रायपुरा में आयोजित प्राचार्यों की जिला स्तरीय बैठक में कलेक्टर गौरव कुमार सिंह ने बोर्ड परीक्षा के परिणामों को लेकर कड़ा रुख अपनाया। उन्होंने स्पष्ट कहा कि यदि इस बार कक्षा 10वीं और 12वीं के नतीजे संतोषजनक नहीं आते हैं तो इसकी पूरी जिम्मेदारी संबंधित विद्यालय के प्राचार्य की होगी और उनके खिलाफ विभागीय कार्रवाई की जाएगी।
कलेक्टर ने कहा कि कमजोर विद्यार्थियों को चिन्हांकित कर उनकी पढ़ाई पर विशेष ध्यान दिया जाए और आने वाले शैक्षणिक सत्र (2025-26) में बेहतर नतीजों के लिए रोडमैप तैयार किया जाए। उन्होंने प्राचार्यों को चेतावनी देते हुए कहा कि लापरवाह शिक्षकों को बख्शा नहीं जाएगा। यदि कोई शिक्षक शराब के नशे में विद्यालय आता है तो उसकी शिकायत तुरंत वरिष्ठ अधिकारियों तक पहुंचाई जाए।
बैठक में कलेक्टर ने कहा कि शिक्षक समाज को सही दिशा देने में अहम भूमिका निभाते हैं। अगर शिक्षक ही अपने आचरण में अनुशासन नहीं रखेंगे तो वे बच्चों को अच्छे संस्कार और शिक्षा कैसे दे पाएंगे।
बैठक के दौरान जिला पंचायत के मुख्य कार्यपालन अधिकारी कुमार बिश्वरंजन, जिला शिक्षा अधिकारी हिमांशु भारतीय और डीएमसी एसके पटले भी मौजूद रहे।
विभागीय योजनाओं पर जोर
जिला शिक्षा अधिकारी हिमांशु भारतीय ने सभी विकासखंड शिक्षा अधिकारियों, प्राचार्यों, बीआरसीसी और सीएसी को विभागीय योजनाओं पर गंभीरता से अमल करने के निर्देश दिए। उन्होंने मिशन उत्कर्ष, सरस्वती सायकल योजना, शिक्षकों की कमी दूर करने, स्कूल भवनों की मरम्मत और निर्माण कार्य जैसी योजनाओं को प्रभावी ढंग से लागू करने पर बल दिया।