Sunday, September 27, 2020
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मैराथन मीटिंग के बाद भूपेश कैबिनेट ने पुनः लॉकडाउन की विकल्प को किया ख़ारिज।

 

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रायपुर. कोरोना संक्रमण की बढ़ती रफतार के बीच सरकार ने व्यावहारिक रुख अपनाते हुए लॉकडाउन के विकल्प को ना कर दिया है। कलेक्टरों को स्थानीय परिस्थितियों के मुताबिक प्रभावित शहरों में कंटेनमेंट जोन बनाने का अधिकार दिया गया है। प्रदेश के मंत्रियों, वरिष्ठ अफसरों, संभाग आयुक्तों, आईजी, कलेक्टर, एसपी, सीएमएचओ और जिला पंचायत सीईओ के साथ समीक्षा बैठक के बाद मुख्यमंत्री भूपेश बघेल ने प्रतिबंधों से ज्यादा इंतजामों पर जोर दिया।

मुख्यमंत्री ने कोरोना के लक्षण वालों की अनिवार्य टेस्ट और उनके परिजनों- संपर्कियों को प्रॉफिलैक्टिक ड्रग किट देने का निर्देश दिया। इस किट में हाइड्रोक्सीक्लोरोक्वीन, जिंक, मल्टी विटामिन, थर्मामीटर और ऑक्सीमीटर रहेगा। इस किट में जांच और दवाओं से संबंधित दिशानिर्देश भी दिए होंगे। कम लक्षण और बिना लक्षण वाले मरीजों को होम आइसोलेशन में रखा जाएगा।

पहले से गंभीर बीमारियों से जूझ रहे लोगों को बिना देर किए अस्पताल पहुंचाया जाएगा। सांस की बीमारी से जूझ रहे लोगों का सीटी स्केन कराया जाएगा। इसके लिए निजी संस्थानों की भी मदद ली जाएगी। मुख्यमंत्री ने कहा, कोरोना की आधी लड़ाई हम सफलतापूर्वक जीत चुके हैं। अभी संक्रमण का पीक पीरियड है। ऐसी स्थिति में हमें बिना थके, बिना रूके इस लड़ाई को जीतना है।

लोगों में जागरूकता लाने के लिए स्वास्थ्य विभाग पम्पलेट, हैंडबिल के माध्यम से व्यापक प्रचार-प्रसार करे। इसमें इस बात का स्पष्ट रूप से उल्लेख होना चाहिए कि बिना लक्षण वाले एवं कम लक्षण वाले मरीजों को कौन-कौन सी दवाएं कब लेनी है और क्या एहतियात बरतना है।

इन वजहों से लॉकडाउन नहीं

आवास, परिवहन और वन मंत्री मोहम्मद अकबर ने बताया, संक्रमण की रोकथाम के लिए लॉकडाउन की चर्चा हुई थी। इसे व्यावाहारिक नहीं पाया गया। बात आई कि हवाई यातायात, रेल और अंतरराज्यीय आवागमन को राज्य सरकार रोक नहीं सकती। फिर लॉकडाउन लगाने का कोई फायदा नहीं होगा।

इन उपायों से कोरोनों को हराने की कोशिश

– लोगों, खासकर मरीजों के मन से कोरोना का खौफ दूर करना है। इसके लिए डॉक्टरों का प्रतिदिन वार्डों में जाकर मरीजों का हालचाल लेना अनिवार्य किया गया। टेलीमेडिसीन अथवा वीडियो कॉलिंग के जरिए भी मरीजों को आवश्यक परामर्श दिए जाने की व्यवस्था सुनिश्चित करनी है।

– कलेक्टरों को कोरोना के मरीजों के बेहतर उपचार के लिए जिला स्तर पर बेहतर व्यवस्था सुनिश्चित करना होगा। इसके लिए जिले के निजी अस्पतालों की सेवाएं भी ली जा सकती हैं। कम लक्षण और बिना लक्षण वाले मरीजों को होमआइसोलेशन में रखकर अस्पतालों पर दबाव कम करने की बात।
– कोरोना से संक्रमित एवं गंभीर रोगों जैसे हार्ट, किडनी, लिवर, हाई ब्लड प्रेशर, हाई शुगर आदि से पीडि़त मरीजों को अनिवार्य रूप से चिकित्सालय में भर्ती कर उनके इलाज की बेहतर व्यवस्था की जानी है।

– कोरोना के इलाज को लेकर जिलों से बड़ी संख्या में मरीजों का रायपुर आना ठीक नहीं है। गंभीर मरीजों को ही इलाज के लिए बड़े अस्पतालों में रिफर होगा।
– कलेक्टरों को कोरोना मरीजों के भोजन का बेहतर प्रबंध करना है। वार्डों एवं टॉयलेट आदि की नियमित रूप से साफ-सफाई की मॉनिटरिंग के लिए सभी सरकारी अस्पतालों के लिए एक-एक अधिकारी तैनात करने होंगे।

– स्वास्थ्य विभाग की ओर से एक ही कोरोना बुलेटिन जारी होगा। मृतकों की संख्या के साथ मृत्यु के कारण की जानकारी देनी होगी। हार्ट, किडनी, लिवर, हाई ब्लड प्रेशर, शुगर के गंभीर रोगी यदि कोरोना पीडि़त होते हैं तो इनकी मृत्यु का कारण कोरोना की वजह से हुई अथवा पूर्व की बीमारी से, यह बताया जाएगा।

प्रवासियों के आने से बढ़ा संक्रमण

वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के माध्यम से स्वास्थ्य मंत्री श्री टी.एस. सिंहदेव ने कहा कि राज्य में लॉकडाउन खुलने के बाद से कोरोना संक्रमण की स्थिति बढ़ी है, जो स्वाभाविक है। उन्होंने कहा कि आवागमन बढऩे और शादी एवं अन्य आयोजनों में लोगों के शामिल होने से संक्रमण में तेजी आई है। उन्होंने उम्मीद जताई कि स्थिति को जल्दी ही नियंत्रित कर लिया जाएगा।

प्रदेश भर में 22 हजार बेड खाली

स्वास्थ्य विभाग की अपर मुख्य सचिव रेणु जी. पिल्लै ने बताया, राज्य में कोरोना से प्रभावित मरीजों की संख्या लगभग 41 हजार है। 20 हजार स्वस्थ हो चुके हैं। अभी 20 हजार 968 एक्टिव मरीज हैं। उन्होंने बताया कि देश में कोरोना के मरीजों के मृत्यु का प्रतिशत 1.73 है, जबकि छत्तीसगढ़ में यह मात्र 0.84 प्रतिशत है। राज्य में अभी कोरोना पीडि़तों के लिए 22 हजार 606 बेड रिक्त हैं। लगभग 25 सौ लोग होम आइसोलेशन में हैं।

धमतरी : सराफा एसोसिएशन आज से १३ तक कारोबार बंद रखेगा
धमतरी. शहर में लगातार बढ़ रहे कोरोना संक्रमित मरीजोंं की संख्या को देखते हुए धमतरी सराफा एसोसिएशन ने सर्वसम्मति से 7 सितंबर से 13 सितंबर तक संपूर्ण कारोबार बंद रखने का फैसला किया है। रविवार को धमतरी सराफा एसोसिएशन की बैठक के बाद अध्यक्ष शिशिर सेठिया, महेश सोनी, राजू बछावत ने बताया कि जिले में जिस तरह से संक्रमित मरीजों की संख्या बढ़ रही है। ऐसे में यदि अब सतर्कता नहीं बरती गई, तो स्थिति बेकाबू हो जाएगी। इसलिए जनहित को देखते हुए यह निर्णय लिया गया है।

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