रायपुर नगर निगम ने मंगलवार को भू-माफियाओं के खिलाफ एक और बड़ी कार्रवाई की। जोन-1 के बसंत विहार कालोनी में करीब छह हजार वर्गफीट जमीन पर बनाए गए 6 अवैध रो-हाउस को निगम की टीम ने बुलडोजर चलाकर जमींदोज कर दिया। इसी तरह जोन-5 और जोन-8 में भी नियमों को दरकिनार कर किए जा रहे निर्माणों को ध्वस्त किया गया। साथ ही, अवैध प्लॉटिंग के खिलाफ भी कार्रवाई हुई।
सूत्रों के अनुसार, बसंत विहार कालोनी में भूमाफिया अभय झा ने बिना नगर निगम की स्वीकृति और नक्शा पास कराए रो-हाउस खड़े कर दिए थे। मकान लगभग तैयार थे और इन्हें जल्द बेचने की तैयारी थी। शिकायत मिलने पर निगम और उड़नदस्ता टीम “प्रहरी” मौके पर पहुंची और जेसीबी से सभी छह रो-हाउस ढहा दिए।
जोन-8 क्षेत्र के डॉ. एपीजे अब्दुल कलाम वार्ड में भी स्वीकृति के विपरीत हो रहे निर्माण को तोड़फोड़ कर हटाया गया। कमिश्नर राजेश्वरी पटेल के निर्देश पर इंजीनियरों की टीम ने जांच कर अवैध निर्माण पर कार्रवाई की। वहीं, जोन-5 की टीम ने पासपोर्ट ऑफिस के पास बने एक अवैध मकान को भी जमींदोज किया।
इसी के साथ भाठागांव इंटकवेल इलाके में करीब दो एकड़ जमीन पर चल रही अवैध प्लॉटिंग को रोका गया। निगम ने तहसीलदार से जानकारी मांगते हुए संबंधित लोगों के खिलाफ एफआईआर दर्ज करने की प्रक्रिया शुरू की है।
नगर निगम कमिश्नर विश्वदीप ने सभी जोन कमिश्नरों को निर्देश दिए हैं कि वे लगातार क्षेत्र में अवैध निर्माणों पर नजर रखें और कार्रवाई जारी रखें।
20 दिन पहले भी हुई थी बड़ी कार्रवाई
यह पहली बार नहीं है जब निगम ने अवैध निर्माण पर बुलडोजर चलाया हो। करीब 20 दिन पहले जोन-10 की टीम ने बोरियाखुर्द में बिना स्वीकृति बनाए जा रहे 16 मकानों को ध्वस्त किया था। ये निर्माण बड़े बिल्डर पंकज लाहोटी के वालफोर्ट ग्रुप द्वारा किए जा रहे थे।
लाहोटी ने लगभग 25 एकड़ कृषि भूमि पर लेआउट और नक्शा पास कराए बिना प्लॉटिंग कर मकान बनाए थे। निगम ने इस मामले में पंकज लाहोटी, महेश धनगर और देवांगन नामक बिल्डरों के खिलाफ प्रकरण पुलिस को सौंपा था। हालांकि, अब तक पुलिस ने एफआईआर दर्ज नहीं की है। अधिकारियों का कहना है कि सभी दस्तावेज पहले ही पुलिस को दे दिए गए हैं और अब कार्रवाई करना पुलिस की जिम्मेदारी है।