Home Chhattisgarh news रायपुर के नयापारा में 100 करोड़ की वक्फ जमीन अब सरकारी, निगम को सौंपी गई

रायपुर के नयापारा में 100 करोड़ की वक्फ जमीन अब सरकारी, निगम को सौंपी गई

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रायपुर के नयापारा में 100 करोड़ की वक्फ जमीन अब सरकारी, निगम को सौंपी गई

छत्तीसगढ़ में पहली बार ऐसा हुआ है जब वक्फ बोर्ड की किसी जमीन को नगर निगम के अधीन कर दिया गया है। रायपुर के नयापारा क्षेत्र में स्थित साढ़े चार एकड़ जमीन, जिसकी अनुमानित कीमत 100 करोड़ रुपए से अधिक आंकी जा रही है, अब रायपुर नगर निगम के स्वामित्व में आ गई है।

शनिवार को तहसील अधिकारियों ने जमीन का सीमांकन पूरा कर रिपोर्ट कलेक्टर को सौंप दी। अब एक हफ्ते के भीतर इस जमीन को राजस्व रिकॉर्ड में निगम के नाम दर्ज कर दिया जाएगा। इसके बाद इस भूमि पर मौजूद दुकानों, भवनों और अन्य निर्माणों का किराया और टैक्स निगम वसूलेगा।

1920 से वक्फ बोर्ड का दावा, रिकॉर्ड में निगम का मालिकाना हक

नयापारा की खसरा नंबर 689 में स्थित 1.98 लाख वर्गफीट भूमि पर वक्फ बोर्ड का 1920-21 से कब्जा था। बोर्ड के दस्तावेजों में यह जमीन नयापारा मस्जिद कमेटी और वक्फ बोर्ड के नाम दर्ज थी। वक्फ बोर्ड ने इस पर मालिकाना हक जताते हुए कोर्ट में दावा किया था, जिसके बाद दस्तावेजों की जांच की गई।

हालांकि, तहसील रिकॉर्ड में शुरू से यह जमीन रायपुर नगर निगम और पुलिस विभाग के नाम पर दर्ज पाई गई। इसके आधार पर बोर्ड का दावा खारिज कर दिया गया।

क्या-क्या बना है इस जमीन पर?

इस भूखंड पर फजले करीम का बाड़ा, नवीन मार्केट कॉम्प्लेक्स का हिस्सा, डबरी स्कूल, कन्या शाला, उर्दू और प्राथमिक स्कूल, मैदान, सामुदायिक शौचालय, बिजली विभाग का दफ्तर, कई दुकानें और मकान बने हुए हैं।

10 साल पुराना विवाद, सभी अपीलें खारिज

यह मामला पिछले एक दशक से विभिन्न स्तरों पर चल रहा था। तहसीलदार, एसडीएम और अपर कलेक्टर कोर्ट से होता हुआ संभागायुक्त तक पहुंचा। सभी अधिकारियों ने नगर निगम के हक में फैसला सुनाया। वक्फ बोर्ड की ओर से की गई अपील को भी संभागायुक्त ने खारिज कर दिया, जिसके बाद जमीन का सीमांकन कराया गया।

अब यह स्पष्ट नहीं है कि वक्फ बोर्ड इस निर्णय को हाई कोर्ट में चुनौती देगा या नहीं।

वक्फ संपत्तियों की जांच पूरे प्रदेश में तेज

न केवल रायपुर बल्कि पूरे छत्तीसगढ़ में वक्फ बोर्ड की संपत्तियों की जांच तेज कर दी गई है। केंद्र सरकार द्वारा लागू किए गए नए वक्फ संशोधन अधिनियम के तहत अप्रैल में 10 सदस्यीय टीम रायपुर पहुंची थी, जो संपत्तियों की स्थिति, उपयोग और रखरखाव की जांच कर रही है।

रायपुर में मालवीय रोड, रहमानिया चौक, हलवाई लेन और मोवा मस्जिद के आसपास की वक्फ संपत्तियों पर अवैध कब्जे हैं, जिनमें से 22 लोगों को नोटिस भी भेजे जा चुके हैं।

500 करोड़ से अधिक की फर्जी रजिस्ट्री का खुलासा

वक्फ बोर्ड के अध्यक्ष डॉ. सलीम राज ने बताया कि राज्य में 500 करोड़ रुपए से ज्यादा मूल्य की वक्फ संपत्तियों की फर्जी रजिस्ट्रियों का पता चला है। 400 से अधिक अवैध कब्जेदारों को नोटिस दिए गए हैं और कलेक्टरों को विवादित रजिस्ट्रियों को शून्य घोषित करने के लिए पत्र भेजा गया है।

छत्तीसगढ़ में वक्फ बोर्ड की संपत्तियों की संख्या इस प्रकार है:

  • रायपुर: 832

  • बिलासपुर: 1401

  • दुर्ग: 125

  • बस्तर: 55

  • कोरबा: 44

  • राजनांदगांव: 300

  • धमतरी: 312

  • गरियाबंद: 943

  • सरगुजा: 226

  • सूरजपुर: 354

फिलहाल सर्वाधिक विवादित संपत्तियां

  • रायपुर: मालवीय रोड, रहमानिया चौक, हलवाई लेन, मोवा मस्जिद के पास

  • एक्सप्रेस-वे क्षेत्र: 12 एकड़ भूमि पर अवैध कब्जा

  • जगदलपुर: अग्रसेन चौक के पास की जमीन

इस फैसले को छत्तीसगढ़ में वक्फ संपत्तियों को लेकर जारी लंबे विवाद में एक बड़ी कार्यवाही माना जा रहा है।