छत्तीसगढ़ में अब MBBS की 1980 सीटों पर ही प्रवेश मिलेगा। दरअसल, नवा रायपुर स्थित रावतपुरा सरकार प्राइवेट मेडिकल कॉलेज की मान्यता नेशनल मेडिकल कमीशन (NMC) ने रद्द कर दी है। कॉलेज को नए सत्र के लिए जीरो ईयर घोषित कर दिया गया है। इसका मतलब यह है कि इस सत्र में वहां किसी भी छात्र का दाखिला नहीं होगा। कॉलेज की 150 MBBS सीटें भी घटा दी गई हैं।
सीबीआई छापेमारी के बाद NMC ने यह कार्रवाई की है। जांच में कॉलेज प्रबंधन द्वारा आयोग के मूल्यांकनकर्ताओं को रिश्वत देने का मामला सामने आया था। इसी कारण NMC ने चार असेसर को ब्लैकलिस्ट भी कर दिया है। कॉलेज में 30 जून को टीम निरीक्षण के लिए आई थी, उस दौरान गड़बड़ियां उजागर हुईं।
अब रावतपुरा के साथ ही मध्यप्रदेश और उत्तरप्रदेश समेत देश के छह निजी मेडिकल कॉलेजों को भी जीरो ईयर घोषित किया गया है। सभी कॉलेजों के नए कोर्स और सीट बढ़ाने के प्रस्ताव भी रद्द कर दिए गए हैं। वर्ष 2025-26 के लिए वहां न तो अंडरग्रेजुएट और न ही पोस्टग्रेजुएट कोर्स की सीटें नवीनीकृत होंगी।
सीबीआई कार्रवाई के बाद एफआईआर दर्ज
रावतपुरा कॉलेज के चेयरमैन रविशंकर महाराज, डायरेक्टर अतुल तिवारी समेत कॉलेज प्रबंधन के कई लोगों और NMC टीम के प्रमुख डॉ. मंजप्पा व अन्य अधिकारियों के खिलाफ सीबीआई ने एफआईआर दर्ज की है। कॉलेज में छापेमारी के दौरान तीन असेसर और कॉलेज डायरेक्टर समेत छह लोगों को गिरफ्तार भी किया गया था। मामले में स्वास्थ्य मंत्रालय के कई अधिकारियों की मिलीभगत भी उजागर हुई है।
प्रदेश में अब 1980 सीटें, सरकारी कॉलेजों को मिली मान्यता
रावतपुरा कॉलेज के बाहर हो जाने के बाद छत्तीसगढ़ में अब कुल 1980 MBBS सीटों पर ही एडमिशन होगा। प्रदेश के 10 सरकारी मेडिकल कॉलेजों की मान्यता नवीनीकृत कर दी गई है। हालांकि निजी कॉलेजों को लेकर अभी स्थिति स्पष्ट नहीं है। चार निजी कॉलेजों की मान्यता पर फैसला आना बाकी है, जिनमें से कुछ ने सीटें बढ़ाने के लिए आवेदन भी कर रखा है। सीटें घटने से इस साल कटऑफ बढ़ने की संभावना जताई जा रही है।