रायपुर. छत्तीसगढ़ के एक कांग्रेस विधायक के फर्जी प्रमाण पत्र बनाने का खुलासा हुआ है. ये खुलासा किसी और ने नहीं बल्कि खुद कांग्रेस विधायक ने किया है. जिस विधायक ने फर्जी प्रमाण पत्र बनाया है वो पेशे से आंखों के डॉक्टर है और उनका नाम है डॉ विनय जायसवाल. वे वर्तमान में मनेंद्रगढ़ विधायक है.

दरअसल उन्हें पता चला कि मध्यप्रदेश में फर्जी प्रमाण पत्र (डिग्री) बनाने का खेल चल रहा है. उन्होंने फर्जी प्रमाण-पत्र बनाने वाले बिचौलियों से संपर्क किया और अपने नाम से डिप्लोमा इन कंप्यूटर एप्लीकेशन (डीसीए) का एक फर्जी प्रमाण-पत्र बनवाया. दलाल ने यह प्रमाण-पत्र सर्वपल्ली राधाकृष्णन विश्वविद्यालय भोपाल के नाम पर दिया है.IMG 20210604 112006 | City News - Chhattisgarhअब इसके बाद विधायक ने पूरे मामले की शिकायत मध्यप्रदेश के मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान से महीनों पहले की है, लेकिन इस मामले में अब तक किसी भी प्रकार की कोई कार्रवाई नहीं की गई है.IMG 20210604 111947 scaled | City News - Chhattisgarh

 विश्वविद्यालय के बैंक खाते में जमा हुए पैसे…

दरअसल इस फर्जी डिग्री बनवाने की प्रक्रिया रायपुर से शुरू हुई. आरटीआई कार्यकर्ता संजीव अग्रवाल ने डॉ विनय से फर्जी डिग्री बनने की जानकारी दी. इस पर डॉ विनय ने ऐसा संभव न होने की बात कही. जिसके बाद उन्होंने संजीव अग्रवाल से खुद के नाम पर (डॉ विनय के) डिग्री बनवाने की बात कही. इसके बाद बिचौलियों से संपर्क करने के बाद उक्त विश्वविद्यालय के यूनियन बैंक अकाउंट में पैसे ट्रांसफर किए गए. जानकारी के मुताबिक करीब 1 से 1.50 लाख रुपए इस फर्जी डिग्री को बनवाने में खर्च हुए. अब इस पूरे मामले में संजीव अग्रवाल यूजीसी से शिकायत की तैयारी कर रहे है.