बिलासपुर। शहर में सड़कों पर पालतू मवेशियों को आवारा छोड़ने वालों पर प्रशासन ने सख्ती शुरू कर दी है। नगर निगम और नगर पालिका परिषद द्वारा दो अलग-अलग मामलों में एफआईआर दर्ज कराई गई है। राजेंद्र नगर और छत्तीसगढ़ हाईकोर्ट के सामने मवेशियों के खुले घूमने की शिकायतों के बाद यह कार्रवाई की गई।

राजेंद्र नगर में संतोष यादव पर केस दर्ज
2 अगस्त को नगर निगम की ओर से चलाए जा रहे मवेशी पकड़ो अभियान के तहत सिविल लाइन थाना क्षेत्र में कार्रवाई की गई। जांच में यह पाया गया कि राजेंद्र नगर स्थित शिव मंदिर के पास छोड़ी गई दो गाय और एक बछड़ा संतोष यादव के हैं। निगम कर्मियों ने कई बार संतोष से संपर्क करने की कोशिश की, लेकिन कोई सकारात्मक जवाब नहीं मिला। इसके बाद जोन 3 के प्रभारी सहायक राजस्व अधिकारी दिनेश कौशिक की शिकायत पर पुलिस ने संतोष यादव के खिलाफ धारा 291, 285 और पशु क्रूरता निवारण अधिनियम 1960 की धाराओं में मामला दर्ज किया।
हाईकोर्ट के पास मवेशी छोड़ने पर भी एफआईआर
बोदरी नगर पालिका परिषद की सीएमओ भारती साहू ने चकरभाठा थाने में शिकायत दर्ज कराई कि बीती रात छत्तीसगढ़ हाईकोर्ट के सामने सड़क पर कई मवेशी लावारिस हालत में घूमते पाए गए। मवेशियों को टैग के आधार पर पहचान कर रहंगी गोठान भेजा गया और बहोरन यादव (सकरी) तथा लक्ष्मी प्रसाद यादव (बिरकोना) के खिलाफ एफआईआर की अनुशंसा की गई। पुलिस ने मामला दर्ज कर जांच शुरू कर दी है।
कमिश्नर की अपील: मवेशियों को बाहर न छोड़ें
नगर निगम कमिश्नर अमित कुमार ने पशुपालकों से अपील करते हुए कहा कि वे अपने पालतू मवेशियों को खुले में न छोड़ें। उन्हें अपने परिसरों में रखकर चारा-पानी की उचित व्यवस्था करें। खुले में छोड़े गए मवेशियों के कारण सड़क हादसे और ट्रैफिक जाम जैसी समस्याएं बढ़ रही हैं।
गोकुल नगर में मिला स्थान, फिर भी सड़कों पर मवेशी
शहर को मवेशी मुक्त करने के लिए निगम द्वारा गोकुल नगर में डेयरी संचालकों को प्लॉट और शेड दिए गए थे। बावजूद इसके, कई प्रभावशाली पशुपालक अब भी मोहल्लों में ही अवैध रूप से डेयरियां चला रहे हैं। प्रशासन ने चेताया है कि भविष्य में इस तरह की लापरवाही पर कड़ी कार्रवाई जारी रहेगी।
नगर निगम का अभियान जारी
आवारा मवेशियों की समस्या से निपटने के लिए नगर निगम लगातार अभियान चला रहा है। प्रशासन का कहना है कि शहर को मवेशी मुक्त बनाने के लिए जनता का सहयोग बेहद जरूरी है।