वैशाली नगर स्थित केनरा बैंक की एक चौंकाने वाली साइबर क्राइम घटना सामने आई है, जहां 111 म्यूल अकाउंट के जरिए करीब 87.60 करोड़ रुपये का ट्रांजेक्शन किया गया। इस मामले में बैंक के वरिष्ठ प्रबंधक परमाल सिंह सींगोदिया की शिकायत पर पुलिस ने अपराध दर्ज किया है। बताया गया कि ये ट्रांजेक्शन 1 अप्रैल 2017 से लेकर 5 अप्रैल 2025 तक चलते रहे, लेकिन इतने लंबे समय तक बैंक अधिकारियों को इसकी जानकारी नहीं हो सकी।
पुलिस ने आईटी एक्ट की धारा 317 (2), 317 (4), 318 (4), 61 (2)(ए) के तहत मामला दर्ज किया है और साइबर एक्सपर्ट्स की टीम जांच में जुट गई है। बैंक प्रबंधन ने सतर्कता बरतते हुए लगभग 22 लाख रुपये की राशि फ्रीज कर दी है, जबकि बाकी रकम खातों से निकाल ली गई।
गौरतलब है कि म्यूल अकाउंट ऐसे बैंक खाते होते हैं जिनका इस्तेमाल साइबर अपराधी अवैध पैसों को एक जगह से दूसरी जगह पहुंचाने या मनी लॉन्ड्रिंग के लिए करते हैं। ये खाते आमतौर पर किसी तीसरे व्यक्ति के नाम पर खोले जाते हैं, जो या तो इस गतिविधि से अनजान होता है या जानबूझकर इसमें शामिल होता है।
फिलहाल पुलिस मामले की गहराई से जांच कर रही है और यह जानने की कोशिश कर रही है कि इतने लंबे समय तक यह साइबर फ्रॉड कैसे जारी रहा और बैंक प्रशासन इससे अनजान कैसे रहा।