरणों में अंजाम दिया।

मरीज की स्थिति और उपचार का सिलसिला

बिलासपुर निवासी 36 वर्षीय मरीज को सितंबर 2024 में सिम्स, बिलासपुर में Ascending Colon Perforation का इलाज मिला था। इलाज के कुछ सप्ताह बाद उसे सांस लेने में तकलीफ हुई और ट्रेकियोस्टॉमी करनी पड़ी। दो महीने बाद ट्यूब हटाकर घाव बंद कर दिया गया, पर मरीज को दोबारा सांस लेने में समस्या होने लगी। जाँच में पता चला कि वह ट्रेकियल स्टेनोसिस से ग्रस्त हो गया है। इसके बाद मरीज को रायपुर मेडिकल कॉलेज रेफर किया गया।

दो चरणों में हुई सर्जरी

पहला चरण:

24 दिसंबर 2024 को डॉ. मान्या रॉय ने री-डू ट्रेकियोस्टॉमी कर मरीज का वायुमार्ग फिर से खोला। CECT स्कैन में सामने आया कि मरीज की श्वास नली में 2.4 सेंटीमीटर लंबा संकुचन और 7 मिमी की पूर्ण स्टेनोसिस थी।

दूसरा चरण:

16 मई 2025 को ट्रेकियोप्लास्टी विद एंटीरियर ट्रेकियल वॉल रिकंस्ट्रक्शन सर्जरी की गई, जिसमें नाक की हड्डी का प्रयोग कर ट्रेकिया की दीवार दोबारा बनाई गई।

इस सर्जरी को अंजाम देने वाली टीम में शामिल रहे:

डॉ. दक्षेश शाह (एचओडी, प्लास्टिक सर्जरी)

डॉ. वर्षा मुंगुटवार (प्रोफेसर, ईएनटी)

डॉ. मान्या रॉय, डॉ. प्रोनब, डॉ. सुमन दास

एनेस्थीसिया टीम: डॉ. जया लालवानी, डॉ. रश्मि नायक, डॉ. मंजू टंडन, डॉ. शाहिदा, डॉ. शशांक

रेडियोलॉजिस्ट: डॉ. विवेक पात्रे, डॉ. विभा पात्रे

सर्जरी के बाद की स्थिति

26 मई को पुन: जांच के दौरान मरीज का ओरल ईटी ट्यूब हटाया गया, नाक के रास्ते से इंटुबेशन किया गया और घाव की सिलाई की गई। अब मरीज ट्रेकियोस्टॉमी के बिना सामान्य रूप से सांस ले रहा है, बातचीत कर पा रहा है और पूर्ण रूप से स्वस्थ है।

चिकित्सकीय उपलब्धि

डॉक्टरों के अनुसार सबग्लोटिक स्टेनोसिस एक जटिल और बार-बार उभरने वाली स्थिति होती है। लेकिन इस केस में ऑपरेशन पूरी तरह सफल रहा। मरीज अब नियमित फॉलोअप पर है और सामान्य जीवन जी रहा है। यह रायपुर के शासकीय मेडिकल कॉलेज और अस्पताल के लिए एक महत्वपूर्ण उपलब्धि मानी जा रही है।

यह सफलता इस बात का प्रमाण है कि जब विशेषज्ञता, समर्पण और टीमवर्क साथ आते हैं, तो सबसे जटिल बीमारियों का भी समाधान संभव होता है।

गृहमंत्री अमित शाह अबूझमाड़ पहुंचेंगे, बसव राजू के खात्मे में शामिल जवानों का बढ़ाएंगे मनोबल

छत्तीसगढ़ के बस्तर क्षेत्र में नक्सल विरोधी अभियान को मिली ऐतिहासिक सफलता के बाद अब केंद्रीय गृहमंत्री अमित शाह अबूझमाड़ के इरकभट्टी कैंप का दौरा करने वाले हैं। यह वही इलाका है, जहां 21 मई को डीआरजी के जांबाज़ जवानों ने नक्सल संगठन के महासचिव और शीर्ष नेता बसव राजू को एक मुठभेड़ में मार गिराया था। इस कार्रवाई को नक्सलवाद के खिलाफ अब तक की सबसे बड़ी उपलब्धि माना जा रहा है।

शाह 23 जून को इरकभट्टी कैंप पहुंचेंगे, जहां वे बसव राजू को मार गिराने वाले जवानों से मुलाकात करेंगे। जानकारी के अनुसार, वे जवानों से उनके अनुभव साझा करने को कह सकते हैं और आगे की रणनीति को लेकर प्रेरणा देने का काम करेंगे। इस दौरान गृहमंत्री जवानों के साथ भोजन भी कर सकते हैं।

दिल्ली में हाल ही में शाह ने छत्तीसगढ़ पुलिस अधिकारियों को सम्मानित करते हुए बसव राजू के मारे जाने को एक बड़ी जीत बताया था और कहा था कि वे उन बहादुर जवानों से स्वयं मिलना चाहते हैं जिन्होंने यह साहसिक अभियान चलाया।

अबूझमाड़ को लंबे समय से नक्सलियों का मजबूत गढ़ माना जाता रहा है, और आज तक किसी भी केंद्रीय मंत्री ने इस इलाके का दौरा नहीं किया है। लेकिन अमित शाह इस परंपरा को तोड़ते हुए वहां पहुंच रहे हैं, जिससे यह संदेश जाएगा कि सरकार नक्सलियों को उनके आखिरी ठिकानों तक खत्म करने के लिए प्रतिबद्ध है।

इससे पहले भी गृहमंत्री सुकमा और बीजापुर के अति संवेदनशील इलाकों में जाकर जवानों से मुलाकात कर चुके हैं। अब उनका अबूझमाड़ दौरा न केवल नक्सलियों के हौसले पस्त करेगा, बल्कि सुरक्षा बलों का आत्मविश्वास और भी मजबूत करेगा।

जगदलपुर में ACB की बड़ी कार्रवाई: दो लाख की रिश्वत लेते PWD इंजीनियर रंगे हाथों गिरफ्तार

छत्तीसगढ़ के जगदलपुर जिले में एंटी करप्शन ब्यूरो (ACB) ने एक भ्रष्ट अधिकारी को रिश्वत लेते हुए रंगे हाथों पकड़ा है। यह कार्रवाई बस्तर क्षेत्र में भ्रष्टाचार के खिलाफ जारी मुहिम का हिस्सा है।

मामला पीडब्ल्यूडी (लोक निर्माण विभाग) के विद्युत यांत्रिकी डिवीजन के कार्यपालन अभियंता (एक्जीक्यूटिव इंजीनियर) अजय कुमार से जुड़ा है, जो एक ठेकेदार से लंबित बिल भुगतान के बदले 2 लाख रुपये की रिश्वत मांग रहा था।

पीड़ित ठेकेदार ने इसकी शिकायत एसीबी से की, जिसके बाद टीम ने योजनाबद्ध तरीके से जाल बिछाया। जैसे ही इंजीनियर अजय कुमार ने अपने साकेत कॉलोनी स्थित आवास पर ठेकेदार से रिश्वत ली, टीम ने उसे रंगे हाथों पकड़ लिया।

ACB अधिकारी डीएसपी रमेश मरकाम ने बताया कि अभियंता के खिलाफ भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम के तहत केस दर्ज किया गया है और आगे की कानूनी प्रक्रिया जारी है।

गिरफ्तारी के दौरान अजय कुमार की तबीयत बिगड़ गई। उसने सांस लेने में तकलीफ की शिकायत की, जिसके बाद उसे जिला अस्पताल ले जाया गया। चिकित्सकों की सलाह पर उसे कुछ देर निगरानी में रखा गया और फिर ACB की टीम उसे अस्पताल से ही कोर्ट लेकर गई।

यह कार्रवाई बस्तर क्षेत्र में भ्रष्टाचार पर नकेल कसने की दिशा में एक अहम कदम मानी जा रही है।

8 लाख की इनामी महिला नक्सली ढेर, हथियार और नक्सली सामग्री बरामद, अन्य नक्सली फरार

कांकेर (छत्तीसगढ़) — जिले के छोटेबेठिया थाना क्षेत्र में शुक्रवार को सुरक्षा बलों और नक्सलियों के बीच मुठभेड़ हुई, जिसमें एक महिला नक्सली मारी गई। उस पर सरकार ने 8 लाख रुपए का इनाम घोषित किया था। मुठभेड़ के दौरान उसके अन्य साथी घने जंगल का सहारा लेकर मौके से फरार हो गए।

यह मुठभेड़ आमाटोला और कलपर के बीच उस समय हुई जब डीआरजी (डिस्ट्रिक्ट रिजर्व गार्ड) और बीएसएफ की टीम कोटरी नदी पार इलाके में सर्च ऑपरेशन चला रही थी। मारी गई नक्सली की पहचान शांति देवे के रूप में हुई है, जो पीएलजीए की सक्रिय सदस्य थी और पहले गरियाबंद जिले की गोबरा एरिया कमेटी से जुड़ी थी। बाद में वह उत्तर बस्तर डिवीजन में शिफ्ट होकर पीएलजीए की कंपनी नंबर 5 और 7 की सक्रिय सदस्य बनी रही।

सुरक्षा बलों को मौके से एक .303 राइफल, देसी बीजीएल लॉन्चर, बड़ी मात्रा में गोला-बारूद, वॉकी-टॉकी, नक्सली साहित्य, दवाइयाँ और अन्य जरूरी सामान बरामद हुआ है।

बस्तर रेंज के आईजी सुंदरराज पट्टलिंगम ने इस कार्रवाई की पुष्टि करते हुए बताया कि नक्सलियों को आत्मसमर्पण की नीति के तहत मुख्यधारा में लौटने का अवसर अब भी उपलब्ध है। कांकेर एसएसपी इंदिरा कल्याण एलेसेला ने कहा कि अन्य नक्सलियों की तलाश के लिए क्षेत्र में सघन सर्च अभियान चलाया जा रहा है।