रायपुर। समाज में शिक्षा को प्रोत्साहन, नैतिक मूल्यों का विकास और सेवा भावना को मजबूत करने के उद्देश्य से रामराज फाउंडेशन ने ‘विद्यादान महोत्सव’ की शुरुआत की है। इस पहल के तहत 11 स्कूलों के विद्यार्थियों के लिए 11 हजार से अधिक कॉपी-पेन, 1 हजार स्कूल बैग, 11 स्पोर्ट्स किट और 1 हजार सेनेटरी पैड बांटने का लक्ष्य तय किया गया है।
फाउंडेशन के सदस्य लक्ष्य ने बताया कि आधे से ज्यादा लक्ष्य पहले ही पूरे हो चुके हैं। टीम लगातार विभिन्न स्कूलों में जाकर स्टेशनरी, बैग और खेल सामग्री वितरित कर रही है। साथ ही विद्यार्थियों को श्रीमद्भगवद गीता की प्रतियां भी दी जा रही हैं ताकि वे शिक्षा के साथ आध्यात्मिक और नैतिक रूप से भी मजबूत बन सकें। इस अभियान को इस्कॉन समेत कई स्वयंसेवी संगठनों का सहयोग मिल रहा है।
संस्कार और सकारात्मकता पर जोर
फाउंडेशन की अध्यक्ष शोभा बावनकर ने कहा कि यह महोत्सव केवल सामग्री वितरण तक सीमित नहीं है, बल्कि यह एक संस्कार अभियान है। गीता जैसे ग्रंथ बच्चों में अच्छे संस्कार और सकारात्मक सोच का संचार करेंगे, जिससे वे बेहतर नागरिक बनेंगे। शिक्षा सामग्री उनके उज्ज्वल भविष्य की नींव रखेगी।
सेवा के अन्य क्षेत्र भी शामिल
शिक्षा के अलावा, फाउंडेशन स्वास्थ्य शिविरों, गरीबों को भोजन वितरण, अस्पतालों में नवजात और माताओं को पोषण सामग्री, गोशालाओं में सहयोग और ग्रामीण क्षेत्रों में महिलाओं को सेनेटरी पैड वितरण जैसे कार्य भी कर रहा है। इन गतिविधियों का उद्देश्य स्वास्थ्य, पोषण और स्वच्छता के प्रति जागरूकता फैलाना है।
हालिया कार्यक्रम में 500 छात्राओं को बैग और सामग्री
हाल ही में संत कंवरराम कन्या विद्यालय में आयोजित कार्यक्रम में 500 छात्राओं को बैग, कॉपी, पेन और स्पोर्ट्स किट दिए गए। कार्यक्रम में महापौर मीनल चौबे, पार्षद अमर गिदवानी और इस्कॉन रायपुर के तमाल कृष्णदास प्रभु उपस्थित रहे। महापौर ने छात्राओं से पढ़ाई और खेल में सक्रिय भागीदारी के साथ मोबाइल फोन से दूरी बनाए रखने की अपील की।
अब तक फाउंडेशन 65 हजार से अधिक भोजन पैकेट, 500 से अधिक स्कूल बैग और 5 हजार से ज्यादा कॉपियां जरूरतमंदों तक पहुंचा चुका है।