रायपुर। छत्तीसगढ़ के मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने स्टील सेक्टर से जुड़े देश-विदेश के उद्यमियों को प्रदेश में उत्पादन इकाइयां स्थापित करने का आमंत्रण दिया है। उन्होंने सोमवार को रायपुर स्थित एक होटल में आयोजित अंतरराष्ट्रीय ग्रीन स्टील और माइनिंग समिट-2025 के दौरान प्रदेश की नई औद्योगिक नीति की जानकारी देते हुए बताया कि राज्य में स्टील उद्योग की अपार संभावनाएं हैं और इसके लिए आवश्यक आधारभूत ढांचा भी तैयार किया जा चुका है।
मुख्यमंत्री ने बताया कि छत्तीसगढ़ सरकार की नई औद्योगिक नीति में स्टील क्षेत्र को विशेष प्राथमिकता दी गई है। खासकर, अगर कोई उद्यमी ग्रीन स्टील उत्पादन की दिशा में कार्य करता है, तो उसके लिए अनुदान और प्रोत्साहन की विशेष व्यवस्था की गई है। उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में देश में स्टील उत्पादन 100 मिलियन टन से बढ़कर 200 मिलियन टन हो गया है, जिसे 2030 तक 300 मिलियन टन तक पहुंचाने का लक्ष्य है। वहीं, छत्तीसगढ़ में भी उत्पादन क्षमता को 28 मिलियन टन से बढ़ाकर 35 मिलियन टन करने की दिशा में कदम उठाए जा रहे हैं।
यह समिट कॉन्फेडरेशन ऑफ इंडियन इंडस्ट्रीज (CII) द्वारा पूर्वी भारत के उद्योगपतियों के लिए आयोजित की गई थी, जिसमें पश्चिम बंगाल, ओडिशा, झारखंड, बिहार और छत्तीसगढ़ समेत पांच राज्यों के करीब 400 प्रतिनिधि शामिल हुए। इस आयोजन में अमेरिका, फिनलैंड, दक्षिण कोरिया, जर्मनी और स्वीडन जैसे देशों के प्रतिनिधि भी उपस्थित थे।
मुख्यमंत्री ने CII द्वारा आयोजित औद्योगिक प्रदर्शनी का अवलोकन भी किया। इस अवसर पर CII छत्तीसगढ़ के चेयरमैन संजय जैन, को-चेयरमैन सिद्धार्थ अग्रवाल, वाइस चेयरमैन बजरंग गोयल, मुख्य सचिव अमिताभ जैन, मुख्यमंत्री के प्रमुख सचिव सुबोध सिंह, सचिव राहुल भगत और उद्योग सचिव रजत कुमार भी मौजूद रहे।
छत्तीसगढ़ सरकार के इस प्रयास से स्टील उद्योग में नए निवेश की संभावनाएं बढ़ेंगी और राज्य में औद्योगिक विकास को नई दिशा मिलेगी।