छत्तीसगढ़ के बहुचर्चित शराब घोटाले में प्रवर्तन निदेशालय (ED) ने पूर्व मुख्यमंत्री भूपेश बघेल के बेटे चैतन्य बघेल से रिमांड पर पूछताछ शुरू कर दी है। जांच में ईडी ने दावा किया है कि चैतन्य को इस घोटाले से लगभग 16.70 करोड़ रुपए की अवैध कमाई हुई, जिसे उसने रियल एस्टेट कंपनियों के जरिए वैध दिखाने की कोशिश की।
ईडी के मुताबिक, चैतन्य ने रियल एस्टेट प्रोजेक्ट्स में विकास कार्य, ठेकेदारों को नकद भुगतान और कैश के बदले बैंक ट्रांजैक्शन करके पैसे की हेराफेरी की। साथ ही उसने त्रिलोक सिंह ढिल्लन के साथ साठगांठ करके उसकी कंपनियों का भी इस्तेमाल किया। आरोप है कि चैतन्य ने त्रिलोक के कर्मचारियों के नाम पर अपने ‘विट्ठलपुरम’ प्रोजेक्ट में फ्लैट खरीदने के बहाने 5 करोड़ रुपए लिए।
ईडी की रिपोर्ट में यह भी सामने आया है कि चैतन्य को 1000 करोड़ रुपए शराब सिंडिकेट से मिले थे, जिनका प्रबंधन अनवर ढेबर और अन्य सहयोगी करते थे। इन पैसों का कुछ हिस्सा बघेल परिवार के नजदीकी सहयोगियों के जरिए आगे निवेश में लगाया गया।
राजनीतिक विरोध: कांग्रेस करेगी चक्काजाम
चैतन्य बघेल की गिरफ्तारी के खिलाफ कांग्रेस ने मंगलवार को राज्यव्यापी चक्काजाम की घोषणा की है। दोपहर 12 से 2 बजे तक यह प्रदर्शन सभी राष्ट्रीय राजमार्गों, ज़िलों के मुख्य मार्गों और अंतरराज्यीय सीमाओं पर किया जाएगा।
ईओडब्ल्यू ने तीन और गिरफ्तारियां कीं
शराब घोटाले की जांच कर रही EOW ने तीन और आरोपियों को गिरफ्तार किया है—चार्टर्ड अकाउंटेंट संजय कुमार मिश्रा, उनके भाई मनीष मिश्रा, और अभिषेक सिंह, जो कि आबकारी घोटाले के मुख्य आरोपी अरविंद सिंह का भतीजा है। तीनों को रायपुर की विशेष अदालत में पेश किया गया, जहां से उन्हें 5 दिन की रिमांड पर भेज दिया गया है। पूछताछ 26 जुलाई तक चलेगी।