रायपुर, 7 अगस्त 2025।
बिरगांव नगर निगम द्वारा रावाभाठा बंजारी नगर (वार्ड क्रमांक 10) के करीब 120 परिवारों को अतिक्रमण हटाने का नोटिस जारी करने के बाद स्थानीय लोगों में जबरदस्त आक्रोश देखने को मिला। इस फैसले के खिलाफ शुक्रवार को क्रांति सेना के नेतृत्व में सैकड़ों लोगों ने नगर निगम का घेराव किया और प्रशासन के खिलाफ नारेबाजी करते हुए विरोध दर्ज कराया।

अचानक नोटिस से मचा हड़कंप
स्थानीय निवासियों का कहना है कि बिना किसी पूर्व सूचना या बातचीत के अचानक उन्हें मकान हटाने का नोटिस थमा दिया गया। कुछ लोगों ने यह भी आरोप लगाया कि उनसे नकली दस्तखत कराए गए और जबरन सहमति का झूठा दावा किया जा रहा है।
‘बरसात के बाद कार्रवाई’ का वादा था—अब मानसून में क्यों?
लोगों का कहना है कि निगम आयुक्त ने पहले भरोसा दिलाया था कि बारिश के मौसम में कोई कार्रवाई नहीं होगी। लेकिन अब भारी बरसात के बीच नोटिस जारी कर गरीबों को घर से बेदखल करने की कोशिश हो रही है, जो अमानवीय है।
उरला में फ्लैट? लोगों ने खारिज किया प्रस्ताव
नगर निगम की ओर से दावा किया गया है कि प्रभावित परिवारों को प्रधानमंत्री आवास योजना के तहत उरला इलाके में फ्लैट दिए जाएंगे। लेकिन स्थानीय निवासियों ने इस प्रस्ताव को सिरे से खारिज कर दिया है। उनका कहना है कि उरला क्षेत्र आपराधिक गतिविधियों का गढ़ बन चुका है, जहां आए दिन चोरी, नशा, झगड़े और महिलाओं के साथ छेड़छाड़ की घटनाएं होती रहती हैं।
“सुरक्षित घर छीनकर नरक में भेजा जा रहा” — स्थानीय नागरिक
प्रभावित परिवारों ने कहा कि उनके मौजूदा घरों से उन्हें जबरन हटाकर एक असुरक्षित और असुविधाजनक माहौल में भेजा जा रहा है, जो कि सरासर अन्याय है। उनका आरोप है कि सरकार गरीबों को बसाने के नाम पर उनके साथ धोखा कर रही है।
चुनावी वादे भूल गए नेता: क्रांति सेना
क्रांति सेना के नेताओं ने कहा कि चुनाव के समय जो नेता वादे कर जनता के बीच आते हैं, वे आज इस संकट की घड़ी में नदारद हैं। संगठन ने चेतावनी दी है कि यदि निगम ने मकान गिराने की कार्रवाई शुरू की, तो आंदोलन को और उग्र किया जाएगा।
नगर निगम का पक्ष
इस पूरे मामले पर नगर निगम आयुक्त ने प्रतिक्रिया देते हुए कहा कि यह अतिक्रमण हटाने की एक सामान्य प्रक्रिया है और किसी के साथ अन्याय नहीं किया जाएगा। सभी प्रभावित परिवारों के लिए वैकल्पिक आवास की पूरी व्यवस्था की जा रही है।