Home Chhattisgarh news छत्तीसगढ़ में हाफ बिजली बिल योजना में बदलाव: अब सिर्फ 100 यूनिट तक ही छूट, 1 अगस्त से लागू

छत्तीसगढ़ में हाफ बिजली बिल योजना में बदलाव: अब सिर्फ 100 यूनिट तक ही छूट, 1 अगस्त से लागू

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छत्तीसगढ़ में हाफ बिजली बिल योजना में बदलाव: अब सिर्फ 100 यूनिट तक ही छूट, 1 अगस्त से लागू

छत्तीसगढ़ सरकार ने हाफ बिजली बिल योजना में बड़ा बदलाव करते हुए इसका दायरा सीमित कर दिया है। अब इस योजना का लाभ सिर्फ उन उपभोक्ताओं को मिलेगा, जिनकी मासिक बिजली खपत 100 यूनिट या उससे कम है। पहले इस योजना के तहत 400 यूनिट तक की खपत पर 50% की रियायत मिलती थी, लेकिन अब यह सुविधा 1 अगस्त 2025 से केवल 100 यूनिट तक ही सीमित कर दी गई है।

अब किसे मिलेगा लाभ?

सरकारी आंकड़ों के अनुसार, प्रदेश में लगभग 31 लाख उपभोक्ताओं की मासिक खपत 100 यूनिट से कम है। इनमें करीब 15 लाख बीपीएल परिवार भी शामिल हैं। ऐसे में सरकार का दावा है कि जरूरतमंद और कमजोर वर्ग के उपभोक्ताओं को योजना का लाभ मिलता रहेगा।

योजना की नई शर्तें:

  • 30 यूनिट तक बिजली मुफ्त में मिलेगी (एकल बत्ती उपभोक्ताओं को)

  • 31 से 100 यूनिट तक की खपत पर 50% छूट जारी रहेगी

  • 100 यूनिट से अधिक खपत करने वालों को अब हाफ बिल योजना का लाभ नहीं मिलेगा

  • उपभोक्ता का बिजली बिल 6 महीने से अधिक बकाया नहीं होना चाहिए

बिजली दरें (प्रति यूनिट):

  • 101-200 यूनिट – ₹4.20

  • 201-400 यूनिट – ₹5.60

  • 401-600 यूनिट – ₹6.50

  • 601 यूनिट से ऊपर – ₹8.30

सरकार का तर्क

राज्य सरकार का कहना है कि इस संशोधन से केवल सीमित उपभोक्ता ही प्रभावित होंगे और करीब 70% उपभोक्ताओं पर इसका असर नहीं पड़ेगा। सरकार का उद्देश्य उपभोक्ताओं को आत्मनिर्भर बनाना है और इसी कड़ी में पीएम सूर्यघर मुफ्त बिजली योजना को भी तेजी से लागू करने की बात कही जा रही है।

इस योजना के तहत रूफटॉप सोलर सिस्टम लगाने पर उपभोक्ताओं को ₹1.08 लाख तक की सब्सिडी दी जा रही है, जिससे वे अपनी बिजली जरूरतों के लिए खुद ऊर्जा उत्पादन कर सकें।

कांग्रेस ने जताया विरोध

प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष दीपक बैज ने सरकार के इस फैसले को जनता के साथ अन्याय बताया है। उन्होंने आरोप लगाया कि इस निर्णय से बड़ी संख्या में उपभोक्ता योजना से बाहर हो जाएंगे और यह गरीबों पर सीधा प्रहार है।

निष्कर्ष

इस नए आदेश के बाद अब हाफ बिजली बिल योजना का लाभ केवल उन्हीं उपभोक्ताओं को मिलेगा जो कम से कम बिजली खर्च करते हैं। हालांकि, सरकार का कहना है कि इससे राज्य में ऊर्जा की बचत और आत्मनिर्भरता को बढ़ावा मिलेगा।