छत्तीसगढ़ के दुर्ग जिले में एक नन्ही बच्ची के साथ स्कूल में क्रूरता का मामला सामने आया है। बागडुमर स्थित मदर टेरेसा इंग्लिश मीडियम स्कूल की नर्सरी में पढ़ने वाली साढ़े तीन साल की मासूम बच्ची को सिर्फ इसलिए प्रताड़ित किया गया क्योंकि उसने प्रिंसिपल को “राधे-राधे” कहकर अभिवादन किया था।
मामला नंदिनी थाना क्षेत्र का है। आरोप है कि स्कूल की प्रिंसिपल ईला ईवन कौलविन ने पहले बच्ची को डांटा, फिर उसके मुंह पर टेप चिपका दिया और कलाई पर डंडे से मारा। बच्ची के परिजन ने बताया कि बुधवार सुबह वह रोज की तरह 7:30 बजे स्कूल गई थी और दोपहर 12:30 बजे जब घर लौटी, तो उसने रोते हुए आपबीती सुनाई।
बच्ची के पिता प्रवीण यादव ने सबसे पहले गांव की सरपंच दामिनी साहू को घटना की जानकारी दी, जिसके बाद गुरुवार को नंदिनी थाने में शिकायत दर्ज कराई गई। मामले में बजरंग दल के कार्यकर्ता भी थाने पहुंचे। पुलिस ने बीएनएस की धारा 115(2), 299 और किशोर न्याय अधिनियम 2015 की धारा 75 के तहत प्रिंसिपल के खिलाफ केस दर्ज कर उसे गिरफ्तार कर जेल भेज दिया है।
15 मिनट तक टेप चिपकाए रखा गया
सीएसपी हरीश पाटिल ने बताया कि बच्ची स्वभाव से अंतर्मुखी है और क्लास में अधिक बातचीत नहीं करती। बुधवार को जब प्रिंसिपल निरीक्षण के लिए कक्षा में गईं, तो अन्य छात्रों से बातचीत करने के बाद उन्होंने बच्ची से भी सवाल किए, लेकिन वह चुप रही। इस पर प्रिंसिपल नाराज हो गईं। बच्ची ने ‘गुड मॉर्निंग’ की जगह ‘राधे-राधे’ कहा था, जिससे प्रिंसिपल और भड़क गईं। उन्होंने पहले डंडे से कलाई पर वार किया और फिर बच्ची के मुंह पर टेप चिपका दिया।
करीब 15 मिनट तक बच्ची के मुंह पर टेप चिपका रहा, जिसे बाद में क्लास टीचर ने हटाया। प्रिंसिपल ने यह भी कहा कि “अगर ये कुछ नहीं बोलती, तो इसके मुंह पर हमेशा के लिए टेप लगा देती हूं।”
मामले की गंभीरता को देखते हुए पुलिस ने तुरंत कार्रवाई की और आरोपी को जेल भेज दिया गया है। बच्ची और उसके परिवार को न्याय दिलाने की मांग को लेकर इलाके में लोगों में आक्रोश भी देखा गया।