कोरोना संक्रमण का प्रभाव कम होने के चलते अब लोगों को कोर्ट केस में भी राहत मिली है। छत्तीसगढ़ हाईकोर्ट सहित सभी अधीनस्थ न्यायालय में 17 नवंबर से नियमित सुनवाई होगी।

हालांकि कोर्ट में मास्क और सोशल डिस्टेंसिंग के नियमों का सख्ती से पालन अनिवार्य होगा। ऐसा नहीं करने पाए जाने पर कोर्ट प्रवेश पर प्रतिबंध और कानूनी कार्रवाई होगी।

कोर्ट खुद तय करेंगे मामलों की सुनवाई

हाइकोर्ट ने आदेश दिया है, जिन क्षेत्रों को कलेक्टर कंटेनमेंट जोन या रेड जोन घोषित करें, उसकी सूचना हाईकोर्ट को देनी होगी। वहां ऑनलाइन सुनवाई होगी। सोशल डिस्टेंसिंग का पालन नियमानुसार हो सके भीड़ न‌ हो इसके लिए कोर्ट खुद प्रकरणों की सुनवाई निर्धारित करेंगे। कर्मचारी कितने लगेंगे, यह भी अधीनस्थ कोर्ट के जज तय करेंगे। डिस्टेंसिंग के लिए गोले बनाए जाएं।

हाईकोर्ट : सभी बेंच निश्चित संख्या में मामलों की सुनवाई करेंगी

हाईकोर्ट के सभी बेंच एक निश्चित संख्या में मामलों की सुनवाई करेंगे। इसके लिए बेंच निर्धारित करेंगे कि कितने मामलों की सुनवाई कर सकते हैं। अति आवश्यक मामलों की सुनवाई के लिए अधिवक्ताओं को आवेदन रजिस्ट्रार ज्युडिश्यरी के पास देना होगा, वहां से आवेदन बेंच के पास जाएगा, जहां से तय होने के बाद सुनवाई के लिए लिस्टिंग होगी।

अधीनस्थ कोर्ट : जहां 3 से कम जज, वहां हर दिन काम

नया केस प्रस्तुत हो सकेंगे। बिलासपुर, रायपुर, दुर्ग में 5 उच्च न्यायिक सेवा के अधिकारी और 7 निम्न सेवा के अधिकारी रोटेशन बेस पर काम करेंगे। जिन कोर्ट में 3 से कम जज हैं, वे हर दिन काम करेंगे। जहां संख्या 4 या अधिक है वहां 50 फीसदी उच्च व निम्न न्यायिक सेवा के अधिकारी रोटेशन में काम करेंगे। व्यवहार कोर्ट में 2 बजे तक नियमित मामलों और दिनभर जमानत, रिमांड, सुपुर्दगी सहित अन्य काम करेंगे।