छत्तीसगढ़ के तकनीकी शिक्षा क्षेत्र के लिए एक ऐतिहासिक क्षण आ रहा है, जब पहली बार गूगल, माइक्रोसॉफ्ट और आईबीएम जैसी वैश्विक टेक कंपनियां यहां के इंजीनियरिंग छात्रों को प्लेसमेंट देने आ रही हैं। ये दिग्गज कंपनियां भिलाई स्थित रूंगटा इंटरनेशनल स्किल्स यूनिवर्सिटी में कैंपस ड्राइव आयोजित करेंगी। इस पहल के तहत यूनिवर्सिटी ने इन कंपनियों के साथ समझौता (MoU) किया है।
48 नई कंपनियों के साथ करार
रूंगटा यूनिवर्सिटी की ट्रेनिंग और प्लेसमेंट सेल ने प्लेसमेंट के नए अवसर पैदा करने के लिए 48 अतिरिक्त कंपनियों से एमओयू साइन किए हैं। इनमें SAP, ईफीगो, कौरो हेल्थ, नोबडी टेक्नोलॉजी, नैकटेक और राइनेक्स टेक्नोलॉजी जैसी उभरती टेक कंपनियां भी शामिल हैं। पहले से 196 कंपनियों से हुए समझौते को मिलाकर अब कुल 211 कंपनियों का नेटवर्क छात्रों को करियर के बेहतरीन मौके उपलब्ध कराएगा।
स्टूडेंट्स को ट्रेन कर परखेंगी कंपनियां
समझौते के तहत कंपनियां पहले छात्रों को विशेष ट्रेनिंग देकर उन्हें इंडस्ट्री के लिए तैयार करेंगी, फिर एचआर टीम कैंपस में आकर छात्रों का मूल्यांकन करेगी। इससे छात्रों को बड़ी कंपनियों में जॉब पाने का सुनहरा अवसर मिलेगा।
रूंगटा को TCS ने दिया ‘प्रायोरिटी सेंटर’ का दर्जा
टाटा कंसल्टेंसी सर्विसेज (TCS) ने रूंगटा इंटरनेशनल यूनिवर्सिटी को प्रीमियम इंस्टीट्यूट का दर्जा दिया है और उसे प्रायोरिटी सेंटर घोषित किया है। यह दर्जा केवल मध्य भारत के चुनिंदा संस्थानों को ही मिलता है।
रिकॉर्ड प्लेसमेंट: 37 लाख तक का पैकेज
रूंगटा आर-1 कैंपस में हाल ही में हुए प्लेसमेंट ड्राइव में 2340 छात्रों को भारत और विदेश की प्रमुख कंपनियों में नौकरी मिली है। इनमें तीन छात्रों को SAP लैब्स ने 37 लाख रुपए के सालाना पैकेज पर जॉब ऑफर की है। साथ ही, 60 छात्रों को 12 लाख सालाना की नौकरी और 2000 से अधिक छात्रों को 6.4 लाख सालाना से ऊपर के पैकेज मिले हैं।
निष्कर्ष:
छत्तीसगढ़ के छात्रों के लिए यह एक नया युग साबित हो सकता है, जहां अब ग्लोबल कंपनियां राज्य में ही आकर टैलेंट को पहचानेंगी और अवसर देंगी। रूंगटा यूनिवर्सिटी इस बदलाव का केंद्र बनकर उभर रही है