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1.65 करोड़ के गोल्ड लोन घोटाले और CGPSC मामले की सुनवाई तय, जांच में कई खुलासे

राजधानी रायपुर में इंडियन ओवरसीज बैंक, राजिम शाखा में सामने आए 1.65 करोड़ रुपए के गोल्ड लोन फर्जीवाड़े की सुनवाई 27 जून को तय की गई है। जांच एजेंसियों द्वारा इस मामले में बैंक के पूर्व शाखा प्रबंधक सुनील कुमार, सहायक प्रबंधक अंकिता पाणिग्रही, लिपिक योगेश पटेल और खेमनलाल कंवर को न्यायिक हिरासत में भेजा गया है।

इस घोटाले का खुलासा 2022 में हुआ था, जब यह सामने आया कि आरोपियों ने बैंक के निष्क्रिय और कम उपयोग वाले खातों को टारगेट कर फर्जी दस्तावेजों के आधार पर गोल्ड लोन स्वीकृत किए और फिर वह रकम आपस में बाँट ली। मामले की जांच पूरी कर चालान तैयार कर लिया गया है, जिसे 27 जून को अदालत में पेश किया जाएगा।

CGPSC घोटाले की सुनवाई 15 जुलाई को

इसके साथ ही बहुचर्चित छत्तीसगढ़ लोक सेवा आयोग (CGPSC) भर्ती घोटाले की सुनवाई 15 जुलाई को सीबीआई की विशेष अदालत में की जाएगी। सोमवार को रिमांड अवधि खत्म होने पर सुनवाई हुई, लेकिन अभियोजन की स्वीकृति नहीं मिलने के कारण अदालत ने सीबीआई को अतिरिक्त समय देते हुए सुनवाई 14 दिनों के लिए टाल दी।

इस मामले में तत्कालीन अध्यक्ष टामन सिंह सोनवानी, उनके पुत्र साहिल सोनवानी, व्यापारी श्रवण गोयल, शशांक गोयल और बहू भूमिका कटियार समेत कई आरोपियों को जेल भेजा गया है।

सीजीएमएससी घोटाले में जमानत याचिका पर 25 जून को सुनवाई

इसी बीच छत्तीसगढ़ मेडिकल सर्विसेस कॉरपोरेशन लिमिटेड (CGMSC) में सामने आए 660 करोड़ रुपए के घोटाले में गिरफ्तार डॉ. अनिल परसाई की जमानत याचिका पर 25 जून को सुनवाई होगी। बचाव पक्ष ने अदालत से समय की मांग की थी, जिस पर सुनवाई दो दिन के लिए आगे बढ़ा दी गई है।

गौरतलब है कि इस मामले में प्रभारी महाप्रबंधक बसंत कुमार कौशिक, बायोमेडिकल इंजीनियर छिरोद रौतिया, उपप्रबंधक कमलकांत पाटनवार, मेडिकल इंजीनियर दीपक कुमार बंधे और मोक्षित कॉरपोरेशन के संचालक शंशाक चोपड़ा सहित कई लोगों को गिरफ्तार कर जेल भेजा जा चुका है।

इन सभी मामलों में अदालत की अगली सुनवाई से नए खुलासों की उम्मीद जताई जा रही है।

रायपुर के ऋषभ ने नीट और जेईई दोनों परीक्षाएं की क्रेक, साझा किए सफलता के मंत्र

रायपुर के रहने वाले ऋषभ पांडा ने वह कर दिखाया है जो लाखों छात्र सिर्फ सपना देखते हैं। उन्होंने न सिर्फ देश की सबसे कठिन परीक्षाओं में से एक नीट को क्रैक किया, बल्कि जेईई में भी शानदार प्रदर्शन करते हुए 99 पर्सेंटाइल से ज्यादा अंक हासिल किए। ऋषभ की मेहनत, अनुशासन और सही रणनीति ने उन्हें दोहरी सफलता दिलाई है।

ऋषभ ने बताया कि हाईस्कूल के बाद उन्होंने मोबाइल फोन से दूरी बना ली थी। वे नियमित रूप से पढ़ाई करते थे और खुद के बनाए हुए नोट्स से रिवीजन करते रहते थे। उन्होंने 11वीं से ही नीट की तैयारी के साथ-साथ जेईई की भी तैयारी शुरू कर दी थी। इसके लिए उन्होंने 12वीं में गणित को वैकल्पिक विषय के रूप में चुना, क्योंकि उन्हें बचपन से ही गणित पसंद था।

ऋषभ का मानना है कि नियमित अभ्यास और एनसीईआरटी की किताबों से पढ़ाई ही उनकी सफलता की कुंजी है। उन्होंने बताया कि वे आम दिनों में रोजाना 8 से 9 घंटे पढ़ाई करते थे, लेकिन बोर्ड परीक्षाओं के बाद नीट और जेईई की गहराई से तैयारी के लिए उन्होंने 12 से 13 घंटे तक अध्ययन किया। उन्होंने मॉक टेस्ट और पिछले वर्षों के पेपर भी हल किए, जिससे उन्हें परीक्षा पैटर्न को समझने में काफी मदद मिली।

नीट में ऋषभ को 2066 ऑल इंडिया रैंक प्राप्त हुई है, जबकि जेईई में उन्होंने 99 पर्सेंटाइल से अधिक अंक प्राप्त किए हैं। उन्होंने कहा कि वह डॉक्टर बनना चाहते हैं, क्योंकि उनके लिए लोगों का जीवन बचाने से बड़ी कोई सेवा नहीं है। वे गोरखपुर स्थित एस मेडिकल कॉलेज में प्रवेश लेने की कोशिश कर रहे हैं, जहां उनकी रैंक के आधार पर अच्छे अवसर मिलने की संभावना है।

अपनी सफलता का श्रेय ऋषभ ने अपने माता-पिता और शिक्षकों को दिया है, जिनका मार्गदर्शन और समर्थन उन्हें निरंतर प्रेरित करता रहा। ऋषभ की यह सफलता उन छात्रों के लिए प्रेरणा है जो कठिन परीक्षाओं की तैयारी में जुटे हैं।

कोल खदान में ड्यूटी जा रही बस नदी में गिरी, ड्राइवर की मौत, 11 कर्मी गंभीर रूप से घायल

छत्तीसगढ़ के सूरजपुर जिले में शनिवार रात एक बड़ा हादसा हो गया। भटगांव क्षेत्र के महान-3 कोल खदान में ड्यूटी पर जा रही एसईसीएल की एक बस अनियंत्रित होकर पुलिया से नीचे नदी में जा गिरी। इस दर्दनाक हादसे में बस चालक रोशन राजवाड़े की मौके पर ही मौत हो गई, जबकि 13 कॉलरी कर्मी घायल हो गए। इनमें से 11 की हालत गंभीर बताई जा रही है।

जानकारी के मुताबिक, भटगांव और जरही क्षेत्र में रहने वाले 13 कॉलरीकर्मी हर रोज की तरह ड्यूटी के लिए निकले थे। वे रात करीब 9 बजे जब सोनगरा-खड़गवां मार्ग पर सुखदेवपुर की पुलिया से गुजर रहे थे, तभी बस अचानक अनियंत्रित होकर पुल से नीचे नदी में जा गिरी।

हादसे की सूचना मिलते ही खड़गवां चौकी पुलिस मौके पर पहुंची और राहत-बचाव कार्य शुरू किया गया। घायलों को बाहर निकालकर एंबुलेंस के ज़रिए एसईसीएल के भटगांव अस्पताल लाया गया। जहां प्राथमिक उपचार के बाद दो कर्मियों को छुट्टी दे दी गई, जबकि 11 गंभीर रूप से घायलों को बेहतर इलाज के लिए अंबिकापुर के जीवन ज्योति अस्पताल में रेफर किया गया है।

घटना की सूचना मिलते ही सूरजपुर कलेक्टर एस. जयवर्धन और एसएसपी प्रशांत कुमार ठाकुर अस्पताल पहुंचे और घायलों की स्थिति का जायज़ा लिया। उन्होंने डॉक्टरों को निर्देश दिए कि घायलों को हरसंभव बेहतर इलाज उपलब्ध कराया जाए। फिलहाल पुलिस मामले की जांच कर रही है।

रायपुर में ट्रैफिक नियम तोड़ने वालों की खैर नहीं: 90 दिन में चालान नहीं भरा तो जाना होगा कोर्ट

छत्तीसगढ़ की राजधानी रायपुर समेत पूरे राज्य में ट्रैफिक नियमों का उल्लंघन करने वालों पर अब पुलिस सख्त हो गई है। अब यदि किसी वाहन चालक ने ट्रैफिक नियम तोड़ा और 90 दिनों के भीतर चालान की रकम जमा नहीं की, तो मामला स्वतः कोर्ट पहुंच जाएगा। इसके बाद वाहन मालिक को कोर्ट में पेश होकर जुर्माना अदा करना होगा।

ऑनलाइन चालान सिस्टम से त्वरित कार्रवाई

राज्य में हाई सिक्योरिटी नंबर प्लेट्स की अनिवार्यता और चौराहों पर लगे अत्याधुनिक कैमरों की मदद से ट्रैफिक नियम तोड़ते ही चालान स्वतः जनरेट हो रहा है। यह चालान वाहन नंबर, फोटो और चालक की जानकारी के साथ सीधे मोबाइल पर भेजा जा रहा है। इससे पहले चालान की तामिली नहीं हो पाती थी क्योंकि वाहनों की आरसी में नाम, पता और मोबाइल नंबर अपडेट नहीं होते थे।

रिकॉर्ड वसूली: पांच महीने में 15.40 करोड़ का जुर्माना

1 जनवरी से 31 मई 2025 तक राज्य भर में ट्रैफिक नियमों का उल्लंघन करने वाले 3.97 लाख से अधिक वाहन चालकों पर कार्रवाई की गई है। इस दौरान 15 करोड़ 39 लाख रुपए से अधिक की जुर्माना राशि वसूली गई। सबसे अधिक मामले रायपुर जिले से दर्ज हुए हैं, जहां 56,268 वाहनों के खिलाफ चालान काटे गए। वहीं सबसे कम मामले नारायणपुर जिले से सामने आए हैं, जहां केवल 878 वाहन चालकों पर कार्रवाई हुई।

आरसी अपडेट नहीं तो बढ़ेगी परेशानी

एआईजी ट्रैफिक संजय शर्मा ने बताया कि चालान अब मैन्युअल नहीं, बल्कि पूरी तरह ऑनलाइन प्रक्रिया से भेजे जा रहे हैं। जिन वाहन मालिकों की आरसी में सही मोबाइल नंबर और पता दर्ज हैं, उन्हें चालान समय पर मिल रहे हैं। चालान मिलने के बाद वाहन मालिक को 90 दिन के भीतर रकम जमा करना अनिवार्य है।

समय पर चालान न भरने पर सख्त कार्रवाई

यदि निर्धारित अवधि के भीतर चालान की राशि जमा नहीं होती है, तो वाहन मालिक को कोर्ट में पेश होकर जुर्माना अदा करना पड़ेगा। साथ ही मोटर व्हीकल एक्ट के तहत ऐसे वाहनों की आरसी रद्द कर दी जा सकती है और वाहन को ब्लैकलिस्टेड कर दिया जाएगा। इससे न केवल वाहन चलाना मुश्किल हो जाएगा, बल्कि भविष्य में वाहन से जुड़ी किसी भी प्रक्रिया में परेशानी हो सकती है।

लोगों को नियम पालन के लिए किया जा रहा प्रेरित

पुलिस अधिकारियों का मानना है कि इस सख्ती का सकारात्मक असर दिख रहा है। लोग अब ट्रैफिक नियमों का अधिक पालन कर रहे हैं जिससे सड़क हादसों में कमी आने की उम्मीद है। पूरे राज्य में 82 लाख से अधिक वाहन पंजीकृत हैं, जिनमें से अकेले रायपुर में ही 18.5 लाख वाहन हैं।

राज्य सरकार और पुलिस की यह पहल ट्रैफिक व्यवस्था को सुदृढ़ और अनुशासित बनाने की दिशा में बड़ा कदम मानी जा रही है। 

छत्तीसगढ़ के श्रमिकों को नहीं मिल रहा न्याय, अधिकारियों की मनमानी से आक्रोश

रायपुर। छत्तीसगढ़ की राजधानी में श्रमिकों के हितों की अनदेखी और अधिकारियों की मनमानी को लेकर गहरी नाराजगी देखने को मिल रही है। सर्व विभागीय दैनिक श्रमिक कल्याण संघ के बैनर तले शहीद उद्यान (गार्डन), विधानसभा रोड में एक अहम बैठक आयोजित की गई। बैठक की अध्यक्षता प्रदेश अध्यक्ष राकेश साहू और महिला प्रकोष्ठ की प्रदेशाध्यक्ष रोजीला परवीन ने की।

बैठक में श्रमिकों से जुड़े ज्वलंत मुद्दों पर चर्चा की गई। इसमें यह खुलासा हुआ कि विधानसभा संभाग अंतर्गत कार्यरत लगभग 700 दैनिक श्रमिकों में से सिर्फ 243 को ही श्रम सम्मान राशि प्राप्त हो रही है। जबकि फरवरी माह के लिए निधि का आवंटन हो चुका है, फिर भी अधिकांश श्रमिक इस लाभ से वंचित हैं। इससे श्रमिकों में जबरदस्त आक्रोश है।

ईपीएफ सुविधा और नियमितीकरण पर भी चर्चा

बैठक में यह भी सामने आया कि कई श्रमिकों का अभी तक पीएफ (ईपीएफ) यूएएन नंबर जारी नहीं हुआ है, जिससे वे भविष्य निधि के लाभ से वंचित हैं। साथ ही, नियमितीकरण और स्थायीत्व से जुड़े मामलों को लेकर चल रहे न्यायालयीन प्रकरणों पर भी विस्तार से चर्चा हुई। श्रमिक नेताओं ने बताया कि विभागीय अधिकारियों की लापरवाही और अनियमितता के चलते स्थिति दिन-ब-दिन गंभीर होती जा रही है।

नए पदाधिकारियों की नियुक्ति और आंदोलन की चेतावनी

बैठक में प्रसल्भ त्रिपाठी को विधानसभा संभाग अध्यक्ष तथा वंदना देवहरे को महिला संभाग अध्यक्ष के रूप में नियुक्त किया गया। इसके अलावा यह निर्णय भी लिया गया कि यदि संबंधित विभाग समय रहते समस्याओं का निराकरण नहीं करता, तो श्रमिक संघ विधानसभा संभाग कार्यालय का घेराव करेगा।

श्रमिक नेताओं ने स्पष्ट रूप से कहा कि जब तक सभी श्रमिकों को श्रम सम्मान राशि, ईपीएफ लाभ और स्थायीत्व से जुड़ा न्याय नहीं मिलेगा, तब तक उनका संघर्ष जारी रहेगा।

रायपुर के कांग्रेस अध्यक्ष दीपक बैज ने अमित शाह से सवाल उठाया – “डबल इंजन” सरकार के वादों पर शक, आदिवासियों की सुरक्षा और किसानों की फसल-संरक्षा पर उठाए गंभीर सवाल

रायपुर में प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष दीपक बैज ने केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह से मुखातिब होते हुए तर्क दिया कि चुनाव से पहले “डबल इंजन” सरकारों का वादा था, लेकिन अब ऐसा क्यों नहीं दिख रहा। मानसून के आगमन के बाद भी किसानों को डीएपी खाद और बीज नहीं मिल पाने की स्थिति के लिए उन्होंने केंद्र सरकार को दोषी ठहराया। बैज के अनुसार, खरीफ की बुवाई का मौसमी समय चल रहा है पर 4.5 लाख मीट्रिक टन की कुल जरूरत में से मात्र 81 हजार टन खाद उपलब्ध है

उनका कहना था कि खाद–बीज की कमी के कारण किसानों को लगातार परेशानियों से जूझना पड़ रहा है और यह पूरी दुहाई है कि डबल इंजन सरकार किसानों के हित में काम कर रही है

धान खरीदी को लेकर भी बैज ने कड़ी प्रतिक्रिया दी। उन्होंने बताया कि राज्य में समर्थन मूल्य पर खरीदा गया लगभग 35 लाख मीट्रिक टन धान खुले में रखी हुई है, जिस पर किसी भी प्रकार का निपटान योजना नहीं बनी है। इसके परिणामस्वरूप धान सड़कर खराब हो सकता है, जिससे किसानों को हजारों करोड़ रुपये का नुकसान हो सकता है

बैज ने केंद्र सरकार पर आरोप लगाया कि वह छत्तीसगढ़ के लिए केंद्रीय पूल में से पर्याप्त डीएपी खाद और अन्य उर्वरकों के कोटे जारी नहीं कर रही, जबकि राज्य में खरीफ सीजन चल रहा है और खेती की बुवाई की तैयारी जोरों पर है ,उन्होंने चेतावनी दी कि यदि एक सप्ताह में खाद और बीज की आपूर्ति सुनिश्चित नहीं की गई तो कांग्रेस इसके विरोध में बड़ा आंदोलन करेगी .

इस सारे मुद्दे को लेकर बैज ने केंद्र और राज्य की “डबल इंजन” सरकारों पर सवालिया निशान खड़े किए कि ऐसी सरकार का क्या भरोसा, जब राज्य का किसान ही अपनी प्रमुख फसल की खरीद और खाद–बीज की व्यवस्था नहीं करा पा रहा है।

गृह मंत्री अमित शाह ने NFSU और फॉरेंसिक लैब का किया उद्घाटन, बोले- अब नक्सल ऑपरेशन बारिश में भी नहीं रुकेगा

रविवार को छत्तीसगढ़ के नवा रायपुर में केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने राष्ट्रीय न्यायालयिक विज्ञान विश्वविद्यालय (NFSU) के अस्थायी परिसर का भूमिपूजन किया और I-Hub रायपुर का वर्चुअल उद्घाटन किया। इस अवसर पर उन्होंने कहा कि यह दिन छत्तीसगढ़ के क्रिमिनल जस्टिस सिस्टम को आधुनिक और वैज्ञानिक आधार देने की दिशा में ऐतिहासिक है।

शाह ने कहा कि राज्य में पहली बार ऐसा हो रहा है कि वर्षा ऋतु में भी सुरक्षा बल नक्सलियों के खिलाफ सक्रिय रहेंगे। उन्होंने नक्सलियों से आत्मसमर्पण करने और राज्य के विकास में शामिल होने की अपील की।

268 करोड़ रुपये की लागत से NFSU का स्थायी परिसर और केंद्रीय फॉरेंसिक साइंस लैब विकसित की जा रही है। यह संस्थान फॉरेंसिक साइंस, साइबर सुरक्षा, और व्यवहार विज्ञान जैसे विषयों में शिक्षा और अनुसंधान का केंद्र बनेगा।

मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय ने इस दिन को छत्तीसगढ़ के लिए गौरवपूर्ण बताया और कहा कि इससे राज्य को नई पहचान मिलेगी। वहीं, आई-हब को लेकर शाह ने कहा कि यह मंच युवाओं को स्टार्टअप संस्कृति से जोड़ने में सहायक होगा और तकनीकी, वित्तीय और प्रोफेशनल सेवाएं उपलब्ध कराएगा।

NFSU में स्नातक, परास्नातक और शॉर्ट टर्म कोर्स होंगे जो साइबर क्राइम, डिजिटल फॉरेंसिक, ड्रग एनालिसिस और ट्रैफिक एक्सीडेंट इन्वेस्टिगेशन जैसे क्षेत्रों में राज्य की क्षमताओं को मजबूत बनाएंगे। शाह ने आशा जताई कि आने वाले वर्षों में रायपुर से भी वैश्विक स्तर के स्टार्टअप्स उभरेंगे।

इस समारोह में विधानसभा अध्यक्ष डॉ. रमन सिंह, केंद्रीय राज्य मंत्री तोखन साहू, उपमुख्यमंत्री विजय शर्मा, अरुण साव और अन्य वरिष्ठ अधिकारी उपस्थित थे।

फ्लाइट से दूरी, रेलवे में भीड़: बारिश, क्रैश और डर का असर रायपुर एयरपोर्ट पर साफ

रायपुर में बारिश के मौसम की शुरुआत, स्कूल-कॉलेजों के खुलने और हाल ही में अहमदाबाद फ्लाइट क्रैश जैसी घटनाओं का सीधा असर हवाई यात्राओं पर देखा जा रहा है। स्वामी विवेकानंद एयरपोर्ट पर यात्रियों की संख्या में 3.55% की गिरावट आई है। फ्लाइट में तकनीकी खराबी की खबरों और सुरक्षा को लेकर बढ़ते डर के कारण लोग अब हवाई यात्रा से दूरी बना रहे हैं।

एयरपोर्ट अथॉरिटी के अनुसार, 2 से 8 जून के बीच जहां 62,500 यात्रियों का आवागमन हुआ, वहीं 9 से 15 जून के बीच यह घटकर 60,282 रह गया। यानी महज एक हफ्ते में 2,217 यात्रियों की कमी दर्ज की गई। ट्रैवल एजेंसियों का कहना है कि मानसून के साथ ही शिक्षा संस्थानों के शुरू होने से यात्राएं सामान्य तौर पर कम हो जाती हैं, वहीं सुरक्षा कारणों ने इस बार डर और बढ़ा दिया है।

इसके साथ ही, अंतरराष्ट्रीय उड़ानों पर भी असर पड़ा है। अहमदाबाद फ्लाइट हादसे और ईरान-इजराइल तनाव की वजह से लोग विदेश यात्रा से बच रहे हैं। हालांकि उम्मीद की जा रही है कि त्योहारों के मौसम में एक बार फिर यात्रियों की संख्या में इजाफा होगा।

दिल्ली अब भी सबसे लोकप्रिय डेस्टिनेशन बना हुआ है। रायपुर से दिल्ली के लिए रोजाना 6 फ्लाइटें चलती हैं, जिनसे प्रतिदिन 1500-1800 लोग सफर करते हैं। मुंबई और हैदराबाद के लिए कुल 7 फ्लाइटों से लगभग 2000 यात्रियों का आवागमन हो रहा है।

वहीं दूसरी ओर, ट्रेनों में जबरदस्त भीड़ है। रायपुर से गुजरने वाली लंबी दूरी की ट्रेनों में जुलाई के अंत तक सीटें फुल हैं और वेटिंग 100 से पार पहुंच गई है। लोकल ट्रेनों में भी पैर रखने की जगह नहीं मिल रही। कामकाजी मजदूरों की घर वापसी और खेती की शुरुआत के कारण रेल यात्रा पर दबाव और बढ़ गया है।

छत्तीसगढ़ यात्रा पर अमेरिकी चेतावनी: नक्सल खतरे के चलते अमेरिका ने अपने नागरिकों को दी सतर्कता बरतने की सलाह

अमेरिका ने हाल ही में अपने नागरिकों के लिए एक नई ट्रैवल एडवाइजरी जारी की है, जिसमें छत्तीसगढ़ सहित भारत के छह से अधिक राज्यों की यात्रा को लेकर सावधानी बरतने की बात कही गई है। एडवाइजरी में कहा गया है कि इन इलाकों में नक्सली गतिविधियों का खतरा बना हुआ है, इसलिए अमेरिकी नागरिक जरूरी होने पर ही यात्रा करें और अपनी यात्रा की जानकारी विदेश मंत्रालय को जरूर दें।

इस सूची में छत्तीसगढ़ के अलावा पूर्वी महाराष्ट्र, उत्तरी तेलंगाना, झारखंड, बिहार, पश्चिम बंगाल, ओडिशा और मेघालय भी शामिल हैं। अमेरिकी सरकार ने अपने नागरिकों से इन राज्यों के आंतरिक और दूरदराज इलाकों में जाने से बचने की अपील की है।

इस मुद्दे पर राजनीतिक प्रतिक्रियाएं भी सामने आई हैं। पूर्व मुख्यमंत्री भूपेश बघेल ने सवाल उठाया कि यह कैसा “अमृतकाल” है, जिसमें अमेरिका भारत के राज्यों को असुरक्षित मान रहा है? उन्होंने प्रधानमंत्री मोदी पर तंज कसते हुए पूछा कि क्या यही अमेरिका से मित्रता का नतीजा है?

वहीं, छत्तीसगढ़ सरकार के मीडिया सलाहकार पंकज झा ने कांग्रेस पर पलटवार करते हुए कहा कि कांग्रेस अब अमेरिका आधारित झूठे प्रचारों पर अपनी राजनीति टिका रही है। उन्होंने आरोप लगाया कि कांग्रेस अब ट्रंप के ट्वीट गिनने तक सीमित रह गई है।

CGPSC मुख्य परीक्षा 2025: 26 जून से पांच जिलों में होगी परीक्षा, एडमिट कार्ड जारी

छत्तीसगढ़ लोक सेवा आयोग (CGPSC) ने राज्य सेवा मुख्य परीक्षा-2024 के लिए प्रवेश पत्र जारी कर दिए हैं। यह परीक्षा 26 से 29 जून 2025 तक रायपुर, बिलासपुर, दुर्ग, सरगुजा और बस्तर जिलों में आयोजित की जाएगी।

चार दिनों की इस परीक्षा में कुल पांच पेपर होंगे —

26 जून: भाषा और निबंध

27 जून: सामान्य अध्ययन पेपर 1 व 2

28 जून: सामान्य अध्ययन पेपर 3 व 4

29 जून: सामान्य अध्ययन पेपर 5

परीक्षा दो पालियों में होगी — पहली पाली सुबह 9 से 12 बजे और दूसरी पाली दोपहर 2 से 5 बजे तक।

इस भर्ती प्रक्रिया के जरिए कुल 246 पद भरे जाएंगे, जिनमें प्रशासनिक सेवा, पुलिस सेवा, वित्त सेवा, आबकारी विभाग, महिला एवं बाल विकास, समाज कल्याण, जनपद पंचायत, नायक तहसीलदार, कर निरीक्षक, जेल अधीक्षक जैसे अहम पद शामिल हैं।

उम्मीदवार आयोग की आधिकारिक वेबसाइट से एडमिट कार्ड डाउनलोड कर सकते हैं।