गढधनौरा गोबरहीन/कोण्डागांव:
सावन के तीसरे सोमवार को आस्था का अद्भुत नज़ारा देखने को मिला। खुले आकाश के नीचे स्थित पवित्र और प्राचीन शिवधाम गढधनौरा गोबरहीन में विराजमान औघड़दानी भोलेनाथ के चमत्कारी शिवलिंग के दर्शन के लिए श्रद्धालुओं की भारी भीड़ उमड़ पड़ी। भक्तों ने भक्ति भाव से जलाभिषेक किया, वहीं कांवड़ यात्रा में शामिल शिवभक्तों की टोली ने पूरे उत्साह और श्रद्धा के साथ इस पवित्र स्थल की ओर रुख किया।
सिहावा से निकली कांवड़ यात्रा जैसे-जैसे आगे बढ़ती गई, रास्ते में जगह-जगह श्रद्धालुओं और स्थानीय लोगों द्वारा श्रद्धापूर्वक स्वागत किया गया। गढधनौरा गोबरहीन पहुंचने पर बजरंग दल के प्रमुख नीरज अग्निहोत्री के नेतृत्व में बजरंगियों ने भक्तों का जोरदार स्वागत किया और फूलमालाओं से उन्हें सम्मानित किया।
अंतिम सोमवार की तैयारी जोरों पर
आगामी अंतिम सावन सोमवार को जलाभिषेक की विशेष तैयारी की जा रही है। केशकाल से 2 अगस्त को बड़ी संख्या में कांवड़ यात्री रवाना होंगे। ये श्रद्धालु शनिवार को केशकाल से सिहावा पहुंचेंगे, जहां रविवार को जल भरकर यात्रा शुरू करेंगे और सोमवार को गढधनौरा गोबरहीन पहुंचकर भोलेनाथ का जलाभिषेक करेंगे।
कोण्डागांव में भी भक्ति की लहर
नगर कोण्डागांव भी इन दिनों शिवमय हो चुका है। भजन-कीर्तन, वैदिक मंत्रोच्चार और शिव आराधना का वातावरण बना हुआ है। सरस्वती शिशु मंदिर के नन्हें कांवड़ियों ने नारंगी नदी से जल भरकर कृष्ण मंदिर परिसर स्थित शिवालय में जलाभिषेक किया। वहीं वनवासी विकास समिति के तत्वावधान में ढोल-नगाड़ों के साथ जयघोष करते हुए भव्य कांवड़ यात्रा निकाली गई।
सावन के इस पवित्र महीने में श्रद्धा, भक्ति और उत्साह का अद्भुत संगम देखने को मिल रहा है, जो लोगों की शिवभक्ति की गहराई को दर्शाता है।