कोयलीबेड़ा (कांकेर)। ग्राम पंचायत प्रेमनगर स्थित पीवी-122 की प्राथमिक एवं माध्यमिक शाला पूरी तरह बदहाली की शिकार है। एक ओर जर्जर भवन हादसे को दावत दे रहा है, तो दूसरी ओर शिक्षक की कमी से शिक्षा व्यवस्था पूरी तरह चरमरा चुकी है। स्कूल के अधिकांश कमरे जर्जर हो चुके हैं। छतें टपक रही हैं, प्लास्टर झड़ चुका है और कई कमरों की छत की छड़ें बाहर निकल आई हैं। हादसे की आशंका के चलते एक ही कमरे में प्राथमिक की पांच और माध्यमिक की तीन, कुल आठ कक्षाएं संचालित हो रही हैं।
प्राथमिक शाला में पदस्थ शिक्षिका सन्नो सलाम बीते तीन वर्षों से कांकेर के कोदाभाट शाला में अटैच थीं। एक माह पूर्व अटैचमेंट समाप्त कर उन्हें मूल शाला में ज्वाइन करने का आदेश जारी हुआ, लेकिन अब तक उन्होंने योगदान नहीं दिया। इससे पहले तीन साल तक स्कूल केवल एक शिक्षक के भरोसे चल रहा था। ग्रामीणों ने कई बार अटैचमेंट निरस्त करने की मांग की, लेकिन कोई कार्रवाई नहीं हुई। बीईओ देवकुमार शील ने बताया कि शिक्षिका का वेतन रोक दिया गया है।
शाला विकास समिति की अध्यक्ष जमुना साना, सरपंच रमेन मंडल और अन्य ग्रामीणों ने चेतावनी दी है कि यदि एक सप्ताह के भीतर शिक्षिका की नियुक्ति और स्कूल भवन की मरम्मत नहीं की गई, तो वे स्कूल में ताला जड़ देंगे। ग्रामीणों ने बताया कि अव्यवस्था से परेशान कई अभिभावकों ने बच्चों को निजी स्कूलों में दाखिला दिला दिया है। सरकार और शिक्षा विभाग की अनदेखी से बच्चों का भविष्य खतरे में है।