रायपुर शहरवासियों के लिए राहत भरी खबर है। राज्य बनने के बाद पहली बार तेलीबांधा चौक पर नया फ्लाइओवर बनने की राह साफ हो गई है। इस बार इसे लोक निर्माण विभाग (PWD) नहीं बल्कि राष्ट्रीय राजमार्ग प्राधिकरण (NHAI) द्वारा बनाया जाएगा।
फ्लाइओवर की लंबाई, चौड़ाई और ट्रैफिक पर असर सहित सभी तकनीकी रिपोर्ट तैयार हो चुकी है। अब इसे दस्तावेजों में अंतिम रूप देने और ड्राइंग-डिजाइन तैयार करने के लिए प्रसिद्ध कंपनियों को आमंत्रित किया जा रहा है। अधिकारियों के अनुसार, इस फ्लाइओवर को 24 महीनों के भीतर पूरा करने का लक्ष्य रखा गया है।
फ्लाइओवर बनने के बाद तेलीबांधा चौक, वीआईपी तिराहा चौक और अग्रसेन धाम चौक में लगने वाला जाम कम हो जाएगा। अब लोगों को दो ट्रैफिक सिग्नल का सामना नहीं करना पड़ेगा और रोजाना लगभग 30 मिनट की समय बचत होगी। इसके अलावा, नवा रायपुर और एयरपोर्ट की ओर जाने वाले मार्ग भी सुविधाजनक बनेंगे और वीआईपी तिराहा से एयरपोर्ट जाने वाले रास्ते पर हादसों की संख्या में भी कमी आएगी।
फ्लाइओवर से जुड़े फायदे और मार्ग:
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वीआईपी तिराहा चौक पर गाड़ियों का दबाव कम होगा।
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आसपास के बड़े आबादी वाले इलाकों में ट्रैफिक जाम घटेगा।
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एक्सप्रेस-वे तक पहुंच आसान होगी।
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मरीन ड्राइव और आरंग से आने वाले वाहनों के लिए फ्लाइओवर तक प्रवेश मार्ग तय किए जाएंगे।
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फ्लाइओवर की सर्विस रोड के डिज़ाइन से ट्रैफिक बाधित नहीं होगा।
इस फ्लाइओवर को अग्रसेन धाम चौक से होटल मैरियट तक लगभग 2.9 किलोमीटर लंबा और 24 मीटर चौड़ा सिक्सलेन बनाया जाएगा। पहले यह योजना PWD ने बनाई थी, लेकिन NHAI ने इसके निर्माण और मेंटेनेंस का जिम्मा न लेने के कारण इसे नहीं मंजूर किया। इस विवाद को केंद्रीय सड़क एवं परिवहन मंत्री नितिन गड़करी और मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय की मौजूदगी में दिल्ली में सुलझाया गया। बैठक में तय हुआ कि फ्लाइओवर का निर्माण NHAI करेगी और इसका पूरा खर्च केंद्र सरकार उठाएगी।
प्रारंभिक सर्वे रिपोर्ट तैयार है और अब टेंडर जारी कर नई ड्राइंग और डिज़ाइन पर काम शुरू होगा।
— दिग्विजय सिंह, प्रोजेक्ट डायरेक्टर, रायपुर