रायपुर। राजधानी में साइबर ठगों ने अलग-अलग मामलों में तीन लोगों को निशाना बनाकर लाखों रुपए ऐंठ लिए। इनमें डेंटल कॉलेज के एक प्रोफेसर से 26 लाख, एक वकील से स्कूटी सर्विसिंग के बहाने 26 हजार और एक महिला से 13 लाख रुपए हड़पे गए हैं। पुलिस ने तीनों मामलों में शिकायत दर्ज कर जांच शुरू कर दी है।
पहला मामला: प्रोफेसर से 26 लाख की ठगी
अंजोरा डेंटल कॉलेज में पदस्थ प्रोफेसर जयंत चंद्राकर ने आमानाका थाने में शिकायत दी है। उनके फेसबुक अकाउंट पर शेयर मार्केट में अधिक मुनाफा देने का विज्ञापन दिखा। लिंक पर क्लिक करते ही उन्हें एक व्हाट्सऐप ग्रुप में जोड़ लिया गया। इसके बाद एक युवती ने कॉल कर VIP मेंबरशिप और ट्रेडिंग ऐप FYERS डाउनलोड करने को कहा।
प्रोफेसर को भरोसा दिलाकर ठगों ने उनसे कई किस्तों में पैसे मंगवाए—कभी 5 हजार, कभी 60 हजार, तो कभी 13 लाख से ज्यादा। यहां तक कि उन्होंने अपनी पत्नी के अकाउंट से भी रकम ट्रांसफर की। कुल मिलाकर प्रोफेसर से 26.68 लाख रुपए वसूले गए। जब पैसे वापस नहीं मिले तो ठगी का पता चला।

दूसरा मामला: वकील से स्कूटी रिपेयरिंग के नाम पर धोखाधड़ी
सरस्वती नगर थाने में वकील आयुष अग्रवाल ने रिपोर्ट दर्ज कराई। उनके मुताबिक, 24 अगस्त को उन्हें फोन कर खुद को ओला इलेक्ट्रिक स्कूटर सर्विस सेंटर का कर्मचारी बताया गया। सामने वाले ने गाड़ी का कार्बोरेटर खराब बताकर रिपेयरिंग के लिए ऑनलाइन पेमेंट मांगा।
वकील ने पहली बार 13,500 रुपए ट्रांसफर किए। ठग ने ट्रांजेक्शन फेल होने का बहाना बनाकर दोबारा पैसे भेजने के लिए कहा। इस तरह कुल 26,700 रुपए की ठगी की गई।
तीसरा मामला: महिला से 13 लाख का फ्रॉड
तेलीबांधा थाना क्षेत्र की रहने वाली नेहा गुप्ता ने पुलिस को बताया कि 9 जून से 25 जून 2025 तक शेयर ट्रेडिंग में ज्यादा मुनाफे का झांसा देकर उनसे अलग-अलग ट्रांजेक्शन में 13.13 लाख रुपए वसूले गए।
पुलिस की अपील
तीनों मामलों में FIR दर्ज कर ली गई है। पुलिस ने लोगों को सचेत करते हुए कहा है कि किसी भी लिंक, कॉल या सोशल मीडिया मैसेज पर आंख मूंदकर भरोसा न करें। निवेश करने से पहले SEBI या RBI की वेबसाइट पर वेरिफिकेशन जरूर करें और संदिग्ध ऐप्स या वेबसाइट्स से दूरी बनाकर रखें।