स्वतंत्रता दिवस से पहले पूर्व मुख्यमंत्री भूपेश बघेल ने बीजेपी और उसके नेताओं पर तीखा वार किया। उन्होंने ‘विभाजन विभीषिका स्मृति दिवस’ को लेकर कहा कि देश के बंटवारे की साजिश हिंदू महासभा और मुस्लिम लीग ने मिलकर रची थी। उनके मुताबिक, तत्कालीन हिंदू महासभा अध्यक्ष विनायक दामोदर सावरकर और मुस्लिम लीग ने अंग्रेजों की ‘फूट डालो, राज करो’ नीति का साथ दिया, जिसके परिणामस्वरूप भारत और पाकिस्तान अलग हुए।
भूपेश बघेल ने तंज कसते हुए कहा कि, “आज वही लोग तिरंगा यात्रा निकालकर देशभक्ति का प्रदर्शन कर रहे हैं, जिन्होंने 52 साल तक आरएसएस के कार्यालय में तिरंगा नहीं फहराया। उन्होंने न संविधान को माना, न तिरंगे को अपनाया, और अब सड़कों पर दिखावा कर रहे हैं।”
अमित शाह से सवाल
पूर्व सीएम ने गृह मंत्री अमित शाह को घेरते हुए पूछा, “आजादी की लड़ाई में उनका क्या योगदान था? अरुणाचल प्रदेश और मानिकपुर में हालात बिगड़े हुए हैं, वहां कब जाएंगे? देश को जवाब चाहिए कि मानिकपुर की समस्या कब हल होगी।”
वोट चोरी का मुद्दा
कांग्रेस के ‘वोट चोरी आंदोलन’ पर गृह मंत्री विजय शर्मा की टिप्पणी का जवाब देते हुए बघेल ने कहा, “जो सोया है उसे जगाया जा सकता है, लेकिन जो सोने का बहाना करे, उसे नहीं उठाया जा सकता।” उन्होंने कहा कि यहां तक कि भाजपा नेता अनुराग ठाकुर ने भी माना है कि गड़बड़ी हुई है।
बघेल ने आरोप लगाया कि जिन 17 लोगों को निर्वाचन आयोग ने मृत घोषित किया, उन्हीं ने राहुल गांधी के साथ चाय पी। उनके अनुसार, छत्तीसगढ़ के हर विधानसभा क्षेत्र में हजारों नकली वोट पाए जाएंगे।
कानून में दोहरा रवैया
बलौदाबाजार में मंत्री टंकराम के भतीजे द्वारा की गई कथित मारपीट पर उन्होंने कहा कि कानून आम जनता के लिए अलग और सत्ताधारियों के लिए अलग है। उन्होंने मांग की कि पुलिस FIR की कॉपी सार्वजनिक करे और अगर आरोपी मंत्री का भतीजा है तो उसे सामने लाया जाए।