छत्तीसगढ़ की धान प्रजातियों और कृषि अनुसंधान को समझने उज्बेकिस्तान से छात्रों का प्रतिनिधिमंडल 20 अगस्त को रायपुर आएगा। यह दल इंदिरा गांधी कृषि विश्वविद्यालय (आईजीकेवी) का दौरा करेगा, जहां उन्हें धान की किस्मों पर चल रहे शोध और पढ़ाई की प्रक्रिया की जानकारी दी जाएगी।
अंतरराष्ट्रीय सहयोग को मजबूत करने के उद्देश्य से हो रहे इस स्टूडेंट एक्सचेंज प्रोग्राम के तहत पहली बार उज्बेक छात्रों का दल छत्तीसगढ़ आ रहा है। इस प्रतिनिधिमंडल में आईसीएआर (भारतीय कृषि अनुसंधान परिषद) के अधिकारी भी शामिल होंगे। दल मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय से मुलाकात करेगा।
21 अगस्त को इंटरैक्शन सेशन
आईजीकेवी प्रशासन ने उज्बेक छात्रों और विशेषज्ञों के बीच ब्रेन स्टॉर्मिंग व इंटरैक्शन सेशन का आयोजन 21 अगस्त को किया है। इसके लिए विशेष कार्यक्रम तैयार किया जा रहा है।
आईजीकेवी-डेनाऊ इंस्टीट्यूट के बीच समझौता
हाल ही में आईजीकेवी और उज्बेकिस्तान के डेनाऊ इंस्टीट्यूट ऑफ इंटरप्रेन्योरशिप एंड पेडालॉजी (DIEP) के बीच एमओयू साइन हुआ है। इसके अंतर्गत दोनों देशों के छात्र स्नातक, स्नातकोत्तर और शोध पाठ्यक्रमों में एक-दूसरे के संस्थानों में अध्ययन कर सकेंगे। साथ ही प्रोफेसर और वैज्ञानिक भी रिसर्च और शिक्षा के लिए आपसी आदान-प्रदान करेंगे।
यह सहयोग न सिर्फ कृषि और पर्यावरण बल्कि जल संरक्षण और विज्ञान के अन्य क्षेत्रों में भी नई संभावनाएं खोलेगा।
छत्तीसगढ़ी छात्रों को भी मिलेगा अवसर
छत्तीसगढ़ से भी छात्र विदेश यात्रा पर जाएंगे। उज्बेकिस्तान के साथ-साथ उन्हें ऑस्ट्रेलिया, घाना और दक्षिण अफ्रीका के विश्वविद्यालयों का अनुभव मिलेगा। इससे छात्र आधुनिक तकनीक और वैश्विक रिसर्च पद्धतियों को करीब से समझ पाएंगे।
कुलपति का बयान
आईजीकेवी के कुलपति डॉ. गिरिश चंदेल ने कहा कि “ऐसे एक्सचेंज प्रोग्राम छात्रों और शिक्षकों के लिए नई दिशा देने वाले हैं। इससे प्रदेश के कृषि अनुसंधान और शिक्षा को अंतरराष्ट्रीय मंच पर पहचान मिलेगी।”