सिटी न्यूज रायपुर –  बीजेपी के पूर्व पार्षद मनोज प्रजापति का निधन, कोरोना वायरस से थे संक्रमित…

रायपुर। राजधानी में कोरोना कहर बरपा रहा है। रोजाना बड़ी संख्या में पॉजिटिव केस मिल रहे हैं। मौत का ग्राफ भी थमने का नाम नहीं ले रहा है। बढ़ते कोरोना संक्रमण के मामले की  बीच मंगलवार शाम एक और दुखद जानकारी सामने आई है। नगर निगम रायपुर के शंकर नगर वार्ड के पूर्व भाजपा पार्षद व भाजापा के शहर जिला उपाध्यक्ष मनोज प्रजापति की उपचार के दौरान मौत हो गई है। मनोज प्रजापति को सांस लेने में तकलीफ के कारण 20 दिन पूर्व वी वाय अस्पताल में भर्ती करवाया गया था। जांच में मनोज प्रजापति कोरोना संक्रमित पाए गए थे। मंगलवार को उनकी मौत हो गई है। मनोज प्रजापति के निधन से भाजपा सहित राजनीतिक जगत में शोक की लहर है।

पिता ने तड़पते हुए अस्पताल में दम तोड़ दिया; बेटा सोशल मीडिया पर गुहार लगाता रहा

रायपुर, राजधानी रायपुर में कोरोना संक्रमण के चलते एक वृद्ध ने एम्स में दम तोड़ दिया। बेटे का आरोप है कि पिता की तबीयत बिगड़ती चली गई और वार्ड में उनको देखने के लिए कोई नहीं पहुंचा। इसके बाद उसके पिता की तड़प-तड़प कर मौत हो गई। सोशल मीडिया पर बेटे का यह वीडियो वायरल हो रहा है। वहीं, एम्स ने ऐसी किसी भी लापरवाही से इनकार किया है। दरअसल, रायपुर निवासी अजय जॉन के पिता के पिता की तबीयत बिगड़ने पर उन्हें 9 सितंबर को एम्स में भर्ती कराया गया था। अजय का कहना है कि उनके पिता को आइसोलेशन वार्ड में रखा गया था। जहां उनकी तबीयत लगातार बिगड़ती चली गई। आरोप लगाया कि कमरा बाहर से बंद था। उनके पिता दरवाजा पीट रहे थे, लेकिन किसी ने नहीं सुना।

पिता को आईसीयू में एडमिट नहीं करने का भी आरोप
फेसबुक पर पोस्ट वीडियो काफी भावुक कर देने वाला है। अजय का आरोप है कि उनके पिता ने सोमवार तड़के करीब 4 बजे कॉल किया। कहा कि यहां देखने वाला कोई नहीं है। इस पर वह एम्स पहुंचे। इसके बाद नर्सिंग स्टाफ अंदर गया। बताया कि पिताजी की हार्ट रेट बढ़ी है, ऑक्सीजन लेवल कम है। पिता को आईसीयू में एडमिट नहीं करने का भी आरोप लगाया। प्राइवेट अस्पताल ले जाने के लिए एंबुलेंस बुलाई, फिर भी नहीं किया रेफर
अजय का आरोप है कि पिता की हालत देखकर उन्होंने प्राइवेट अस्पताल ले जाने की बात कही। इस पर कार्डियक एंबुलेंस बुलाने को कहा गया। उन्होंने एंबुलेंस बुलाई, लेकिन रेफर करने की जगह कहा कि उनका लंग्स खराब हो गया है। उन्होंने कहा कि दो दिन बाद कह देंगे कि पिताजी नहीं रहे। अजय मुख्यमंत्री से भी गुहार लगाते रहे।

एम्स प्रबंधन ने कहा- हमने उपचार में कोई लापरवाही नहीं की
एम्स प्रबंधन का कहना है कि उपचार में कोई लापरवाही नहीं की गई है। एम्स के पीआरओ शिव शर्मा ने बताया कि उनको 9 सितंबर को एडमिट किया गया तो वह एसेप्टिमैटिक थे। इसके चलते उन्हें आइसोलेशन में रखा गया था। इसके बाद उनकी तबीयत बिगड़ी तो उन्हें आईसीयू में रखा गया, लेकिन नहीं बच सके।

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