Home Chhattisgarh news रायपुर में रिटायर्ड क्लर्क से साइबर ठगी: खुद को CBI अफसर बताकर वीडियो कॉल के जरिए किया “डिजिटल अरेस्ट”, 14 लाख की ठगी

रायपुर में रिटायर्ड क्लर्क से साइबर ठगी: खुद को CBI अफसर बताकर वीडियो कॉल के जरिए किया “डिजिटल अरेस्ट”, 14 लाख की ठगी

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रायपुर में रिटायर्ड क्लर्क से साइबर ठगी: खुद को CBI अफसर बताकर वीडियो कॉल के जरिए किया “डिजिटल अरेस्ट”, 14 लाख की ठगी

छत्तीसगढ़ की राजधानी रायपुर से साइबर ठगी का एक हैरान कर देने वाला मामला सामने आया है। यहां कुछ ठगों ने खुद को CBI अधिकारी बताकर एक रिटायर्ड सरकारी कर्मचारी से 14 लाख रुपए ऐंठ लिए। वीडियो कॉल के जरिए बयान दर्ज कराने के नाम पर उन्होंने पीड़ित को डरा-धमकाकर यह रकम ट्रांसफर करवा ली।

यह मामला पुरानी बस्ती थाना क्षेत्र का है। पीड़ित रामेश्वर देवांगन, शिक्षा विभाग से क्लर्क पद से रिटायर हो चुके हैं। उन्होंने पुलिस को पूरी घटना की जानकारी दी है।

पहले फोन किया, फिर वीडियो कॉल और फिर फर्जी लेटर

14 जुलाई को दोपहर करीब 1:30 बजे रामेश्वर को एक अनजान नंबर से कॉल आया। फोन करने वाले ने खुद को टेलीफोन विभाग का अधिकारी बताते हुए कहा कि उनका मोबाइल नंबर कुछ समय के लिए बंद किया जा रहा है।

इसके कुछ देर बाद एक और कॉल आया, इस बार फोन करने वाले का नाम “रजनीश मिश्रा” बताया गया। कॉल वीडियो पर की गई और बातों-बातों में एक “नरेश गोयल” नामक व्यक्ति को पहचानने के लिए कहा गया।

रामेश्वर ने साफ तौर पर उस व्यक्ति को न पहचानने की बात कही, तब कॉलर ने बताया कि उस व्यक्ति के खिलाफ CBI की जांच चल रही है, और रामेश्वर को अपना बयान दर्ज करवाना होगा।

जब रामेश्वर ने सीनियर सिटिजन होने का हवाला देकर बयान देने से मना किया, तो ठगों ने कहा कि बयान ऑनलाइन दर्ज कराया जा सकता है

वॉट्सऐप पर भेजा नकली सरकारी लेटर

इसके बाद ठगों ने रामेश्वर को वॉट्सऐप पर एक फर्जी दस्तावेज भेजा, जिस पर सीबीआई का मुहर और साइन लगा हुआ था।

फिर उन्होंने कहा कि बैंक खातों की जांच के लिए पहले कुछ पैसे ट्रांसफर करने होंगे। इसी डर में आकर रामेश्वर ने 15 जुलाई को 4 लाख, 16 जुलाई को 7 लाख और 17 जुलाई को 3 लाख रुपये यानी कुल 14 लाख रुपए ठगों के बताए अकाउंट में ट्रांसफर कर दिए

गिरफ्तारी का डर दिखाते रहे, फिर नहीं लौटाए पैसे

पूरे समय वीडियो कॉल पर जुड़े रहे ठग रामेश्वर को लगातार यह कहते रहे कि यदि वह सहयोग नहीं करेंगे तो उन्हें गिरफ्तार कर लिया जाएगा

जब कई दिन बीतने के बाद भी पैसे वापस नहीं आए और कॉल्स बंद हो गईं, तब रामेश्वर को ठगी का एहसास हुआ और उन्होंने पुरानी बस्ती थाने में जाकर रिपोर्ट दर्ज कराई।

अब पुलिस बैंक ट्रांजैक्शन और कॉल डिटेल्स की जांच कर रही है और आरोपियों की तलाश जारी है।