हरियाणा के गुरुग्राम में हुई जूनियर इंटरनेशनल टेनिस खिलाड़ी राधिका यादव की हत्या के मामले में नया मोड़ सामने आया है। हत्या से एक दिन पहले राधिका के पिता दीपक यादव को गांव के एक व्यक्ति ने मैसेज भेजा था, जिसमें राधिका को लेकर कुछ बातें लिखी थीं। यह जानकारी पड़ोस में रहने वाली एक महिला ने दी है। उन्होंने बताया कि इस मैसेज को पढ़ने के बाद दीपक बेहद परेशान नजर आया और अगले ही दिन उसने अपनी बेटी की हत्या कर दी।
हालांकि, महिला ने मैसेज भेजने वाले व्यक्ति की पहचान उजागर करने से इनकार कर दिया और कहा कि वह इस मामले में नहीं पड़ना चाहती।

CCTV फुटेज में दिखा राधिका का भाई
मामले में एक सीसीटीवी फुटेज भी सामने आई है, जिसमें दीपक का बेटा धीरज दिखाई दे रहा है। वारदात से पहले दीपक ने धीरज को दूध लेने गांव भेजा था। फुटेज में दिख रहा है कि धीरज मोबाइल पर बात करते हुए दूध लेने पहुंचता है और जल्दी में वहां से चला जाता है। वह किसी से मिला नहीं, बस दूध लेकर चला गया।

गांव से जुड़े विवाद की आशंका
पुलिस की जांच अब इस एंगल पर भी केंद्रित है कि हत्या के पीछे गांव से जुड़ा कोई कारण है या नहीं। FIR के अनुसार दीपक को राधिका की कमाई को लेकर गांव वालों से ताने सुनने पड़ते थे, हालांकि अब तक की पूछताछ में 35 लोगों में से किसी ने भी ऐसा कुछ स्वीकार नहीं किया है।
रिपोर्टर टीम जब राधिका के पिता के पैतृक गांव वजीराबाद पहुंची, तो गांव में दीपक के बारे में चर्चाएं जरूर थीं, लेकिन ताने दिए जाने की बात को सभी ने नकार दिया।
दीपक का गांव: वजीराबाद का ‘भूत मोहल्ला’
दीपक यादव का घर गुरुग्राम के सुशांत लोक-2 में है, लेकिन उसका पैतृक गांव वजीराबाद है। गांव में यादव परिवार ‘भूत मोहल्ला’ नामक इलाके में रहता है, जहां के अधिकतर घर काफी पुराने हैं।
गांव की चौपाल पर बैठे कुछ बुजुर्गों ने बताया कि दीपक अपनी बेटी की पढ़ाई और करियर को लेकर काफी गंभीर था। उसने बेटी पर काफी पैसा खर्च किया था और उसे कभी किसी ताने की शिकायत नहीं की। एक बुजुर्ग सतीश ने कहा, “आजकल के बच्चे मां-बाप की बात नहीं सुनते, शायद कोई आपसी बात रही होगी।”

परिवार ने भी खारिज किए तानों के आरोप
दीपक के ताऊ के बेटे राजकुमार यादव और भतीजे विनोद यादव ने भी पुलिस की FIR में दर्ज ताने के आरोप को नकारा। उनका कहना है कि दीपक अगर तानों से परेशान होता, तो परिवार को जरूर बताता। उन्होंने यह भी कहा कि दीपक आर्थिक रूप से संपन्न था और उसकी बेटी की कमाई खाने की बात आधारहीन है।
दिन भर की घटनाओं का सिलसिला
राजकुमार ने बताया कि घटना से एक दिन पहले दीपक उनसे गांव में मिला था, लेकिन वह जल्दी में था और ज्यादा बात नहीं की। वहीं, विनोद ने उस घर का CCTV फुटेज दिखाया, जहां से दीपक रोज दूध लेने आता था। उस दिन उसकी जगह बेटा धीरज आया था और किसी से मिले बिना वापस चला गया।
विनोद यादव ने दी दो अहम जानकारियां:
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दीपक ने कभी तानों का जिक्र नहीं किया।
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वह बेटी के लिए हर संभव कोशिश करता था, इतने पैसे शायद ही कोई बाप खर्च करता।
निष्कर्ष:
राधिका की हत्या के मामले में गांव का एंगल अब तक पुलिस के लिए एक रहस्य बना हुआ है। तानों की पुष्टि किसी ने नहीं की, लेकिन पिता को भेजे गए संदिग्ध मैसेज ने जांच को एक नया मोड़ दे दिया है। पुलिस अब मैसेज भेजने वाले व्यक्ति की पहचान और उसके पीछे की मंशा जानने में जुटी है।