Home Chhattisgarh news दुर्ग में अंडरब्रिज बना रोजगार पर संकट: थनौद गांव की 20 फीट ऊंची मूर्तियां 13 फीट ऊंचे ब्रिज से नहीं निकल पाएंगी, मूर्तिकारों की आजीविका पर खतरा

दुर्ग में अंडरब्रिज बना रोजगार पर संकट: थनौद गांव की 20 फीट ऊंची मूर्तियां 13 फीट ऊंचे ब्रिज से नहीं निकल पाएंगी, मूर्तिकारों की आजीविका पर खतरा

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दुर्ग में अंडरब्रिज बना रोजगार पर संकट: थनौद गांव की 20 फीट ऊंची मूर्तियां 13 फीट ऊंचे ब्रिज से नहीं निकल पाएंगी, मूर्तिकारों की आजीविका पर खतरा

छत्तीसगढ़ के दुर्ग जिले में भारतमाला परियोजना के तहत बन रहे दुर्ग-आरंग एक्सप्रेसवे का निर्माण एक पारंपरिक कला और सैकड़ों परिवारों के जीवन यापन के लिए खतरा बनता जा रहा है। थनौद गांव के मूर्तिकारों ने अंडरब्रिज की कम ऊंचाई पर गहरी चिंता जताई है। उनका कहना है कि आने वाले वर्षों में यह ब्रिज उनके व्यवसाय की राह में दीवार बन जाएगा।

13 फीट ऊंचा ब्रिज, 20 फीट ऊंची मूर्तियां – कैसे निकलेंगी?

थनौद गांव शिवनाथ नदी के किनारे स्थित है और दशकों से अपनी विशालकाय मिट्टी की मूर्तियों के लिए प्रसिद्ध रहा है। यहां के कारीगर पिछले 50 वर्षों से बड़ी मूर्तियां बनाकर उन्हें छत्तीसगढ़ के अलावा महाराष्ट्र, झारखंड, तेलंगाना और मध्यप्रदेश जैसे राज्यों तक भेजते हैं।

अब स्थिति यह है कि दुर्ग-आरंग सिक्स लेन एक्सप्रेसवे में बनाए जा रहे अंडरब्रिज में से दो की ऊंचाई सिर्फ 4 मीटर (लगभग 13 फीट) रखी गई है। जबकि यहां बनने वाली गणेश, दुर्गा और अन्य देवी-देवताओं की मूर्तियां 15 से 20 फीट तक ऊंची होती हैं। इससे मूर्तियों का बाहर भेजना नामुमकिन हो जाएगा।

कारीगरों का दर्द: परंपरा और व्यवसाय दोनों संकट में

स्थानीय मूर्तिकार शिव कुमार, बालम दास, गिरधर और राधे चक्रधारी का कहना है कि अगर रास्ता बंद हो गया तो न सिर्फ उनकी कला बंद हो जाएगी, बल्कि उनकी जीविका भी छिन जाएगी। अभी तो निर्माण पूरा नहीं हुआ है, इसलिए मूर्तियां जैसे-तैसे निकल रही हैं, लेकिन अगले साल से रास्ता पूरी तरह बाधित हो जाएगा।

ग्रामीणों और जनप्रतिनिधियों ने जताया विरोध

मूर्तिकारों के साथ-साथ गांव के किसान, सरपंच, जनपद सदस्य और जिला पंचायत प्रतिनिधियों ने कलेक्टर, विधायक और सांसद से इस विषय पर हस्तक्षेप की अपील की है। पूर्व गृह मंत्री ताम्रध्वज साहू ने भी इसे गंभीर मुद्दा मानते हुए तत्काल समाधान की मांग की है।

प्रशासन और सांसद ने दिलाया भरोसा

दुर्ग सांसद विजय बघेल ने बताया कि “मूर्तिकारों की समस्या मेरे संज्ञान में आई थी, जिस पर मैंने तुरंत NHAI से चर्चा की है। अंडरब्रिज की ऊंचाई बढ़ाने के निर्देश दिए गए हैं।”

वहीं, दुर्ग कलेक्टर अभिजीत सिंह ने कहा, “ग्रामीणों की ओर से दिए गए आवेदन पर NHAI को अवगत करा दिया गया है और जैसे ही उच्चस्तरीय अनुमति प्राप्त होगी, आवश्यक कार्रवाई की जाएगी।”

मूर्तिकारों की प्रमुख मांगें

  • अंडरब्रिज की ऊंचाई कम से कम 20 फीट की जाए।

  • वैकल्पिक मार्ग या संशोधित डिजाइन तैयार किया जाए।

  • पारंपरिक मूर्तिकला को संरक्षण और समर्थन मिले, जिससे स्थानीय रोजगार बचा रहे।