Home Chhattisgarh news नगर पंचायत की अनियमितताओं के खिलाफ व्यापारियों का प्रदर्शन, चार घंटे रहा नगर बंद

नगर पंचायत की अनियमितताओं के खिलाफ व्यापारियों का प्रदर्शन, चार घंटे रहा नगर बंद

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नगर पंचायत की अनियमितताओं के खिलाफ व्यापारियों का प्रदर्शन, चार घंटे रहा नगर बंद

डौंडी (बालोद) नगर पंचायत डौंडी में लगातार हो रही अनियमितताओं के विरोध में व्यापारियों ने शनिवार को बाजार पूरी तरह बंद रखा और नगर पंचायत कार्यालय के सामने धरना-प्रदर्शन किया। चार घंटे तक चले इस विरोध के बाद अपर कलेक्टर चंद्रकांत कौशिक से फोन पर मिली जांच के आश्वासन के बाद प्रदर्शन समाप्त किया गया।

व्यापारी संघ के नेतृत्व में रंगमंच चौक पर व्यापारी एकत्र हुए और नगर पंचायत के सीईओ एसके देवांगन और इंजीनियर तृप्ति कुर्रे को निलंबित करने की मांग को लेकर नारेबाजी करते हुए पूरे नगर में रैली निकाली। इसके बाद नगर पंचायत कार्यालय के सामने मुख्य मार्ग पर धरना दिया गया।

व्यापारियों की प्रमुख समस्याएं और मांगें:

  • व्यवसायिक कॉम्प्लेक्स की छतों से पानी टपकने से हो रहा व्यापारियों का नुकसान

  • आवारा मवेशियों की बढ़ती समस्या का समाधान

  • बाजार चौक में महिला शौचालय का निर्माण

  • नगर की नियमित सफाई और सब्जी मार्केट में प्रकाश की व्यवस्था

  • बस स्टैंड से जल निकासी की योजना सिर्फ कागजों तक सीमित

व्यापारी संघ के अध्यक्ष तिलक दुबे ने बताया कि 20 जून को समस्याओं को लेकर आवेदन दिया गया था, जिसमें एक सप्ताह में समाधान का आश्वासन मिला था, लेकिन कोई ठोस कार्यवाही नहीं हुई। मरम्मत कार्य के टेंडर निकलने के बावजूद अधिकारी की लापरवाही के चलते कार्य आदेश जारी नहीं हुआ, जिससे व्यापारी परेशान हैं।

अधूरी योजनाओं पर भी उठाए सवाल:

व्यापारी गिरीश सोनी और भूपेंद्र सोनी ने कहा कि “पौनी पसारी योजना” के अंतर्गत 40-50 लाख रुपये स्वीकृत हुए थे, जिससे महिला प्रसाधन, प्याऊ और चौरा निर्माण होना था। तीन साल बीतने के बावजूद कार्य अधूरा है। सोना-चांदी के व्यापारी मछली बाजार के बगल में दुकान लगाने को मजबूर हैं।

नगर की बदहाल सफाई व्यवस्था:

संघ के सचिव नंदकुमार लोन्हारे ने बताया कि नगर की सफाई व्यवस्था बदहाल है और मुख्य बाजारों में अंधेरा रहता है। स्ट्रीट लाइट लगाने का कार्य अधूरा है और अधिकतर लाइटें अब काम नहीं कर रहीं।

इन संगठनों ने किया समर्थन:

इस बंद को व्यापारी संघ के साथ किसान संघ, सरपंच संघ और एकता व्यापारी संघ का समर्थन मिला। पूरे नगर के पान ठेला, सब्जी मार्केट, किराना दुकानें और अन्य प्रतिष्ठान बंद रहे। केवल मेडिकल स्टोर और पेट्रोल पंप खुले रहे।

अंततः अपर कलेक्टर ने सात दिन के भीतर जांच कमेटी गठित करने और उसमें व्यापारी व किसान प्रतिनिधियों को शामिल करने का आश्वासन दिया, जिसके बाद धरना समाप्त किया गया।