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ED ने गिरफ्तारी की:
18 जुलाई 2025 को प्रवर्तन निदेशालय (ED) ने शराब घोटाले से जुड़े मनी लॉन्ड्रिंग केस में पूर्व मुख्यमंत्री भूपेश बघेल के पुत्र चैतन्य बघेल को गिरफ्तार किया है। यह गिरफ्तारी भिलाई स्थित उनके आवास पर छापे के बाद हुई, जहाँ कथित तौर पर ₹2,100 करोड़ के घोटाले की जांच हो रही थी -
जन्मदिन पर छापा और गिरफ्तारी:
गिरफ्तारी चैतन्य बघेल के जन्मदिन पर हुई, जिससे इसमें एक खास राजनीतिक संदेश छिपे होने के आरोप लग रहे हैं ।
🎙️ भूपेश बघेल की प्रतिक्रिया:
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उन्होंने X (पूर्व में ट्विटर) पर लिखा कि ED ने “साहब” की खुशामद के लिए कार्रवाई की है। यह आरोप उन्होंने केंद्रीय नेतृत्व—प्रधानमंत्री मोदी और गृह मंत्री शाह—पर लगाया है ।
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विधानसभा सत्र के अंतिम दिन विरोध प्रदर्शन में शामिल होने की योजना को देखते हुए उन्होंने इस छापे को राजनीतिक मंशा से प्रेरित बताया ।
🔍 घोटाले की जांच का विस्तार:
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ED ने ACB/FIR के अंतर्गत ₹2,100 करोड़ से अधिक के वित्तीय अनियमितता की शुरुआत की है।
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छापे और गिरफ्तारी अक्टूबर 2019–2022 की अवधि के दौरान शराब विक्रय और राजस्व धोखाधड़ी से जुड़े हैं। इसमें कई IAS अधिकारियों और व्यापारियों के संलिप्त होने की जांच चल रही है
🧭 विश्लेषण:
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इस गिरफ्तारी ने शराब घोटाले जांच में मध्यमार्गीय राजनीतिक तूफान खड़ा कर दिया है, क्योंकि यह राज्य विधानसभा सत्र और संवेदनशील राजनीतिक मुद्दों के बीच हुई है।
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भूपेश बघेल की तीखी प्रतिक्रिया और कांग्रेस कार्यकर्ताओं का विरोध इस मामले को राजनैतिक संघर्ष की ओर ले जा रहा है, जिसके अगले कदमों—जैसे गिरफ्तारी का औपचारिक आदेश, ED की मनी ट्रेल रिपोर्ट, और कोर्ट की प्रतिक्रिया—पर निगाहें टिक गई हैं।
अगर आप इनकी अगली सुनवाई, ED द्वारा ₹205 करोड़ की संपत्ति जब्ती, या विधानसभा कार्रवाई के वास्तविक समय के अपडेट जानना चाहते हैं तो कृपया बताएं।