Home Chhattisgarh news तनाव प्रबंधन सेमिनार में सकारात्मक सोच और डिजिटल डिटॉक्स की दी सीख

तनाव प्रबंधन सेमिनार में सकारात्मक सोच और डिजिटल डिटॉक्स की दी सीख

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तनाव प्रबंधन सेमिनार में सकारात्मक सोच और डिजिटल डिटॉक्स की दी सीख

रायपुर | राष्ट्रीय प्रौद्योगिकी संस्थान (NIT) रायपुर के मानविकी एवं सामाजिक विज्ञान विभाग की ओर से आयोजित तीन दिवसीय सेमिनार ‘मन की बात’ का समापन हो गया। यह आयोजन तनाव प्रबंधन को लेकर था, जिसमें फैकल्टी, स्टाफ और छात्रों ने उत्साहपूर्वक भाग लिया।

मुख्य वक्ता और संस्थान की काउंसलर हीना चावड़ा ने प्रतिभागियों को वर्तमान में जीने की अहमियत समझाई। उन्होंने बताया कि अतीत की चिंता और भविष्य की अनिश्चितता से बाहर निकलकर कैसे व्यक्ति मानसिक शांति पा सकता है। उन्होंने ‘जाने दो ध्यान’ और ‘पॉजिटिव अफर्मेशन’ जैसी विधियों के ज़रिए नकारात्मक सोच को सकारात्मकता में बदलने की तकनीकें सिखाईं।

सेमिनार के मुख्य अतिथि समीर बाजपेयी ने कहा, “अगर मन हार जाए तो जीवन की लड़ाई हारना तय है, लेकिन अगर मन मजबूत हो तो हर चुनौती आसान हो जाती है।” उन्होंने सोशल मीडिया की लत और उसके दुष्प्रभावों पर भी चिंता जताई। साथ ही, डिजिटल डिटॉक्स, परिवार के साथ समय बिताने और जीवन में मूल्यों को अपनाने पर ज़ोर दिया।

यह आयोजन प्रतिभागियों के लिए मानसिक शांति और संतुलित जीवन जीने की प्रेरणा बनकर सामने आया।