Home Chhattisgarh news हमर क्लीनिकों की बदहाल स्थिति: 52 में से 25 केंद्रों में नहीं हैं डॉक्टर, नर्स और फार्मासिस्ट ही चला रहे इलाज

हमर क्लीनिकों की बदहाल स्थिति: 52 में से 25 केंद्रों में नहीं हैं डॉक्टर, नर्स और फार्मासिस्ट ही चला रहे इलाज

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हमर क्लीनिकों की बदहाल स्थिति: 52 में से 25 केंद्रों में नहीं हैं डॉक्टर, नर्स और फार्मासिस्ट ही चला रहे इलाज

रायपुर में मोहल्ला स्तर पर स्वास्थ्य सेवाएं मुहैया कराने के लिए शुरू किए गए हमर क्लीनिक अब बदहाली की ओर बढ़ रहे हैं। शहर में 52 क्लीनिक खोले गए थे, जहां डॉक्टर, स्टाफ नर्स और अन्य कर्मचारियों सहित कुल पांच लोगों की टीम तैनात होनी थी। साथ ही, यहां 150 प्रकार की दवाइयां और कई तरह की जांच की सुविधाएं देने की योजना थी। लेकिन जमीनी हकीकत कुछ और ही है।

25 क्लीनिक डॉक्टर विहीन, कई में नहीं दवाइयां

भास्कर की टीम ने शहर के विभिन्न क्षेत्रों—त्रिमूर्ति नगर, मठपुरैना, बीरगांव, देवेंद्र नगर, श्यामनगर आदि में 10 से ज्यादा हमर क्लीनिकों की पड़ताल की। इनमें से अधिकांश जगह डॉक्टर नदारद थे। कई क्लीनिक एक छोटे कमरे में संचालित हो रहे हैं, जहां न तो शौचालय की व्यवस्था है और न ही मरीजों को लेटाकर इंजेक्शन देने की सुविधा। कुछ केंद्रों में तो टिटनेस जैसे बुनियादी इंजेक्शन भी नहीं मिल रहे।

कर्मचारी ही दे रहे इलाज और दवाइयां

कई क्लीनिकों में फार्मासिस्ट और नर्स ही मरीजों की जांच कर दवाइयां दे रहे हैं। कुछ स्थानों पर तो ग्रेड-4 कर्मचारी भी दवा वितरण में लगे हैं। देवेंद्र नगर के क्लीनिक में स्टाफ नर्स अकेली ही मरीज देख रही है और दवा भी दे रही है। यहां कोई सूचना बोर्ड तक नहीं लगा है और क्लीनिक जर्जर कमरे में संचालित हो रहा है।

भर्ती नहीं, सिस्टम पर असर

सीएमएचओ मिथिलेश चौधरी का कहना है कि फिलहाल डॉक्टरों की भर्ती बंद है, जिससे मेडिकल ऑफिसरों की भारी कमी हो गई है। जिन क्लीनिकों में संसाधन या दवाइयों की कमी है, उन्हें जांचा जा रहा है।

निष्कर्ष:
हमर क्लीनिक योजना भले ही मोहल्ले में स्वास्थ्य सेवा पहुंचाने की अच्छी पहल हो, लेकिन संचालन में भारी खामियां हैं। डॉक्टरों की कमी, संसाधनों का अभाव और स्टाफ की जिम्मेदारियों में उलझन से यह योजना अपने मकसद से भटकती नजर आ रही है।