छत्तीसगढ़ के भिलाई में एक रिटायर्ड नर्सिंग अधिकारी के साथ हुई साइबर ठगी का बड़ा मामला सामने आया है। पद्मनाभपुर थाना क्षेत्र की रहने वाली सुभाषिनी जैस से फर्जी पुलिस अफसर बनकर 22 लाख रुपए की ठगी की गई। खुद को मुंबई क्राइम ब्रांच का अफसर बताकर आरोपी ने महिला को हवाला ट्रांजैक्शन और ‘डिजिटल अरेस्ट’ का डर दिखाया। ठगी की इस साजिश में शामिल मुख्य आरोपी अजय जुनवाला को राजस्थान से गिरफ्तार किया गया है, जबकि उसके साथी आकाश और राहुल अभी फरार हैं।
ऐसे रची गई साजिश
2 जुलाई को सुभाषिनी को एक अनजान नंबर से व्हाट्सएप कॉल आया। कॉल करने वाले ने खुद को मुंबई क्राइम ब्रांच का अधिकारी बताया और कहा कि उनके खाते में 6.80 करोड़ रुपए हवाला के ट्रांसफर हुए हैं। इसके बाद आरोपी ने महिला को डिजिटल अरेस्ट की धमकी दी और जांच में मदद करने का भरोसा देकर 1 जुलाई को RTGS के जरिए 22 लाख रुपए एक अकाउंट (100272165329) में ट्रांसफर करवा लिए।
एफडी तोड़कर दिए पैसे
ठगों के झांसे में आकर महिला ने पोस्ट ऑफिस जाकर अपनी 22 लाख रुपए की फिक्स्ड डिपॉजिट तोड़ दी। आरोपियों ने दूसरी एफडी तुड़वाने का दबाव भी डाला। इस पर महिला ने पड़ोस में रहने वाले अपनी बहन के बेटे प्रतुल दास को बुलाया, जिन्होंने बात कर मामला समझा और फौरन पुलिस को सूचना दी। समय पर कार्रवाई से कुछ राशि को होल्ड भी करवा लिया गया।
दूसरी घटना: पति-पत्नी, बेटी-दामाद ने मिलकर की 15 लाख की ठगी
इधर, सुपेला थाना क्षेत्र में भी एक ठगी का मामला सामने आया है, जहां एक परिवार ने मिलकर महिलाओं को लोन दिलाने के नाम पर धोखाधड़ी की। आरोपी नेमा गोस्वामी, ईश्वरी गोस्वामी, उनकी बेटी योगिता और दामाद भरत गोस्वामी ने महिलाओं को फायनेंस बैंक से कम ब्याज पर लोन दिलाने का झांसा दिया।
महिलाओं के नाम पर खोले खाते
इन चारों ने महिला समूहों के नाम पर बैंक खाते खुलवाए और खुद लोन लेकर रकम हड़प ली। जब महिलाओं ने पैसे लौटाने की मांग की तो आरोपी बीमारी का बहाना बनाते रहे। आखिरकार जब 15 लाख रुपए नहीं लौटाए, तब पीड़ित महिला पूर्णिमा चौहान ने 25 जुलाई को थाने में शिकायत दर्ज कराई।
पुलिस ने धारा 318(4), 3(5) बीएनएस के तहत केस दर्ज किया और पूछताछ में पूरे गैंग का भंडाफोड़ हुआ। चारों आरोपियों को गिरफ्तार कर न्यायिक हिरासत में जेल भेजा गया।
गरीब महिलाओं को बनाया निशाना
टीआई विजय यादव ने बताया कि आरोपी बेहद चालाक थे। इन्होंने गरीब, कम पढ़ी-लिखी घरेलू महिलाओं को लोन के लालच में फंसाया। जांच में सामने आया कि आरोपी इंडसइंड बैंक (अजमेर रोड, जिला ब्यावरा) के खाते का उपयोग कर रहे थे। जिन मोबाइल नंबरों से बातचीत हुई, वे आकाश और राहुल के नाम से लिए गए थे और इन्हीं नंबरों से बैंक खाते खुलवाकर ठगी की जा रही थी।
पुलिस की अपील
एसएसपी विजय अग्रवाल ने बताया कि जनता से अपील है कि अनजान नंबर से आने वाली कॉल या मैसेज से सावधान रहें। अगर किसी ठगी का शिकार हों तो तत्काल नजदीकी थाने में रिपोर्ट करें, ताकि समय रहते ट्रांजैक्शन को होल्ड करवाया जा सके।