बस्तर। शहर से लगे आसना गांव में स्थित प्रसिद्ध आसना पार्क का एक हिस्सा हाल ही में आम जनता के लिए प्रतिबंधित कर दिया गया है। यह निर्णय पार्क के एक हिस्से में हो रही अनुचित गतिविधियों और वन्य जीवों की चहलकदमी के चलते लिया गया।
पार्क की देखरेख में लगी महिला स्व-सहायता समूह की सदस्याओं के अनुसार, पार्क के एकांत हिस्से में कुछ युवक-युवतियां लगातार अनैतिक गतिविधियों में लिप्त पाए गए थे। महिलाओं ने कई बार समझाइश भी दी, लेकिन स्थिति नहीं बदली। हाल ही में पार्क में घूमने आए एक युवक पर एक युवती के साथ अनाचार का गंभीर आरोप लगा, जिसकी शिकायत बस्तर थाना में दर्ज कराई गई है।
शिकायत के बाद पुलिस ने मौके पर पहुंचकर स्थिति का जायजा लिया और महिला समूह को पार्क के उस कोने में किसी को जाने से रोकने के निर्देश दिए। इसके अतिरिक्त, महिला समूह ने बताया कि एक दिन जब एक जोड़ा वहां मौजूद था, तो एक भालू के दिखाई देने पर वे जान बचाकर भागे। इस घटना की सूचना वन विभाग को दी गई, जिसने तुरंत पार्क के उस हिस्से की तलाशी ली, हालांकि भालू नजर नहीं आया।
हालात की गंभीरता को देखते हुए वन विभाग ने उस हिस्से में आवाजाही पर रोक लगा दी है। इस क्षेत्र को कभी जनजातीय जीवनशैली को दर्शाने के उद्देश्य से विशेष रूप से विकसित किया गया था, जिस पर 50 लाख रुपए से अधिक खर्च किए गए थे।
अब यह क्षेत्र कंटीले तारों और झाड़ियों से बंद कर दिया गया है, ताकि भविष्य में कोई अप्रिय घटना न घटे और पार्क की गरिमा एवं सुरक्षा बनी रहे।