झारखंड के गढ़वा और छत्तीसगढ़ के अंबिकापुर के बीच सड़क संपर्क को बेहतर बनाने की दिशा में एक अहम कदम उठाया गया है। केंद्रीय सड़क परिवहन एवं राजमार्ग मंत्री नितिन गडकरी ने घोषणा की है कि गढ़वा से अंबिकापुर तक 160 किलोमीटर लंबी फोरलेन सड़क का निर्माण किया जाएगा। यह परियोजना करीब 450 करोड़ रुपये की लागत से पूरी की जाएगी।
110 किलोमीटर हिस्सा छत्तीसगढ़ में होगा
यह सड़क अंबिकापुर-रामानुजगंज-गढ़वा राष्ट्रीय राजमार्ग क्रमांक 43 पर विकसित की जाएगी। इसमें से 110 किलोमीटर का हिस्सा छत्तीसगढ़ में आता है, जबकि शेष 50 किलोमीटर झारखंड राज्य में स्थित है। पहले ही अंबिकापुर से रामानुजगंज तक दो लेन सड़क निर्माण के लिए लगभग 500 करोड़ रुपये स्वीकृत हो चुके हैं। टेंडर प्रक्रिया पूरी हो चुकी है और ठेकेदारों से अनुबंध भी कर लिया गया है। साथ ही, पेड़ों की कटाई का कार्य भी पूरा कर लिया गया है।
मानसून के बाद शुरू होगा निर्माण कार्य
अब इस मार्ग को फोरलेन में विकसित करने की मंजूरी मिल चुकी है। निर्माण कार्य वर्षा समाप्त होने के बाद शुरू किया जाएगा। इससे दोनों राज्यों के बीच यातायात और व्यापार में तेजी आएगी। साथ ही, झारखंड और बिहार से छत्तीसगढ़ के सामाजिक और सांस्कृतिक रिश्तों को भी मजबूती मिलेगी।
खस्ताहाल हो चुकी है मौजूदा सड़क
फिलहाल अंबिकापुर से रामानुजगंज तक की सड़क की हालत बेहद खराब हो चुकी है। जगह-जगह गड्ढे हैं और पुल-पुलियों की स्थिति भी चिंताजनक है, जिससे यात्रा करना काफी कठिन हो गया है।
हर दिन होती है भारी आवाजाही
रोजाना रायपुर, बिलासपुर, दुर्ग, कोरबा, रायगढ़ और अंबिकापुर से करीब 60 से अधिक बसें झारखंड और बिहार के प्रमुख शहरों—गया, पटना, रांची, औरंगाबाद, सासाराम, डाल्टनगंज और गढ़वा—के लिए चलती हैं। इसके अलावा निजी वाहनों की संख्या भी काफी अधिक है। इन राज्यों के हजारों लोग रोजाना आना-जाना करते हैं, जिनके लिए यह सड़क जीवनरेखा जैसी है।