Home Chhattisgarh news Balod news तीन माह में 601 लोग बने डॉग बाइट का शिकार, बालोद में बधियाकरण योजना ठप

तीन माह में 601 लोग बने डॉग बाइट का शिकार, बालोद में बधियाकरण योजना ठप

0
तीन माह में 601 लोग बने डॉग बाइट का शिकार, बालोद में बधियाकरण योजना ठप

बालोद। शहर और ग्रामीण इलाकों में आवारा कुत्तों का आतंक लगातार बढ़ता जा रहा है। बीते तीन महीनों में जिले में 601 लोग कुत्तों के हमले का शिकार हो चुके हैं, जिनमें महिलाएं, बच्चे, बुजुर्ग और पुरुष सभी शामिल हैं। बावजूद इसके, कुत्तों की बढ़ती संख्या पर नियंत्रण के लिए कोई ठोस कदम नहीं उठाया गया है। नगर पालिका ने न तो बधियाकरण की कोई योजना बनाई है और न ही इस दिशा में कोई अभियान चलाया गया है।

बधियाकरण अभियान 8 साल से बंद
नगर पालिका द्वारा कुत्तों की नसबंदी का अभियान अंतिम बार आठ साल पहले चलाया गया था, जो अब पूरी तरह से ठप हो गया है। शहरवासी और आसपास के ग्रामीण, लगातार हो रहे डॉग अटैक से डरे और परेशान हैं।

रोज अस्पताल पहुंच रहे मरीज
श्वान के काटने से घायल लोग हर दिन सरकारी अस्पतालों में इलाज के लिए पहुंच रहे हैं। जिला अस्पताल, सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र और प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्रों में डॉग बाइट पीड़ितों का इलाज जारी है। अकेले जिला अस्पताल में अप्रैल से जून तक 42 पीड़ित पहुंचे।

  • अप्रैल: 14

  • मई: 11

  • जून: 17

शहर की सड़कें असुरक्षित
अप्रैल से जून के बीच डॉग बाइट के 601 मामले सामने आए हैं। अधिकतर हमले पैदल चल रहे लोगों या बाइक सवारों पर हुए हैं। खासकर सुबह, शाम और रात के समय कुत्ते झुंड बनाकर लोगों को दौड़ा रहे हैं। पांडेपारा, नयापारा, रेलवे कॉलोनी, टिकरापारा और लोक निर्माण कॉलोनी में स्थिति ज्यादा गंभीर है।

मछली मार्केट में अधिक भीड़भाड़
मछली और मांस की दुकानों के पास कुत्तों की संख्या अधिक देखी जा रही है। दुकानों से निकलने वाले कच्चे मांस के टुकड़ों को खाने के बाद ये कुत्ते और अधिक आक्रामक हो जाते हैं। चौक-चौराहों और बाजारों में इनका झुंड बना रहना अब आम हो गया है।

स्वास्थ्य विभाग का दावा – इंजेक्शन पर्याप्त
मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी डॉ. जेएल उइके का कहना है कि जिले के सभी अस्पतालों में एंटी रैबीज इंजेक्शन की पर्याप्त उपलब्धता है। किसी को कुत्ता काटे तो 24 घंटे के भीतर एंटी रैबीज लगवाना जरूरी है। उन्होंने बताया कि रैबीज वायरस कुत्ते की लार से फैलता है, जो काटने पर शरीर में पहुंचकर जानलेवा हो सकता है।

जल्द होगी नगर पालिका की बैठक
नगर पालिका अध्यक्ष प्रतिभा चौधरी ने स्वीकार किया कि शहर में कुत्तों की बढ़ती संख्या वाकई चिंता का विषय है। उन्होंने कहा कि जल्द ही नगर पालिका की बैठक बुलाकर इस पर ठोस निर्णय लिया जाएगा।

निष्कर्ष
शहरवासियों की सुरक्षा और स्वास्थ्य से जुड़ी यह समस्या अब गंभीर होती जा रही है। जल्द कोई उपाय नहीं किया गया तो यह संकट और भी विकराल रूप ले सकता है। नगर पालिका और प्रशासन को तत्काल कदम उठाने की जरूरत है