छत्तीसगढ़ की राजधानी रायपुर में अंतरराष्ट्रीय ड्रग तस्करी रैकेट का बड़ा खुलासा हुआ है। टिकरापारा थाना पुलिस और एसीसीयू (ACCU) की संयुक्त कार्रवाई में पुलिस ने 9 आरोपियों को गिरफ्तार कर एक अंतरराष्ट्रीय स्तर के ड्रग सिंडिकेट का भंडाफोड़ किया है। यह गिरोह बीते 8 महीनों से सक्रिय था और अब तक करीब 1 किलो हेरोइन रायपुर ला चुका था, जिसकी बाजार में कीमत लगभग 3 करोड़ रुपए आंकी गई है।
पुलिस ने चार चरणों में हुई सप्लाई का किया खुलासा
पुलिस जांच में सामने आया कि पाकिस्तान से मंगाई गई हेरोइन दिल्ली के जरिए रायपुर पहुंचाई जा रही थी। अब तक चार बार अलग-अलग खेप में लगभग 1 किलो हेरोइन रायपुर में सप्लाई की गई थी। हाल ही में की गई छापेमारी में पुलिस को कमल विहार क्षेत्र के एक घर से 412.87 ग्राम हेरोइन बरामद हुई।
गिरोह की कड़ियां पंजाब और दिल्ली से जुड़ीं
मुख्य आरोपी लवजीत सिंह, जो पंजाब के गुरदासपुर का रहने वाला है, इस ड्रग नेटवर्क का मास्टरमाइंड बताया जा रहा है। उसने पूछताछ में स्वीकार किया कि वह पाकिस्तान से हेरोइन मंगवाता था और दिल्ली-पंजाब के रास्ते उसे रायपुर भेजता था। उसकी मदद सुवित श्रीवास्तव और अश्वन चंद्रवंशी जैसे लोकल सहयोगी कर रहे थे। ये लोग रेलवे और ट्रेन के जरिए माल की डिलीवरी करते थे।
वर्चुअल नेटवर्क और कोड वर्ड से चल रहा था धंधा
पुलिस जांच में खुलासा हुआ है कि ड्रग्स की सप्लाई में वर्चुअल नंबर, नेट कॉलिंग और सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म्स जैसे वॉट्सऐप व टेलीग्राम का इस्तेमाल किया जा रहा था। ड्रग्स की पहचान के लिए ‘केक’, ‘चॉकलेट’ और ‘जालिम’ जैसे कोड वर्ड इस्तेमाल होते थे। होटल, पब और फार्म हाउसों में होने वाली प्राइवेट पार्टियों में यह ड्रग्स बेची जाती थी। 
खातों में 9 करोड़ का लेन-देन, 200 ग्राहकों की सूची बरामद
पुलिस ने जब आरोपियों के बैंक अकाउंट्स की जांच की, तो करीब 9 करोड़ रुपए के संदिग्ध ट्रांजेक्शन मिले। साथ ही आरोपियों के पास से 200 स्थानीय ग्राहकों की लिस्ट भी मिली है, जो इस नेटवर्क से जुड़े हो सकते हैं। इन सभी की जांच शुरू कर दी गई है और आने वाले दिनों में कई और गिरफ्तारियां संभव हैं। 
NDPS एक्ट में मामला दर्ज, कड़ी कार्रवाई के निर्देश
टिकरापारा थाने में NDPS एक्ट की धारा 21(सी) और 29 के तहत केस दर्ज कर लिया गया है। एसएसपी लाल उम्मेद सिंह ने साफ कहा है कि नशे के कारोबार से जुड़े किसी भी व्यक्ति को बख्शा नहीं जाएगा। उन्होंने जनता से अपील की है कि अगर किसी को नशा बेचने या नशा करने वालों की जानकारी है, तो पुलिस को सूचित करें। पहचान गोपनीय रखी जाएगी और नशे के शिकार लोगों को सुधारने में मदद की जाएगी।
यह कार्रवाई रायपुर में नशे के बढ़ते खतरे को रोकने की दिशा में एक अहम कदम मानी जा रही है।