रायपुर में लगातार हो रही बारिश का असर अब सीधा आम आदमी की जेब पर दिखने लगा है। शहर में जरूरत की चीजों के दाम तेजी से बढ़ रहे हैं। एक ओर जहां घर बनाने की सामग्री जैसे रेत, ईंट और गिट्टी महंगी हो गई हैं, वहीं दूसरी ओर सब्जियों और चावल की कीमतों में भी भारी उछाल आया है।
घर बनाना पड़ा महंगा, रेत-गिट्टी के रेट उफान पर
बारिश के कारण रेत घाटों के बंद होने से रेत की आपूर्ति कम हो गई है, जिससे कीमतें बढ़ गई हैं। पहले जहां एक हाईवा रेत 10-12 हजार रुपये में मिलती थी, वहीं अब यह 15 से 16 हजार रुपये में मिल रही है। ईंट की कीमत 8.50 से 9.50 रुपये प्रति नग तक पहुंच गई है, जबकि गिट्टी भी 24 रुपये प्रति फीट तक बिक रही है।
सब्जियों के दामों में 30% तक इजाफा
राजधानी में सब्जियां अधिकतर दूसरे राज्यों से आती हैं और बारिश के चलते ट्रांसपोर्टेशन में दिक्कत और फसल खराब होने से इनके दाम बढ़ गए हैं। टमाटर, सेमी, मशरूम, शिमला मिर्च, धनिया जैसी सब्जियां महंगी हो गई हैं। सेमी 200 रुपये किलो और मशरूम 1300 रुपये किलो तक बिक रहा है।
जवा फूल चावल सबसे महंगा
खाद्यान्नों की बात करें तो सबसे ज्यादा असर चावल पर पड़ा है। जवा फूल चावल जो पहले 70 से 90 रुपये किलो बिकता था, अब 115 से 140 रुपये किलो तक पहुंच गया है। हालांकि बाकी चावल ब्रांड्स जैसे एचएमटी, श्रीराम आदि में कीमतों में मामूली उतार-चढ़ाव देखा जा रहा है।
कॉलोनियों में पानी भराव, लोगों की मुश्किलें बढ़ीं
बारिश थमने के दो-तीन दिन बाद भी कई कॉलोनियों में पानी जमा हुआ है, जिससे लोगों का घर से बाहर निकलना मुश्किल हो गया है। गलियों में कीचड़ और जलभराव से हजारों लोग परेशान हैं।
यातायात महंगा, किराये में भी वृद्धि
ऑटो, टैक्सी और बसों का किराया भी बढ़ गया है। वाहन चालक बारिश और खराब सड़कों का हवाला देकर मनमाना पैसा वसूल रहे हैं।
क्या कहते हैं विशेषज्ञ
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गिरधारी सोनवानी, अध्यक्ष रेत हाइवा संघ: “बारिश की वजह से घाट बंद हो जाते हैं, जिससे रेत की कीमत बढ़ती है। मकान बनाना वाकई महंगा हो गया है।”
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टी. श्रीनिवास रेड्डी, अध्यक्ष थोक सब्जी बाजार: “बारिश के कारण बाहर से आने वाली सब्जियों की आपूर्ति बाधित हो रही है। लोकल फसल आने के बाद ही दाम सामान्य होंगे।”
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अनाज व्यापारी: “सबसे ज्यादा असर जवा फूल चावल पर पड़ा है, बाकी दालों में ज्यादा बदलाव नहीं आया है।”